भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अफसरों पर भी भाजपा की भृकुटी तन गई

भोपाल. मध्यप्रदेश में अपनी सरकार बचाने के लिए कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी ने भाजपा के कई विधायकों पर कानूनी जाल फेंका लेकिन बात बन नहीं पाई। भाजपाइयों ने अपनी रणनीति से इनकी बाजी पलट दी। अब नई सरकार बनाने की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है इसीलिए नए माहौल में अफसरशाही के भी रंग बदलने लगे है। कांग्रेस जाल तोड़ने की मुहिम शुरू होने वाली है। उधर पार्टी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अफसरों पर भी भाजपा की भृकुटी तन गई है।
संपर्क साधने में लगे अफसर
भाजपा विधायकों को नोटि देने से लेकर तमाम तरह कर कार्रवाई शुरू करने वाले अफसरों ने नए निजाम में अपने संपर्क साधने शुरू कर दिए है। जानकारी के अनुसार इन अफसरों की ओर से ही भाजपा विधायकों पर कार्रवाई के लिए की गई पेशबंदी को समाप्त करने की सलाह भी मिलने लगी है। शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके भाजपा विधायक संजय पाठक, भूपेंद्र सिंह और विश्वास सारंग से संपर्क साधकर सफाई देने के माध्यम तलाशे जा रहे है। ध्यान रहे कि कमलनाथ की सरकार बचाने के लिए जब भाजपा विधायकों पर डोरे डाले जा रहे थे तब उन्हें डराने की भी भूमिका तैयार की गई।
कमलनाथ के आदेश पर विधायक संजय की खदान सील की
अदालती आदेश की आड़ में सरकारी मशीनरी ने विजयराघवगढ़ के विधायक संजय पाठक के परिवार की सिहोरा आयरन खदान सील कर दी। बताते है कि दिग्विजय सिंह के दूत ने संजय पाठक से भाजपा छोड़ने की पेशकश की लेकिन वह नहीं माने। संजय के पिता से अपनी दोस्ती का हवाला देकर दिग्विजय ने उन्हें अपना भतीजा तो बताया लेकिन आरोपों की झड़ी लगा दी। दिग्विजय के तेवर दिखाते ही उमरिया के कलेक्टर की अगुवाई में संजय पाठक के रिसॉर्ट पर बुल्डोजर चलवा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेसी हुकूम ने कई विधायकों को डराने की कोशिश की।
कुछ विधायकों को अफसरों के जरिए भी धमकाने की कोशिश हुई
सागर में पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर सरकारी जमीन कब्जा करने का आरोप लगाकर नोटिस दिया गया तो भोपाल में पूर्व मंत्री विश्वास सारंग को भी निशाने पर लिया गया। कुछ विधायकों को अफसरों के जरिए भी धमकाने की कोशिश हुई थी। इनमें किसी विधायक ने ट्वीट कर तो किसी ने सार्वजनकि तौर पर एलान किया कि वह भाजपा में है और भाजपा में ही रहेंगे।
सरकार की नजर में मनमानी करने वाले अफसर- दीपक
भाजपा के मुख्य प्रावक्ता दीपक विजयवर्गीय का कहना है कि भाजपा की नई सरकार सुशासन की बहाली करेगी और मनमानी करने वाले अफसरों के मामले सरकार की नजर में होंगे। जिन अफसरों के विधि के शासन की अवधारण का उल्लंघन किया है वहे अपने को सुरक्षित न समझे।

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