फारूक अब्दुल्ला की नजरबंदी खत्म, पब्लिक सेफ्टी एक्ट हटाया गया
जम्मू कश्मीर. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने फारूक अब्दुल्ला से नजरबंदी हटाने का फैसला किया है। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पिछले साल 5 अगस्त से नजरबंद थे और पिछले साल 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्ज को समाप्त कर दिया था साथ ही राज्य का दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया था।
5 अगस्त को ही राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया था। 16 सितंबर 2019 को सांसद और तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर पीएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इससे पहले केंद्र ने बुधवार को संसद में कहा था कि जम्मू कश्मीर में 396 लोगों को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है। गृहराज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सांसद सरदार सुखदेव सिंह ढ़ींढसा के एक सवाल के जवाब में राज्यसभा में कहा कि हिरासत में लिए गए कुल 451 में से 396 लोगों को पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया है।
