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NDPS केस में पुलिस जांच से हाईकोर्ट नाराज, टीआई सहित 5 पुलिस अधिकारी लाइन अटैच

ग्वालियर. मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्यवाही के निर्देश दिये है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमनसिंह राठौड ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षण समेत 3 उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है। युगल पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा है कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बन्द कर देती है। जबकि असली सरगना तक पहुंचने का प्रयास नहीं किया जाता है।
हाईकोर्ट ने दिये विभागीय जांच के निर्देश
हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिये हैं कि उस वक्त पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच (डीई) शुरू की जाये और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का दायित्य नहीं दिया जाये। हाईकोर्ट ने 3 महीने में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने के लिये कहा है। प्रमुख सचिव (गृह) डीजीपी और एडीजी नारकोटिक्स इन्दौर को निर्देश दिये गये है। सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना की जांच सुनिश्चित करने के लिये सख्त परिपत्र जारी किया जाये। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी।
इन अधिकारियों पर कार्रवाई
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, SI  राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (JSI कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ SI अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ TI मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। 2  अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

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