वकीलो पर हो रहे लगतार हमले, 16 फरवरी को वकील पैरवी नहीं करेंगें

जबलपुर. शिवपुरी में अधिवक्ता संजय सक्सेना की शनिवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी। घटना को लेकर प्रदेशभर के एडवोकेटों ने निंदा की है। स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश औरे एमपी हाईकोर्ट बार एसोसियेशन ने 16 फरवरी को न्यायालयीन कार्य से विरत (पैरवी से अलग रहने का) निर्णय लिया है।
स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश का कहना है कि लगातार एडवोकेटों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर प्रदेश के वकीलों अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है। यह अत्यंत चिंतांजनक है। लम्बे समय से अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिये शासन से एडवोकेकट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने ी मांग की जा रही है। इसके बावजूद अभी तक शासन ने कोई भी प्रयास नहीं किये है। एमपी हाईकोर्ट बार ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखते हुए निवेदन है कि है। सूचीबद्ध प्रकरणों को अधिवक्ताओं की अनुपस्थिति में खारिज नहीं किया जाये। कोई भी विपरीत आदेश पारित नहीं किये जाये। सोमवार को सूचीबद्ध मामलों को अगले दिनांक को नॉट रीच किया जाये।
अधिवक्ताओं पर हो रहे लगातार हमले
स्टेट बार काउंसिल ऑफ मध्यप्रदेश के कार्यकारी सचिव नीलेश जैन ने पत्र जारी करते हुए कहा है कि अधिवक्ताओं पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिसमें डबरा के अधिवक्ता चंद्रभान सिंह मीना एवं अन्य जिलों के अधिवक्ता भी शामिल हैं। यहाँ तक कि अब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े हमला कर हत्या की जा रही है। बार ने राज्य सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। 15 फरवरी को मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद की विशेष सामान्य सभा की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना की हत्या के विरोध में प्रदेश भर के अधिवक्ता 16 फरवरी को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। इस दौरान एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट अतिशीघ्र लागू किए जाने की मांग की जाएगी।

