शीतला माता मंदिर ट्रक दुर्घटना में जिंदा लोगों को मार दिया, प्रशासन पेपर साइन करवा रहा है

ग्वालियर. शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गयी। कई घायल लोग अस्पताल में जिन्दगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे है। घटना के बाद अस्पताल परिसर मे ंगम और गुस्से का माहौल है। अपनों को खोने वाले परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। कई परिजनों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए भड़क गये हैं।
हादसे में अपने बेटे को खोने वाली दिव्यांश की मां की आंखों से आंसू नहीं रूक रहे। वह कहती है कि वहां मेरी बहू, मेरे बड़े और छोटे बेटे थे। मुझे वह 6 बजे बताया गया। मेरी बेटी उन्हें ढूंढने गयी ।लेकिन पुलिस ने उसे नहीं ढूंढने दिया। पुलिस उसे ढूंढने में मेरी मदद क्यों नहीं करती? मुझे बताओं अगर यह तुम्हारा अपना बच्चा होता, तो क्या तुम्हें दर्द नहीं होता है।
एक परिजन ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि घायलों को समय रहते अस्पताल नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि अगर एक्सीडेंट की रात के 2 बजे हुआ था। उसे सुबह 4 बजे अस्पताल क्यों ले जाया गया। उन्हें उसे उसी वक्त ले जाना चाहिये। अब बच्चे की जान चली गयी है। अधिकारी कह रहे हैं कि पेपर्स पर साइन कर दो।
कैसे हुआ हादसा?
डबरा की ओर से आ रहा धान से भरा एक ट्रक चीनोर से शीतला माता मंदिर की ओर उतरने वाली ढलान पर खड़ा हुआ था। अचानक प्रेशर रिलीज होने की आशंका के चलते ट्रक ढलान की ओर तेजी से नीचे उतरा और मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ मंदिर के मेन एंट्री गेट तक जा पहुंचा।
उन्होंने आगे कहा, ‘हमें बताया गया था कि उसका इलाज चल रहा है। हमें कोई आइडिया नहीं था कि हमारा बच्चा अब नहीं रहा. जो जिंदा था, उसे भी मार दिया। हम तो सोच रहे थे इलाज चल रहा है, हमें क्या पता कि एक्सपायर हो गया. वो तो यहीं कह रहे थे कि इलाज चल रहा है।’
घटना के वक्त वहीं मौजूद रही एक पीड़िता ने अपने भाई को खोने का दर्द बयां किया। उसने कहा, ‘हादसे के वक्त मैं वहीं पर थी, मेरा भाई बाहर गेट पर खड़ा था, हम अंदर चले गए थे। वो अंदर आ नहीं रहा था, इतने में वहां पर ट्रक आया और सीधे घुस गया।’

 

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