ग्वालियर हादसे में 16 मौतों के बाद बड़ा फैसला, मृतकों के परिजनों को नौकरी देगा नगर निगम
ग्वालियर. नगर निगम परिषद में शीतला माता मंदिर हादसे में 16 लोगों की मौत मामले में शोक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। हर मृतक के परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर नौकरी दी जाएगी। घायलों की भी मदद की जाएगी। प्रस्ताव पर बीजेपी और कांग्रेस के पार्षद एकमत रहे। वहीं महापौर शोभा सिकरवार ने हादसे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर तक दोपहिया और चारपहिया वाहन नहीं जा सकते थे तो ट्रक कैसे पहुंच गया। उन्होंने सुरक्षा में चूक की जांच की मांग की जिससे घटना दोबारा न हो। नगर निगम सभापति मनोज सिंह तोमर ने पीडित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया। परिषद के फैसले का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को मुश्किल वक्त में रोजगार के जरिए सहारा देना है।
ट्रक ने 57 श्रद्धालुओं को कुचला
दरअसल 18 अक्टूबर की देर रात तेज रफ्तार ट्रक ने 57 श्रद्धालुओं को कुचल दिया था। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई। इनमें 9 पुरूष, एक महिला और 5 बच्चे शामिल हैं। दो पुलिसकर्मी समेत 42 लोग घायल है। हादसा देर रात करीब 1.30 बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। सभी श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सडक किनारे लाइन में लगे थे तभी चीनौर की ओर से आ रहा रहा धान से भरा ट्रक करीब 90 डिग्री के ढलान पर बेकाबू हो गया।
ड्राइवर गूगल मैप की मदद से ट्रक चला रहा था। ढलान पर ट्रक पुलिस चेकपोस्ट तोडते हुए लोगों को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से जा टकराया। इससे मंदिर की दीवार ढह गई। कई लोग मलबे में दब गए। घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद परिजन ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर और ट्रक मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
