NSA अजित डोभाल युवाओं को समझाई नेतृत्व की ताकत, संसाधन और हथियार हो और मनोबल न हो तो देश की शक्ति कम हो जाती है
नई दिल्ली. विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने युवाओं को राष्ट्र की इच्छाशक्ति और नेतृत्व की ताकत का महत्व समझाया है। उन्होंने कहा है कि इच्छाशक्ति को बढ़ाया जा सकता है। वहीं इच्छाशक्ति आगे चलकर राष्ट्रीय शक्ति बनती है। डोभाल ने कहा है कि युद्ध असल में किसी राष्ट्र की इच्छा शक्ति के लिये लड़े जाते है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए है कि युद्ध किसी को मारने या विनाश का आनंद लेने के लिये नहीं लड़े जाते है बल्कि किसी देश का मनोबल तोड़ने के लिये लड़े जाते है ताकि वह दूसरे की शतों पर झुक जाये।
इतिहास के सबक भूलना देश के लिये त्रासादी
उन्होंने कहा है कि इतिहास ने हमें तब सबक सिखया है जब हम इन खतरों के प्रति उदासीन रहे। अजित डोला ने युवाओं से सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या हमने वह सबक सीखाहै। क्या हमउ से याद रखेंगे? अगर आने वाली पीढि़यां उस सबक को भूल गयी तो यह इस देश के लिये सबसे बड़ी त्रासदी होगी। गौरतलब है कि विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2.0 शनिवार से शुरू किया गया है। यह 12 जनवरी तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जायेगा। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग का पहला संस्करण जनवरी 2025 में भारत मंडपम में आयोजित किया गया था।
एनएसए अजित डोभाल ने कहा है कि आज दुनिया में जो भी युद्ध और संघर्ष हो रहे हैं। वह इसलिये हैं क्योंकि कुछ देशअपनी इच्छा दूसरों पर थोपना चाहते है। यदि कोई देश इतना शक्तिशाली हो कि उसका कोई विरोध नहीं कर सके। तो वह सदैव स्वतंत्र बना रहता है। लेकिन यदि देश के पास संसाधन और हथियार तो हों, मनोबल न हो, तो सब कुछ बेकार हो जाता है।इसके लिये मजबूत नेतृत्व जरूरी है। अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि देश आज सौभाग्यशाली है कि उसके पास ऐसा नेतृत्व है जिसने पिछले 10 सालों में भारत को प्रगति के रास्तों पर तेजी से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व की प्रतिबद्धता, मेहनत और समर्पण हम सभी के लिये प्रेरणा है।

