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चंबल व नर्मदा एक्सप्रेस-वे के लिए ज्यादा से ज्यादा शासकीय भूमि का उपयोग करें- सीएम

भोपाल. चंबल अटल प्रोग्रेस-वे और नर्मदा एक्सप्रेस-वे प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। रोजगार के साथ औद्योगिक विकास तेजी के साथ होगा इसके मद्देनजर दोनों परियोजनाओं पर तेजी के साथ काम किया जाए। भूमि के बदले में भूमि देने को प्राथमिकता दी जाए। ज्यादा से ज्यादा शासकीय भूमि का उपयोग परियोजनाओं के लिए हो इसकी रणनीति बनाई जाए। योजना के काम में तेजी लाने के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित मामलों को गति देने के लिए चर्चा करेंगे। यह बात सीएम शिवराज सिंह ने मंत्रालय में दोनों सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कही। सीएम ने बताया कि नर्मदा और चंबल एक्सप्रेस-वे से न सिर्फ नगरीय क्षेत्रों का विकास होगा बल्कि दूरगामी निवेश भी होगा। सड़क के दोनों ओर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। रोजगार के अवसर पैदा होंगे, परियोजनाओं को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण तेजी के साथ पूरा किया जाए। शासकीय भूमि का अधिक से अधिक उपयोग होना चाहिए, निजी भूमि अधिग्रहण की स्थिति में भूमि के बदले भूमि देने को प्राथमिकता दी जाए। अटल प्रोगेस-वे के निर्माण में घडि़याल अभयारण्य को सुरक्षित रखा जाए। बैठक में बताया गया कि अटल प्रोग्रेस-वे भिंड, मुरैना और श्योपुर जिले से गुजरेगा। भिंड में लॉजिस्टिक हब, मुरैना में मल्टी प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने और श्योपुर में कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना है।
6742 करोड़ की है अटल प्रोग्रेस-वे परियोजना
बैठक में बताया गया कि अटल प्रोग्रेस-वे की अनुमानित लागत 6742 करोड़ रुपये है। 312 किलोमीटर लंबा यह मार्ग श्योपुर, भिंड और मुरैना के 153 गांव से गुजरेगा। परियोजना के लिए 3055 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें 1523 हेक्टेयर भूमि शासकीय, 1248 हेक्टेयर भूमि निजी और 284 हेक्टेयर वन भूमि है। वन भूमि को लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है जबकि निजी भूमि आपसी सहमति के आधार पर लेने के प्रयास किए जा रहे है। परियोजना को भारत माला परियोजना में शामिल करने के प्रस्ताव को भारतीय सड़क विकास प्राधिकरण की अनुमति मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना जारी होना बाकी है।
1000 किलोमीटर लंबा रहेगा नर्मदा एक्सप्रेस-वे
बैठक में बताया गया कि नर्मदा एक्सप्रेस वे 1000 किलोमीटर लंबा होगा इसके निर्माण पर 2696 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के जिला मार्ग, राज्य मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग को मिलाकर एक्सप्रेस वे विकसित किया जाएगा। उद्योग विभाग की योजना इटारसी और कीतरपुर को लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउस हब के रूप में विकसित करने की है। मोहासा-बाबई में फार्मा और मल्टी प्रोडक्ट पर केंद्रित पार्क विकसित किए जा रहे है। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराया जा रहा है।

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