परीक्षा पे चर्चा- एमपी के छात्र ने जब पीएम से पूछा सवाल, पीएम बोले टीचर की शिकायत कर रहे तो छात्र ने ना में दिया जवाब

नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी ने ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ (PPC) कार्यक्रम में देशभर से आये छात्रोंकी चर्चा की। वर्ष 2026 के 9वें एडिशन में प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के दौरान तनाव से मुक्त रहने में मदद करने और लर्निंग पर फोकस के टिप्स भी दिये है। इस दौरान जबलपुर के छात्र आयुष तिवारी ने पीएम मोदी से सवाल किया। मध्यप्रदेश के जबलपुर के छात्र ने पूछा कि कई बाद हम स्कूल या टीचर की स्पीड से मैच नहीं कर पाते है। जो पढ़ाई छूट जाती है। उसे पूरा करने के चक्कर में आगे के चैप्टर समझ नहीं पातें और पीछे रह जाते हैं। ऐसी स्थिति में हमें कैसे मैनेज करना चाहिये।
ऐसे में प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या आपकी शिकायत टीचर के खिलाफ है? आयुष ने इस पर ना में जवाब दिया। फिर प्रधानमंत्री ने आयुषके सवाल का उदाहरणों के साथ जवाबदिया पीएम ने कहा है कि शिक्षक की गति सदैव विद्यार्थी से सिर्फ एक कदम आगे होनी चाहिये। बहुत ज्यादा नहीं।
‘टीचर पहले बता दें कि कौन सा पाठ पढ़ाया जाएगा’
प्रधानमंत्री ने किसान का उदाहरण देकर बात समझाई। उन्होंने कहा कि जैसे किसान पहले खेत जोतता है, उसी तरह शिक्षक को पहले विद्यार्थी के मन को तैयार करना चाहिए। अगर शिक्षक पहले ही बता दे कि आने वाले हफ्तों में कौन-कौन से पाठ पढ़ाए जाएंगे और विद्यार्थियों से कहे कि वे पहले से थोड़ा पढ़कर आएं, गूगल पर देखें, सवाल लेकर आएं, तो कक्षा में जिज्ञासा अपने आप पैदा हो जाती है। इस पर आयुष और अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि पहले से पढ़ने पर कक्षा में समझ बेहतर होती है, फोकस बढ़ता है और विषय में रुचि भी बनती है। एक छात्रा, मानसी, ने कहा कि जब कोई अध्याय रोचक लगता है तो उसे और गहराई से जानने की इच्छा होती है, जिससे रिवीजन भी अपने आप हो जाता है।
प्रधानमंत्री ने ‘एग्जाम वारियर’ पुस्तक का उदाहरण देते हुए कहा कि लक्ष्य ऐसा होना चाहिए जो पहुंच में हो, लेकिन बहुत आसानी से हासिल न हो। उन्होंने कहा कि अगर विद्यार्थी शिक्षक से एक कदम आगे चलना शुरू कर दें, तो कभी पीछे छूटने का भाव नहीं आएगा। मन को पहले तैयार करो, फिर उसमें पढ़ाई के विषय जोड़ो, सफलता अपने आप आएगी।

