कोराना वायरस -ग्वालियर का राजीव प्लाजा मार्केट 3 दिन के लिये बन्द
ग्वालियर. कोरोना वायरस के मद्देनजर रखते हुए शहर के बीचों बीच स्थित जयेन्द्रगंज स्थित राजीव प्लाजा एसोसियेशन के सभी दुकानदारों ने ग्वालियर की जनता के हित को ध्यान में रखते हुए स्वेच्छा से तीन दिन तक मार्केट बन्द करने का फैसला लिया है। इस पहल शहर के बाजारों के लिये के उदाहरण बनेगा। इस मौके पर मोंटी मोबाइल के संचालक मोंटी गोयल, मनोज चौरसिया और नितिन कलानी से सभी शहरवासियों और व्यापारियों से कोरोना वायरस से बचने के लिये घरों में रहने की अपील की हैं।
सोना एवं चांदी व्यापार संघ ग्वालियर द्वारा संस्थान बंद
विश्व महामारी कोरोना को समाप्त करने हेतु सोना एवं चांदी व्यापार संघ ग्वालियर द्वारा सर्वसम्मति से यह तय किया गया है कि दिनांक 22,23,24 मार्च 2020 को बाजार 3 दिन तक पूर्णता बंद रहेगा। ग्वालियर के सोना एवम चांदी व्यवसाय संघ ने अपने संस्थान बंद करके राष्ट्र के इस सामुहिक यज्ञ में योगदान प्रदान करें एवम अन्य लोगो को भी प्रेरित कर सहयोग प्रदान करे!
जनता कर्फ्यू के दिन कौनसी ट्रेन चलेगी और कौन सी नहीं
देशभर में जनता कर्फ्यू के बीच रविवार को अधितर ट्रेनें बन्द रहेंगी। इस संबंध में रेलवे ने आदेश जारीकरते हुए कहा है कि 22 मार्च को यानी रविवार के दिन कोई भी ट्रेन कहीं से शुरू नहीं होगी। इसमें मेल एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेन शामिल है। यह आदेश 21 मार्च की रात 12 बजे के बाद से ही लागू हो जायेगा।
रेलवे ने बताया है कि 22 मार्च रविवार को केवल वहीं ट्रेन चलती दिखाई देगी, जो 21 मार्च की रात 12 बजे के पहले से चल चुकी होगी। यानी लम्बी दूरी की ट्रेन ही रविवार को चलती दिखाई देगी। देशभर में हर दिन 13000 से अधिक पैसेंजर गाडि़यां रेलवे ट्रैक पर दौड़ती हैं। हालांकि, रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जीएम को अपने लिहाज से भी कदम उठाने के लिये आदेश दिये गये हैं।
रेलवे के अनुसार, देश भर में कुल 13 हजार पैसेंजर गाड़ियां चलती हैं। इनमें 3500 मेल एक्सप्रेस ट्रेन हैं, जबकि 8000 पैसेंजर ट्रेनें हैं जो लोकल हैं और कम दूरी पर चलने वाली हैं। हर दिन तकरीबन 2 करोड़ 25 लाख लोग देश भर में सफर करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की जनता से अपील के मुताबिक संडे को जनता कर्फ्यू सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा। इसे ही ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह फैसला लिया है। सब अर्बन की लोकल ट्रेन में सिर्फ वही चलेंगी जो बेहद जरूरी सामान की आवाजाही के लिए हैं। हालांकि, रेलवे बोर्ड की तरफ से यह कहा गया है कि जरूरत के मुताबिक जोनल मैनेजर यह तय करेंगे।
