पोकलेन से खुदाई में टूटी 200 एमएम की मुख्य पाइपलाइन, 3 किमी क्षेत्र में जल संकट
30 फीट गहरी खोदी गई सड़क में सीवर लाइन डालने के दौरान हादसा, दो दिन से नहीं भर पाई कैलाशबिहार की पानी टंकी
ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय की सीवर लाइन को मुख्य सीवर लाइन से जोड़ने के लिए की जा रही खुदाई के दौरान 200 एमएम की मुख्य पेयजल पाइपलाइन टूट गई। पोकलेन मशीन से करीब 30 फीट गहरी खोदाई के दौरान हुई इस घटना के कारण शहर के करीब 3 किलोमीटर के दायरे में नागरिकों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, सिटी सेंटर के कैलाशबिहार स्थित पानी की टंकी पिछले दो दिनों से नहीं भर पाई है, जिससे क्षेत्र में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित सड़क को तीन दिन पहले खोदा गया था। आरोप है कि खुदाई के समय पोकलेन चालक के पास कोई इंजीनियर मौजूद नहीं था। इसी दौरान मशीन से खुदाई करते समय मुख्य पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद पोकलेन चालक मशीन को मौके पर छोड़कर चले गए।
मरम्मत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
मुख्य पाइपलाइन टूटने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिम्मेदारों की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाइपलाइन की मरम्मत कब तक पूरी होगी और पानी की आपूर्ति कब बहाल की जाएगी। इससे प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिना तकनीकी निगरानी के खुदाई पर सवाल
करीब 30 फीट गहरी सड़क की खुदाई के दौरान इंजीनियर की मौजूदगी नहीं होने की बात सामने आने के बाद कार्य की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग पाइपलाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति कब तक बहाल करता है और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदारी किसकी तय की जाती है।
