ग्वालियर की लोटस विला से आरोपी छतरपुर पुलिस को चकमा देकर हुआ फरार
ग्वालियर. सिटीसेंटर स्थित लोटस विला के एक फ्लैट से उत्तराखंड का एक आरोपी छतरपुर पुलिस को चकमा देकर हथकड़ी समेत मौके से फरार हो गया है। घटना शनिवार की सुबह 8 से 8.30 बजे के बीच की है। फरार होने से पहले वह परिसर में टहलता और गेट पर तैनात 2 गार्ड से चर्चा करता हुआ दिखाई दिया है। इस बीच उसने हाथ में लगी हथकड़ी को शर्ट की आस्तीन में छिपा रखी थी। कुछ देर के बाद वह दीवार फांदकर फरार हो गया। घटना परिसर में लगेग सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गयी। आरोपी के फरार होने का पता चलते ही छतरपुर पुलिस उसकी तलाश में जुट गयी। पुलिस उसे चोरी के एक मामले में हाथ की चोट का उपचार कराने के लिये ग्वालियर लायी थी।
शुक्रवार की देर रात ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर सीनियर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। इसलिये उसे सुबह दोबारा लाने के लिये कहा गया था। आरोप है कि अस्पताल के पास स्थित थाने में सूचना देने और आरोपी को वहां रखने के बजाय पुलिसकर्मी उसे अपने साथी के भाई के किराये के फ्लैट पर ले गये थे। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया है कि स्थानीय पुलिस को इस संबसंध में कोई सूचना नहीं दी गयी थी। पुलिसकर्मी यहां अवैध तरीके से रूके थे।
क्या है पूरा मामला?
बताया गया है कि छतरपुर पुलिस में पदस्थ आरक्षक विजय यादव, शुभम शर्मा और संदीप चोरी के आरोप में पकड़े गए सन्नी पाल (30), निवासी उत्तराखंड, को हाथ की चोट का इलाज कराने ग्वालियर लाए थे। शुक्रवार देर रात वे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां सीनियर डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में उन्हें सुबह आने के लिए कहा गया।
नियमानुसार, दूसरे जिले से आरोपी को लेकर आने वाली पुलिस को अस्पताल के नजदीकी थाने में सूचना देकर उसे वहां सुरक्षित रखना था। हालांकि, आरोप है कि छतरपुर पुलिस आरोपी को थाने ले जाने के बजाय आरक्षक शुभम शर्मा के भाई गौरव शर्मा के ‘लोटस विला’ स्थित किराए के फ्लैट पर पहुंच गई।इस मामले में सामने आए एक वीडियो में आरोपी होटल में खाना खाता नजर आ रहा है। आरोप है कि पुलिसकर्मी उसे सुरक्षित रखने के बजाय होटल ले गए, जहां खाना खाने के साथ पार्टी भी की गई।
