फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ सख्त एक्शन संभव
भोपाल. विधानसभा सत्र शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव खड़े हो गये और सरकार के अल्पमत होने का आरोप लगाया। इस पर सत्ताक्ष ने हंगामा किया। थोड़ी देर बाद राज्यपाल ने अभिभाषण का अंतिम पैरा पढ़ा। साथ ही टिप्पणी भी कर दी कि सदन परंपराओं के अलावा संवैधानिक नियमों और प्रक्रिया से भी चले । ऐसी उम्मीद करता हूं। अइसके बाद राज्यपाल चले गये। शोर बढ़ा तो अध्यक्ष ने पांच मिनट के लिये विधानसभा स्थगित कर दी। उनके लौटते ही संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने कोरोना वायरस का मुद्दा उठाया और कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया गया है।
राजस्थान, केरल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र विधानसभाओं के सत्र स्थिगित की जाये। इसके बाद भी हंगामा हुआ। विपक्ष ने तत्काल फ्लोर टेस्ट करवाने की मांग की। लेकिन स्पीकर एनपी प्रजापति ने कोरोना की बात दोहराते हुए विधानसभा को 26 मार्च तक के लिये स्थगित कर दिया। उन्होंने कहा कि विधायकों और लोगों को समूह में रहने या एक दूसरे से मिलने से रोका भी नहीं जा सकता । इसके बाद सत्तापक्ष के लोग विपक्ष खिलाफ नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गये। लेकिन शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा सहित सभी कुछ देर बैठे रहे। फिर राजभव की ओर रवाना हो गये।
