सिंधिया को बेशर्म के फूल की माला देने वाले सचिन द्विवेदी सहित 7 पर एफआईआर
ग्वालियर. पुलिस ने राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का रास्ता रोककर उनको बेशर्म के फूल और धिक्कार पत्र देने वाले एनएसयूआई के नेताओं समेत 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गयी है। एफआईआर में साफ लिखा गया है कि कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया है। एनएसयूआई नेताओं ने एक साथ खड़े होकर रूल ऑफ सिक्स ( एक स्थान पर 6 से अधिक वयक्ति एक साथ खड़े नहीं हो सकते) नियम का उल्लघंन किया है।
एनएसयूआई के नेशनल को ऑर्डिनेटर सचिन द्विवेदी सहित 11 लोगों पर मामला दज्र किया गया है। जबकि 2 दिन पहले भाजपा नेता सिंधिया के मंच पर रूल ऑफ सिक्स सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ी थी। उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ है न विपक्ष ने इस मामले में कोई शिकायत की है, न ही पुलिस ने स्वयं संज्ञान लिया है।
यह है पूरा मामला
शनिवार सुबह जैसे ही राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी कार से सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली के लिए रवाना हुए। तभी गोला का मंदिर चौराहा फुट ओवरब्रिज पर NSUI नेता सचिन द्विवेदी, वंश माहेश्वरी, सचिन भदौरिया और यतेन्द्र दौहरे के अलावा 6 से 7 दूसरे सदस्यों ने सिंधिया की कार आते ही उन्हें घेर लिया। अचानक लोगों के सामने आने पर सिंधिया ने गाड़ी का शीशा नीचे किया तो NSUI नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। NSUI नेता सचिन ने सिंधिया को बेशरम के फूल और धिक्कार पत्र सौंपा। पत्र की भाषा पढ़कर सिंधिया का चेहरा लाल पड़ गया और वह कार का कांच चढ़ाकर आगे निकल गए। पत्र में लिखा था कि कोविड संक्रमण से जब लोग मर रहे थे, तब आप कहां थे। जैसे ही संक्रमण काबू में आया और अनलॉक हुआ तो आप आपदा में राजनीति करने आ गए।
इन पर हुई एफआईआर
सिंधिया का रास्ता रोकने वाले एनएसयूआई के नेताओं के खिलाफ किसी ने शिकायत नहीं की है। बल्कि टीआई गोला का मंदिर थाना विनय शर्मा ने स्वयं मामले को संज्ञान में लिया है और साथ ही एफआईआर में लिखा है कि सिंधिया के गुजरते समय गोला का मंदिर पर प्वाइंट लगाया था। वहां पर एनएसयूआई के नेता सचिन और अन्य ने आकर सिंधिया के वाहन के सामने नारेबाजीकर हंगामा किया, अभी कोविड के लिये गाइडलाइन जारी है। उन्होंने न तो सोशल डिस्टेंस रखा और न ही रूल ऑफ सिक्स के नियम का पालन किया। इस वजह से आपदा अधिनियम के तहत एनएसयूआई नेता सचिन द्विवेदी, वंश महेश्वरी, यतेन्द्र दौहरे, सचिन भदोरिया समेत 6 से 7 अन्य पर मामला दर्ज किया गया है।

