SC-ST सांसद-विधायकों की स्थिति कुत्ते जैसी-फूलसिंह बरैया

भोपाल. भांडेर विधायक फूलसिंह बरैया बोले कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग (SC-ST) के विधायकों और सांसदों की तुलना कुत्ते से की है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने कहा था कि ज्वॉइंट इलेक्टोरल में प्रवेश करने केबाद हमारे प्रतिनिधि कैसे हो जायेंगे…..जैसे कि कुत्ते के मुंह पर बंधी पट्टी। काटने की बात छोडि़ये, वह कुत्ता भौंक भी नहीं पायेगा।
फूलसिंह बरैया कहा है कि हम प्रयास करें कि हमारी आदिवासी हिन्दू न बन पाये, अगर आदिवासी सरना (वनों का धर्म) बन जाये तो आदिवासी की भी मुक्ति का मार्ग निकल सकता है। फूलसिंह ने यह बातें भोपाल के समन्वय भवन में 13 जनवरी को कांग्रेसकी डिक्लेरेशन -2 की ड्राफ्टिंग कमेटी की बैठक में मंच से कहीं। मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद उदित राज, झारखंड कांग्रेस के प्रभारी और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के राजू आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, विधायक ओंकार सिंह मरकाम, विधायक डॉ. हीरालाल अलावा मौजूद थे।
और क्या बोले बरैया
विधायक फूलसिंह बरैया ने बोले कि 2002 में भोपाल डिक्लेरेशन-1 आया था। अब डिक्लेरेशन -2 आने वाला है। हो सकता हैकि यह भी आगे आने वाले समय में हमारी समस्याओं का समाधान न कर पाये। इसकी तह में जाना होगा कि परेशानी कहा पर है।
मेरा मानना है कि समस्या का समाधान बाबा साहब अंबेडकर के पास है। 25 नवम्बर 1949 को बाबा साहब ने संविधान सभा में कहा था कि मेरी 2 चिंतायें है। एक तो यह कि संविधान में यह व्यवस्था है कि देश ऊपर जायेगा या जाति और धर्म ऊपर जायेगा।
अगर देश ऊपर रहता है तो सारी समस्याओं का हल निकाल लिया जायेगा। लेकिन देश के ऊपर जाति और धर्म चला गया ता किसी भी समस्या का समाधान मिलने वाला नहीं है। आज आप महसूस कीजिये कि देश ऊपर है या जाति और धर्म, आज जाति और धर्म देश से ऊपर है।

