सीएम शिवराज व वीडी शर्मा ने सिंधिया की बात नहीं मानी सिर्फ आश्वासन दिया, अब दिल्ली हाईकमान तय करेगा निगम-मंडलों में किसे जगह मिलेगी
भोपाल. ज्योतिरादित्य सिंधिया 3 दिन के माध्यप्रदेश दौरे के बाद शनिवार की सुबह ग्वालियर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। भोपाल में उन्होंने अपने समर्थकों को निगम-मंडलों में जगह दिलाने के लिए सीएम शिवराज सिंह और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से बंद कमरों में अलग-अलग बैठक की। इसका कोई नतीजा नहीं निकला क्योंकि प्रदेश में निगम-मंडलों में किसकी नियुक्ति होगी यह दिल्ली हाईकमान को ही तय करना है। सिंधिया के इस दौरे से ग्वालियर-चंबल की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखा।
पार्टी जानकारों का कहना है कि सिंधिया चाहते हैं कि मोदी कैबिनेट के विस्तार से पहले उनके समर्थकों को सरकार के विभिन्न राजनीतिक पदों पर एडजस्ट किया जाए। जिस तरह प्रद्युम्न सिंह लोधी एवं राहुल लोधी को निगमों की कमान दी गई उसी तरह उपचुनाव हारे पूर्व मंत्रियों इमरती देवी, गिर्राज दंडोतिया सहित कम से कम 4 नेताओं को निगम-मंडल में जगह मिले और इसके साथ ही जो कांग्रेस में पदाधिकारी थे उन्हें भाजपा संगठन में पद मिलना चाहिए।
पार्टी ने सिंधिया के भोपाल प्रवास से 12 घंटे पहले प्रदेश कार्यसमिति में सिंधिया की मंशा के अनुसार उनके समर्थकों को जगह देकर उनके दौरे को सार्थक साबित करने की कोशिश की लेकिन निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए प्रदेश संगठन ने हाथ खड़े कर दिए हालांकि प्रदेश नेतृत्व को उम्मीद नहीं थी कि प्रदेश कार्यसमिति में अधिकतर समर्थकों को जगह देने के बाद सिंधिया इस तरह दबाव बरकरार रखेंगे।

