रेप के आरोपी धर्मवीर भदौरिया के खिलाफ युवती ने दिये 164 के बयान
ग्वालियर । सीरियल रेप के मामले में ग्वालियर की सेंट्रल जेल में बैठे ग्वालियर के उद्योगपति और मॉर्डन ब्रेड – अनमोल आटा के मालिक धर्मवीर सिंह भदौरिया की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं । पुलिस धर्मवीर के पुराने खातों पर चढ गई धूल पोंछने लगी है और ताजा मामलों में कार्रवाई को रफ्तार देने लगी है । धर्मवीर सिंह के खिलाफ महिला थाना और गोला का मंदिर थाना में चार दिन के अंतराल में रेप के दो मामले दर्ज किए गए थे और इन दोनों ही मामलों में पुलिस ने फरियादी के 164 के तहत तहत बयान करवा दिए हैं ।
क्या है 164 के बयान
महिला थाना प्रभारी शैलजा गुप्ता और गोला का मंदिर थाना प्रभारी विनय शर्मा ने बताया कि उनके थानों में जो केस धर्मवीर सिंह के खिलाफ दर्ज हुए हैं उनमें फरियादी के 164 के बयान करवा दिए गए हैं । 164 के बयान कोर्ट में होते हैं । इसमें कोई जिरह नहीं होती । बंद कमरे में यह बयान होते हैं और एफआईआर दर्ज करवाने वाली युवती को जो भी कहना होता है वह कोर्ट में कहती है । इस वक्त कोर्ट में सिर्फ मजिस्ट्रेट और उनका स्टेनो ही रहता क्या हैं 164 है । फरियादी की एक – एक बात को स्टेनो दर्ज करता है । यही 164 के बयान होते हैं और इन्हें बेहद अहम गवाही के रूप में माना जाता है । 164 के बयान चूंकि कोर्ट में दर्ज होते हैं , इसलिए ऐसा होने के बाद फरियादी के पलटने की संभावना भी खत्म हो जाती है । रेप और पॉस्को एक्ट जिन मामलों में लगाया जाता है उनमें पुलिस 164 के तहत बयान दर्ज करवाती है । पॉस्को एक्ट के मामलों को लेकर कोर्ट भी गंभीर रहती है और ऐसे मामलों की फटाफट सुनवाई भी होती है । बता दें गोला का मंदिर थाने में धर्मवीर सिंह के खिलाफ जो केस दर्ज किया गया है , उसमें पॉस्को एक्ट भी लगा है । नाबालिग से रेप में पॉस्को एक्ट लगाया जाता है ।
हथियार का लाइसेंस रद्द करने चला कागज
वहीं धर्मवीर सिंह के पास जो हथियार का लाइसेंस है उसे भी रद्द करने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है । धर्मवीर सिंह का निवास गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में है और इस थाने के प्रभारी विनय शर्मा ने बताया कि लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए हम कागजी कार्रवाई आला अफसरों की ओर भेज रहे हैं ।
झड़ने लगी धूल
एक जो नई जानकारी निकलकर सामने आई है उससे पता चला है कि माधौगंज थाने में भी धर्मवीर सिंह के खिलाफ 354 का केस दर्ज हुआ था । पुलिस ने कहा कि इस मामले को भी दिखावाया जा रहा है । उसका स्टेटस जानने के लिए केस डायरी निकलवाई जा रही है और पता लगाया जा रहा कि यदि उस केस डायरी को दबा दिया गया था तो आखिर ऐसी क्या वजह थी उस पर धूल चढ़ने दी गई।

