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महाशिवरात्रि- शाम 6 बजे पहुंची शिव बारात, श्रद्धालुओं ने वितरित किया फलाहार, पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्त्ता के बीच हुई नोंकझोंक

ग्वालियर. गुप्तेश्वर महादेव सेवासंघ द्वारा सुबह 11 बजे गुप्तेश्वर महादेव मंदिर शिवबारात निकाली गयी। चल समारोह की शुरूआत सुबह 11 बजे मंदिर परिसर से हुई है। यह भगवान शिव की बारात है। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त एक साथ शामिल हुए है।
सेवा संघ के पदाधिकारियों ने बताया है कि चल समारोह गुप्तेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर जनकगंज, हेमू कॉलोनी चौराहा, सराफाबाजार, फालका बाजार, स्थित राम मंदिर, ऊंट पुल, इदरगंज मार्ग से होता हुआ अचलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचा जहां पर शाम 5.45 बजे पहुंचा। पूरे रास्तेभर धार्मिक माहौल बनाये रखने के लिये भजन-कीर्तन, ढोल -नगांड़े और शंख ध्वनि की विशेष व्यवस्था की गयी है।

300 वर्ष पुराना है अचलेश्वर मंदिर
ग्वालियर के अचलेश्वर मंदिर का इतिहास 300 वर्ष पुराना है। ऐसी मान्यता है कि सिंधिया राजवंश के वक्त यहां भगवान ने पिंडी रूप में दर्शन किये थे। इस पिंडी को अन्य स्थान पर स्थापित करने के लिये कई प्रयास किये गये थे। लेकिन पिंडी को अपने स्थान से हिली नहीं और इसे हटाया भी नहीं जा सका। इसके बाद उसी स्थान पर अचलेश्वर महादेव के नाम से मंदिर का निर्माण कराया गया है।
ठसके अलावा शहर के प्रमुख गुप्तेश्वर, कोटेश्वर, मार्केंडेश्वर, भूतेश्वर, हजारेश्वर और मंगलेश्वर महादेव मंदिर समेत अन्य शिवालयों को भी आकर्षक रूप संजाया गया है। मंदिर में विशेष रूप संजाया तथा रोशनी और भव्य श्रृगार किया गया हैि।
पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्त्ता के बीच नोंकझोंक
शाम लगभग 5 बजे के आसपास मंदिर में प्रवेश करने के लिये एबीवीपी कार्यकर्ता विक्रम सिंह तोमर और पुलिस एसआई शुभम शर्मा के बीच काफी नोंक झोंक हो गयी। पुििलस सबइंस्पेक्टर ने शुभम शर्मा ने एबीवीपी काय्रकर्त्ता के सर में थप्पण जड़ दिया इसको लेकर एबीवीपी कार्यकर्त्ता एकट्ठे होकर आ गये इन्होंने प्रदर्शन कर विरोध प्रदर्शन किया।

अचलेश्वर महादेव के श्रद्धालुओं द्वारा पानी और फलहार वितरण
सुबह से अचलेश्वर न्यास ट्रस्ट के श्रद्धालुओं महेन्द्र खत्री, राजू चड्डा, मोंटी और शेलेन्द्र कुशवाह के द्वारा फलाहार, संतरे, पानी की बौतलें और पेठे का वितरण किया गया है। इसके अलावा राजू चड्डा बिछडे हुए लोगों मिलाने के लिये एनाउंस कर रहे थे। यह क्रम सुबह से देर रात तक चलने वाला था। बीच में पानी की बोतले भर भर ऑटो में भरकर लाया जा रहा था।

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