माधव नेशनल पार्क से सटे गांवों में तेंदुओं से ग्रामीणों की जान खतरे में
ग्वालियर/शिवपुरी. माधव नेशनल पार्क के आसपास शुक्रवार की रात से तेंदुआं के आतंक ग्रामीण दहशत में है। अभी तक तेंदुआ दो गायें के बछडें का शिकार कर चुका हैं। माधव नेशनल पार्क से लगे गांवों में नील गाय सांभर आदि जानवरों से पहले ही अपनी फसलों को होने वाले नुकसान के कारण परेशानियों से जूझ रहे ग्रामवासियों की जान अब तेंदुओं के आतंक से संकट में आ गई है। आये दिन चरने जा रहे ग्रामवासियों के पशुओं को तेंदूए अपना शिकार तो बना ही रहे हैं लेकिन अब तो तेंदुए ग्रामीणों के घरों तक पहुंचने लगे हैं।
20 और 21 मार्च की दरम्यानी रात को हातौद ग्राम निवासी मनीष मेहरोत्रा के फार्म पर उनके घर से 100 मीटर की दूरी पर बने पशु शेड में बंधे गाय के बछड़े को तेंदूए ने मार डाला। जंजीर से बंधे होने के कारण बछड़े को खींच कर नहीं ले जा पाने पर उसे वहीं बैठ कर खाया तथा आहट होने पर बछड़े को आधा खाया छोड़ कर भाग गया।
सुबह माधव नेशनल पार्क अधिकारियों को सूचना करने पर उनके द्वारा घटना स्थल का परीक्षण किया और आधे खाये हुए बछड़े के साथ तेंदुए के पंजों के निशानों को भी देखा।
उपरोक्त घटना से सम्पूर्ण ग्राम में आक्रोश और दहशत का माहौल है। ग्रामवासियों का कहना है कि, इस प्रकार से तो अब वे अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं। सभी के द्वारा जिला प्रशासन एवं माधव नेशनल पार्क प्रबंधन से तेंदुओं के आतंक पर अंकुश लगाने हेतु सख्त कदम उठाने की अपेक्षा की है।
