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ट्रेनों के कोच के अंदर में टीटीई की बनाकर करेंगे काम, यात्रियों की तत्काल मिलेगी मदद, यात्रियों की शिकायत पर रेलवे सख्त

ग्वालियर. यात्रियों की निरंतर मिल रही शिकायतों के बाद रेलवे प्रशासन ने टीटीई की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अभी ट्रेनों में टीटीई अकेले एक्कॉट ड्यूटी पर नहीं जायेंगे। बल्कि टीम बनाकर काम करेंगे। ऐसा रेलवे का मानना है कि नई व्यवस्था के तहत यात्रियों की सीट संबंध समस्याओं और अन्य शिकायतों का तेजी से समाधान हो सकेगा। पुरानी व्यवस्था में टीटीई को अलग-अलग ट्रेनों में ओपन ड्यूटी पर भेजा जाता था। उनका मुख्य ध्यान राजस्व वसूली पर रहता था। मासिक लक्ष्य पूरा करने का दबाव भी होता था। इस वजह से सीट कन्फर्मेशन, वेटिंग लिस्ट और कोच में अव्यवस्था जैसी यात्रियों की कई परेशानी अक्सर अनसुनी रह जाती थी। यात्रियों को अक्सर परिवारों के लिये अलग-अलग सीटें मिलने और लम्बी दूरी की यात्रा में परेशानी होने की शिकायतें थी।
3 से 5 टीटीई की टीम कोच के अंदर रहेगी
मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद ग्वालियर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में यह टीम सिस्टम लागू कर दिया गया है। अभी एक ट्रेन में 3-5 टीटीई की टीम तैनात की जा रही है। जो आपसी समन्वय से काम करेगी। इस टीम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं होगा।
अधिक भीड़ वाली ट्रेनों में यह प्रयोग
यह प्रयोग ग्वालियर से प्रतिदिन अलग-अलग रूटों पर चलने वाली ट्रेनों जैसे महाकौशल एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में शुरू किया गया है। जिन ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ अधिक होती है, वहां विशेष रूप से टीमें भेजी जा रही हैं। वर्तमान में प्रतिदिन चार से पांच ट्रेनों में यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस टीम प्रणाली से यात्रियों को तुरंत राहत मिलेगी और उनका यात्रा अनुभव बेहतर होगा। फिलहाल इसे एक परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है। सकारात्मक परिणाम मिलने पर इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जाएगा। यात्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।

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