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मोतीमहल संग्रहालय की पेंटिंग को संवार रहे है हैदराबाद और जयपुर के चित्रकार

ग्वालियर. मोतीमहल संग्रहालय की खराब हो ऐतिहासिक फ्रेस्को पेंटिंग (प्राचीन भिति चित्रकला) को फिर से संजाने -संवारने का कार्य फिर से प्रारंभ हो गया है। नगर निगम ने उक्त पेंटिंग को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिये हैं। इस पेंटिंग में ग्वालियर का फूलबाग एरिया का चित्रण किया गया है। पेंटिंग को संवारने के साथ-साथ संरक्षण हैदराबाद और राजस्थान के चित्रकार गहराई के साथ कर रहे है। मोतीमहल एरिया को पर्यटकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। जहां एमपी पर्यटन बोर्ड 17 करोड़ रूपये की राशि से इमारतों को सहजने के साथ पाथ-वे आदि का निर्माण करा रहा है। वहीं, ग्वालियर स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन की 10 करोड़ रूपये की राशि से म्यूजियम को संवारने और संरक्षण का काम चल रहा है। इसी कार्य में फ्रेस्को पेटिंग प्रारंभ कर दी गयी है। 15 दिन से हैदराबाद -जयपुर के चित्रकार काम में जुटे हुए है।
संग्रहालय के दो हॉल में चल रहा है काम
स्टेट काल की इमारत में सन 1922 से म्यूजियम चल रह है। यहां के प्रथम तल पर सेंट्रल हॉल में फ्रेस्को पेंटिंग उसी वक्त की बताई जाती है। चित्रों में स्वर्ण रेखा बहती नजर आ रही है। ऊपर ग्वालियर फोर्ट के साथ-साथ फूलबाग में मौजूद मंदिर, चिड़ियाघर, मोतीमहल आदि भी नजर आता है। चिड़ियाघर के चित्र में वाइल्ड लाइफ भी नजर आते हैं। फ्रेस्को पेंटिंग के संरक्षण और संवारने का काम कर रहे हैं। इसमें स्टोन कलर (नैचुरल) का उपयोग किया जा रहा है। जहां-जहां पेंटिंग खराब है। उसे उसी ऊपर में कलर किया जा रहा है। ये कलर होने के बाद पेंटिंग को सुरक्षित रखने के लिए प्रोटेक्टिव कोटिंग की जाएगी।

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