केन्द्रीय जेल में स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक सहायता शिविर में 625 बंदियों का किया स्वास्थ्य परीक्षण

ग्वालियर उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जबलपुर एवं राज्य प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार केन्द्रीय जेल में निरूद्ध बंदियों के लिये सोमवार को एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं विधिक सहायता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायमूर्ति शील नागू ने दीप प्रज्ज्वलित एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया।
न्यायमूर्ति शील नागू ने सेंट्रल जेल का निरीक्षण कर बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में महिला एवं पुरूष बंदियों से चर्चा कर जानकारी ली। इस दौरान सेंट्रल जेल में बंदियों के लिये संचालित गतिविधियों की जानकारी भी ली। सेंट्रल जेल के अधीक्षक मनोज साहू ने बंदियों के लिये संचालित विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराते हुए बताया कि दरी एवं चादर निर्माण जैसी कई स्वरोजगार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। न्यायमूर्ति शील नागू ने केन्द्रीय जेल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, लीगल एंड क्लीनिक पैरालीगल वॉलेन्टियर्स कक्ष और रसोई का भी निरीक्षण कर भोजन के संबंध में जानकारी ली।
शिविर में जयारोग्य हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर द्वारा नामित 32 डॉक्टरों एवं 19 सहयोगी स्टाफ द्वारा कुल 625 बंदियों जिसमें 584 पुरूष, 41 महिला तथा 16 बच्चों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवायें वितरित की गईं। साथ ही कोरोना वायरस की रोकथाम के संबंध में जानकारी प्रदाय की गई। विधिक सहायता शिविर के माध्यम से 20 बंदियों को विधि सहायता एवं 45 बंदियो को विधिक सलाह उपलब्ध कराई गई।

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