डीआरडीई की लैब में कोरोना मरीजों की सैंपलिंग की जांच जारी रहेंगी- कलेक्टर
ग्वालियर. डीआरडीई की लैब में कोरोना मरीजों की सैंपलिंग की जांच जारी रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने जो भी तकनीकी बात कही है उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए डीआरडीई की टीम बराबर काम करेगी। रविवार को डीआरडीई और जिला प्रशासन के बीच बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने बताया कि डीआरडीई में जांचें सोमवार से होंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो भी औपचारिकता बताई गई है उसे जल्द पूरा करा लिया जाएगी।
डीआरडीई लैब इंपेनल न होने के कारण जांच रोकी गई
वहीं स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर का तर्क है कि डीआरडीई द्वारा जांच करने के लिए किट व अन्य संसाधन मांगे गए थे लेकिन भारत सरकार की लैब में यह डीआरडीई लैब इंपेनल न होने के कारण जांच रोकी गई है। ज्ञात रहे कि डीआरडीई लैब को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र द्वारा हाल ही में कोरोना मरीजों के सैंपल की जांच करने के लिए अधिकृत किया गया है।
डीआरडीई के वैज्ञानिकों ने खुद कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए अपना योगदान देने की बात उठाई थी जिसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने मान जांच के लिए अधिकृत किया था। अब स्वास्थ्य विभाग ने डीआरडीई में सैंपल भेजने से इंकार कर दिया था और हवाला दिया था कि बिना इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के निरीक्षण के डीआरडीई ने जांच शुरू कर दी जो कि मान्य नहीं है। स्वास्थ्य के ज्वाइंट डायरेक्टर एके दीक्षित ने बताया कि डीआरडीई को जांच के लिए जो सामान चाहिए था वह राज्य सरकार को भेजीं और राज्य से केंद्र स्तर पर पहुंची। यहां भारत सरकार की जांच के लिए अधिकृत लैबों में डीआरडीई लैब शामिल नहीं थी इसलिए संसाधन नहीं दिए गए।
डॉ. पारितोष मालवीय, पीआरओ, डीआरडीई
डीआरडीई लैब में कोरोना सैंपल की जांच नहीं होगी इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई बातचीत या पत्रव्यवहार नहीं किया गया है। लैब अधिकृत है जिसे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र से अधिकृत किया गया है।
कौशलेंद्र विक्रम सिंह, ग्वालियर कलेक्टर
डीआरडीई लैब में सोमवार से जांच होगी। डीआरडीई प्रबंधन से बातचीत हो गई है और जो भी तकनीकी फार्मेलिटी है उसे पूरा करा लिया जाएगा।
