ग्वालियर में 24 अक्टूबर से सजेगा संस्कृति का महाकुंभ, 21वें उद्भव उत्सव में देश-विदेश के कलाकार बिखेरेंगे लोकनृत्यों का रंग

ऑपरेशन सिंदूर के प्रमुख स्तंभ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और पद्मश्री नलिनी-कमलिनी होंगी मुख्य अतिथि | कार्निवाल से होगा आगाज, जीवाजी क्लब में आयोजित होगा उद्घाटन समारोह
ग्वालियर। भारतीय संस्कृति, लोककला और शास्त्रीय नृत्य की विविध छटाओं से ग्वालियर एक बार फिर सराबोर होने जा रहा है। 21वां उद्भव उत्सव 24 से 27 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। उत्सव में देश-विदेश के कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करेंगे। आयोजन के मुख्य अतिथि ऑपरेशन सिंदूर के प्रमुख स्तंभ एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी और सुप्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री नलिनी-कमलिनी होंगी।
कार्निवाल से होगा उत्सव का भव्य आगाज
उद्भव उत्सव का शुभारंभ 24 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे कार्निवाल के साथ होगा। कार्निवाल थीम रोड से होते हुए जीवाजी क्लब तक पहुंचेगा। इसमें देश-विदेश के कलाकार अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए विभिन्न संस्कृतियों की जीवंत झलक पेश करेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे जीवाजी क्लब में उत्सव का उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा।
स्लोवाकिया और रूस सहित कई राज्यों की प्रस्तुतियां
चार दिवसीय उत्सव में स्लोवाकिया और रूस सहित भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। तमिलनाडु, तेलंगाना, असम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कलाकार अपनी-अपनी पारंपरिक नृत्य शैलियों के माध्यम से दर्शकों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराएंगे। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कलाकारों की सहभागिता इस उत्सव को सांस्कृतिक आदान-प्रदान का मंच बनाएगी।
कला और संगीत जीवन की धमनियों की तरह : प्रो. योगेश उपाध्याय
पत्रकारवार्ता में आईटीएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय ने कहा कि कला और संगीत का संगम शरीर की धमनियों में बहते रक्त की तरह है। उन्होंने बताया कि संगीत संगम समारोह पिछले 20 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है। ऐसे आयोजन कला, संगीत और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने बताया कि उद्भव के बैनर तले देश के 3,000 से अधिक कलाकार विभिन्न देशों में भारतीय संस्कृति का परचम लहरा चुके हैं। उद्भव उत्सव भी इसी सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने और भारतीय कला की वैश्विक पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन है।
पत्रकारवार्ता में ये रहे मौजूद
पत्रकारवार्ता में आईटीएम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश उपाध्याय, उद्भव के सचिव दीपक तोमर, आईटीएम के रजिस्ट्रार ओमवीर सिंह और मनोज अग्रवाल सहित अन्य लोग मंचासीन रहे। आयोजन को लेकर प्रस्तुत जानकारी में उत्सव के माध्यम से भारतीय संस्कृति, लोकनृत्य और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहभागिता को प्रमुखता देने की बात सामने आई।

 

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