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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 27 फरवरी को एलसीएच प्रचंड में उड़ान भरेगी, देखेंगी वायुसेना की वायु शक्ति

Droupadi Murmu LCH Prachand

नई दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार 27 फरवरी को राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर देश के पहले स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हैलीकॉप्टर (एलसीएच) प्रचंड में उड़ान भरेगी। यह ऐतिहासिक पल है। पहली बार कोई राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर में को-पायलट की भूमिका में रहेगी। उड़ान के दौरान वह ‘‘वायुशक्ति-2026’’ व्यायाम क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी करेगी। उड़ान के बाद दोपहर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पोखरण फील्उ फायरिंग रेंज (चांदन इलाका) में भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े फायर पॉवर प्रदर्शन ‘‘वायुशक्ति-2026’’ की मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

बाएं से- ये है प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर जिसमें प्रेसीडेंट द्रौपदी मुर्मू उड़ान भरेंगी. (Photo: ITG)
प्रचंड हेलीकॉप्टर क्या है
प्रचंड हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा पूरी तरह से भारत में बनाया गया है। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है। इसे खासतौर पर ऊंचे पहाड़ों (लद्ाख सियचिन जैसे इलाके) के लिये डिजाइन किया गया है।
प्रचंड की खास बातें
ऊंचाई: 6,500 मीटर तक उड़ सकता है।
वजन: 5800 किलो
गति: 268 किमी प्रति घंटा
हथियार: 20 मिमी तोप, 70 मिमी रॉकेट, हेलिना एंटी-टैंक मिसाइलें
इंजन: दो शक्तिशाली ‘शक्ति’ इंजन
खास फीचर: दुश्मन के रडार से छुपने की क्षमता, स्टेल्थ टेक्नोलॉजी
यह हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और वायुसेना दोनों में शामिल हो चुका है. पाकिस्तान-चीन सीमा पर यह दुश्मन के टैंकों, बंकरों और सैनिकों को निशाना बनाने में बेहद कारगर है।
इसमें शामिल हैं
77 लड़ाकू विमान (राफेल, सुखोई-30, मिराज-2000 आदि).
43 हेलिकॉप्टर (प्रचंड, अपाचे, चिनूक, ALH आदि).
दिन और रात दोनों समय में हमले का प्रदर्शन.
स्वदेशी मिसाइलें, बम और गोला-बारूद का इस्तेमाल.
यह अभ्यास दिखाएगा कि भारतीय वायुसेना दुश्मन के ठिकानों को कैसे सटीक निशाना बनाकर नष्ट कर सकती है।
क्यों खास है यह दौरा
राष्ट्रपति का प्रचंड में उड़ना आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत संदेश देगा।   इससे सैनिकों का मनोबल बढ़ेगा. इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू राफेल और सुखोई-30MKI में भी उड़ान भर चुकी हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य बड़े नेता भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

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एचएएल का दावा तेजस एयरक्राफ्ट क्रैश नहीं हुआ, तेजस के ब्रेक फेल हुए थे, रनवे से आगे निकल गया था

दावा किया गया था कि हादसे में विमान को नुकसान पहुंचा है लेकिन पायलट सुरक्षित है। तस्वीर- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

नई दिल्ली. हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएच) ने सोमवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के फायटर जेट तेजस के क्रैश की खबरों को गलत बताया है। एचएएल ने कहा है कि ग्राउंड पर एयरक्राफ्ट में मामूली तकनीकी खराबी आयी थी। हवा में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ है। एचएएल ने बताया है कि वह एयरफोर्स के साथ मिलकर तकनीकी गड़बड़ी की जांच कर रही है। उसे जल्द ठीक करेगी। कम्पनी ने यह भी दावा किया है। तेजस का सेफ्टी रिकॉर्ड दुनिया के आधुनिक फायटर जेट्स में सबसे बेहतर में से एक है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने रविवार की देर रात सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि 7 फरवरी को लैंडिंग के दौरान तेजस का ब्रेक फेल हो गया था। इसके कारण एयरक्राफ्ट रनवे से आगे निकल गया। हादसे से पहले पायलट सुरक्षित बाहर निकल गया। लेकिन विमान को नुकसान पहुंचा है। पीटीआई के अनुसार तेजस ट्रेनिंग उड़ान के बाद एयरबेस पर लौट रहा था। हालांकि हादसा किस एयरबेस पर हुआ। पीटीआई ने इसकी जानकारी नहीं दी। तेजस को एचएएल ने विकसित किया है। यह सिंगल इंजन वाला हल्का लड़ाकू विमान है।
दावा- जांच होने तक सभी 30 तेजस की उड़ान पर रोक
सूत्रों ने दावा किया कि घटना के बाद एयरफोर्स नेतेजस जेट के पूरे बेड़े को टेक्निकल जांच के लिए ग्राउंड कर दिया। यानी जांच पूरी होने तक विमान उड़ान नहीं भरेंगे। हादसे पर IAF की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। दावे के मुताबिक, तेजस जेट से जुड़ा यह तीसरा हादसा है। पहला हादसा मार्च 2024 में हुआ था, जब जैसलमेर के पास एक तेजस जेट क्रैश हो गया था। दूसरा हादसा नवंबर 2025 में हुआ था जब दुबई एयरशो में एरियल डिस्प्ले के दौरान एक तेजस जेट क्रैश हो गया था।

21 नवंबर 2025: तेजस फाइटर जेट दुबई एयर शो में क्रैश, पायलट की मौत

पिछले साल नवंबर में दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया था। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ।विमान के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं का गुबार देखा गया। एयरफोर्स ने बताया कि हादसे में पायलट की भी मौत हो गई। जान गंवाने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले थे।

12 मार्च 2024: जैसलमेर में तेजस फाइटर जेट क्रैश, इंजन फेल हुआ था

राजस्थान के पोकरण में ‘भारत शक्ति युद्धाभ्यास’ में शामिल तेजस फाइटर जेट मार्च 2024 में क्रैश हो गया था। यह जैसलमेर शहर से 2 किमी दूर जवाहर नगर स्थित भील समाज के हॉस्टल पर जा गिरा। तेजस के क्रैश होने की यह पहली घटना थी। इंजन फेल होने की वजह से यह फाइटर जेट क्रैश हुआ था। पायलट ने इजेक्शन से पहले ग्राउंड स्टाफ को इंजन में आई खराबी के बारे में बताया भी था।

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आपके देश को राफेल होगा फायदा, भारत और फ्रांस डील को मैक्रों का विपक्ष को जवाब

नई दिल्ली. फा्रंस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो ने गुरूवार को दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शिरकत की। इस बीच मैक्रो ने राफेल को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। इस बीच जब मैक्रो से जब राफेल को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं पता कि लोग इसकी आलोचना क्यों करते है। इससे आपके देश को मजबूती मिली है। मैक्रो ने भारत के साथ 114 रॉफेल लड़ाकू विमानों की डील का बचाव करते हुए कहा है कि इस समझौते को लेकर उठ रही आलोचनाओं को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि यह फायटर जेट भारत को सैन्य रूप से और ज्यादा मजबूत बनाते हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करते हैं। मैक्रो ने कहा है कि इस डील का व्यावसायिक पहलू दसॉल्ट एविएशन और आपकी सरकार के बीच संवाद का हिस्सा है। समझ नहीं आता है कि लोग इसकी आलोचना कैसे कर सकते हैं। यह आपके देश को मजबूत बनाता है। हमारे बीच रणनीतिक संबंधों को बढ़ाता है। यहां अधिक रोजगार भी पैदा करता है।
आपको बता दें कि मैक्रो का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब एक हफ्ते पहले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने 114 राफेल लड़ाकू विमनों की खरीद को मंजूरी दी थी। लगभग 3.25 लाख करोड़ रूपये की इस मेगा डील को मैक्रो की भारत यात्रा से ठीक पहले हरी झंडी मिली है। भारत और फ्रांस रक्षा सहयोग की सराहना करते हुए मैक्रो ने कहा है कि हम इस बात के लिये बेहद प्रतिबद्ध है। ज्यादातर भारतीय पुर्जो का उपयोग हो और अधिक से अधिक महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण भारत में ही किया जाये। यही तर्क टाटा-एयरबस डील के पीछे भी था। इसलिये हम राफेल के मामले में भी यही करेंगे। आप हम पर भरोसा कर सकते है।

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देशभर के न्यायाधीशों का मीडिया ट्रायल पर सख्त रुख, कोर्ट अब सरकारों को कहेंगी कि केस में पहले आपसी समझौते के विकल्प तलाशे

भोपाल. राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) में आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों ने केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा बेवजह मुकदमे दायर करने पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि अदालतों में बढ़ते लंबित मामलों की सबसे बड़ी वजह सरकारी केस है। सुप्रीम कोर्ट और सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के बीच इस इस बात गंभीर चर्चा हुई है कि सरकारों को वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) के तरीकों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया जाये। सरकार की तरफ से केस दायर किये जाने पर अब जज ही उन्हें यह कहें कि पहले आपसी समझौते से समाधान के विकल्प तलाशें उसके बाद ही अदालत का रास्त अपनाये।
इसके साथ ही सरकारी पक्ष को यह भी कहा जायेगा कि वर्षो तक अदालतों में केस लड़ने से होने वाले नुकसान के बजाय सरकारें मामलूली नुकसान स्वीकार कर तत्काल समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। क्रिमिनल मामलों में लंबित केसों का बोझ कम करने के लिये यह रणीनीति भी तय की गयी है 7 साल तक की सजा वाले मामलों को सुनवाई में प्राथमिकता दी जायेगी। गौरतलब है कि एकीकृत-प्रभावी और जनकेन्द्रित न्यायपालिका पर आधारित कॉफ्रेंस का समापन रविवार को हुआ।
न्यायपालिका की सबसे ताकतवर तस्वीर
सबसे अगली पंक्ति में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत और एनजेए के डायरेक्टर जस्टिस अनिरूद्ध बोस, साथ में सुप्रीम कोर्ट के 8 वरिष्ठ न्यायाधीशगण। दूसरी व तीसरी पंक्ति में देश की 25 हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस। इनमें मप्र के चीफ जस्टिस संजीव सचदेपवा, तीसरी पंक्ति में दाये से दूसरे नम्बर पर।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में 65%  से ज्यादा केस सिर्फ सरकार से जुड़े हुए
एमपी के वरिष्ठ वकीलों के अनुसार राज्य में हाईकोर्ट में लंबित 65 से 70 केस ऐसे हैं जिनमें मप्र शासन या फिर केन्द्र पार्टी है। इसमें कुछ केस ऐसे भी है। जो मप्र शासन या फिर केन्द्र सरकार ने ही दायर किये है। मप्र हाईकोर्ट में केसों की बात करें तो सबसे अधिक संख्या क्रिमिनल केसों की है।
अदालतों में लंबित मामलों में 10-15 सर्विस मैटर है। सरकार सबसे बड़ी जमीन मालिक भी है। इसलिये कई सिविल मामले उसी से जुड़े हुए है। ऐसे मामलों को कोर्ट की बजाय मध्यस्थता से सुलझाया जाये तो निपटारा तेज होगा। न्यायपालिका स्तर पर शुरूआत होने से प्रक्रिया और तेज हो सकती है।
राष्ट्रीय न्यायिक नीति पर सहमति, लेकिन मीडिया ट्रायल पर सख्त रुख
कॉन्फ्रेंस में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में यह भी माना गया कि देश को अब एक राष्ट्रीय न्यायिक नीति की जरूरत है। यह नीति न्यायपालिका को एकीकृत, संगठित और मजबूत बनाएगी। साथ ही अदालतों को तेज, सरल, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने में मदद करेगी।
कांफ्रेंस में मीडिया ट्रायल को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने साफ कहा कि न्याय सिर्फ अदालत में होना चाहिए, मीडिया में नहीं। जजों को मीडिया में चल रही चर्चाओं के प्रति संवेदनशील तो होना चाहिए, लेकिन उनसे प्रभावित नहीं होना चाहिए।

 

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सबसे कम आयु के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन

19 जनवरी को दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई। - Dainik Bhaskar
नयी दिल्ली.भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होगें। सोमवार को दिल्ली में पार्टी हेडक्वार्टर में नॉमिनेशन प्रक्रिया की गई। 45 साल के नबीन पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनसे पहले अमित शाह 49 साल की उम्र में पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट चुने गए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में नवीन अध्याय शुरू हो रहा है अध्यक्ष पद के लिये नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। अगले 24 घंटों में अध्यक्ष पद के लिये सभी प्रक्रियाओं को कम्पलीट कर लिया जायेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की चुनाव प्रक्रिया में सबसे पहले नितिन नवीन अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं। इस बीच अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गड़करी और जेपी नड्डा जैसे प्रमुख नेता मौजूद है। नितिन नवीन निर्विरोध अध्यक्ष चुने जायेंगे। वह कल अध्यक्ष पद का शपथ ग्रहण करेंगे।
नवीन के लिये कुल 37 नामांकन पत्र दाखिल किये गये है। 36 राज्य और केन्द्र शासित राज्य की ओर से दाखिल किये गये है। वहीं एक नामांकन पत्र भाजपा संसदीय दल की तरफ से दाखिल किया गया है। हर नामांकन पत्र पर 20 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर है। 4 बजे नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने जाने का अनुमान है। 5-6 के बीच नामांकन वापिस लिया जा सकता है।

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जेल में इमरान खान जिंदा है-डॉ. उज्मा खान

पाकिस्तान. लम्बे समय से चर्चाओं और अटकलों के बीच आखिरकार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन डॉ. उजमा खान की मुलाकात हो गयी है। यह मुलाकात रावलपिंडी के अदियाला जेल में हुई है। जहां इमरान खान को अगस्त 2023 से कई मामलों में बंदी बनाया गया है।
दरअसल, पिछले करीब एक माह से इमरान खान से किसी भी पारिवारिक सदस्य को मिलने की अनुमति नहीं थी। जिससे उनके स्वास्थ्य और कुशलता को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गयीथी। कई लोगों ने यहां तक सवाल ठाये कि क्या वह जीवित है या नहीं। इसको लेकर मंगलवार को पाकिस्तान की सड़कों पर इमरान समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इसके बाद पीएम की एक बहन को मिलने की अनुमति मिल गयी थी। इस मुलाकात ने पाकिस्तान और अंतर-राष्ट्रीय स्तर पर इमरान खान के स्वास्थ्य और कारावास स्थितियों पर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।

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अतिक्रमण हटाने गई टीम के सामने अतिक्रमणकारियों ने अपने ऊपर केरोसिन डाला तो पुलिस उठाकर ले गयी, युवक खंभे पर तो युवती छत पर चढ़ी

इंदौर. अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की भूमि पर कब्जे को लेकर समय से विवाद जारी है शुक्रवार की सुबह अतिक्रमण हटाने के लिये पहुंची टीम को देखकर परिवार के कुछ लोगों ने स्वयं पर केरोसिन डाल लिया। एक शख्स बिजली के खम्भे पर चढ गया। वहीं, एक युवती घर की चद्दर पर चढ़ गयी। सभी आत्मदाह और आत्महत्या करने की धमकी देने लगे। अधिकारी और पुलिसकर्मियों ने तत्काल केरोसिन छुड़ाकर परिवार के लोगों पर पानी डाला और उन्हें उठाकर ले गये। इसके बाद अतिक्रमण हटानेकी कार्यवाही प्रारंभ की। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन और नगरनिगम की संयुक्ट टीम मौके पर अतिक्रमण हटाने पहुंची। तनावपूण्र माहौल के बीच पुलिस ने वहां मौजूद परिवार को हिरासत में लिया है। पुलिस ने 4 परिवारों ने यहां कब्जा किया था।

हंगामे की तस्वीरें…

एक युवती छत पर चढ़कर धमका रही थी, टीम ने पेड़ के सहारे उसे नीचे उतारा।
एक युवती छत पर चढ़कर धमका रही थी, टीम ने पेड़ के सहारे उसे नीचे उतारा।
परिवार के लोगों ने टीम के साथ झूमाझटकी की और जमकर हंगामा किया।
परिवार के लोगों ने टीम के साथ झूमाझटकी की और जमकर हंगामा किया।
परिवार को काबू करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
परिवार को काबू करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
युवक टीम को बिजली का पोल पकड़ने की धमकी देने लगा।
युवक टीम को बिजली का पोल पकड़ने की धमकी देने लगा।
पुलिस ने युवक को पोल से नीचे उतारा और उठाकर थाने ले गई।
पुलिस ने युवक को पोल से नीचे उतारा और उठाकर थाने ले गई।
पुलिस ने कब्जाधारियों का घर धराशायी कर दिया।
पुलिस ने कब्जाधारियों का घर धराशायी कर दिया।

ट्रस्ट की जमीन पर किया था कब्जा
अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने इस संबंध में कलेक्टर को शिकायत की थी। अतिक्रमणकारियों ने पहले भी विवाद किया था, ये मामला पुलिस थाने में लंबित था। कलेक्टर शिवम वर्मा ने एसडीएम और तहसीलदार को भूमि की जांच के निर्देश दिए थे। जांच में जमीन मंदिर प्रशासन की ही पाई गई। इसके आधार पर गुरुवार को कब्जा हटाने के आदेश जारी किए गए। शुक्रवार सुबह टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। रहवासियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। एक महिला और दो युवकों ने खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह की धमकी दी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन पर पानी डालकर उन्हें काबू में किया और थाने ले गए।
इसी दौरान एक युवती छत पर चढ़ गई और आत्महत्या की धमकी देने लगी। महिला पुलिसकर्मी ने जोखिम उठाकर उसे नीचे उतारा, इस दौरान युवती घायल भी हो गई। कार्रवाई के दौरान एक युवक मंदिर परिसर की दीवार पर चढ़ गया और उसके पास लगे बिजली के पोल पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। वह बार-बार पुलिस और प्रशासन को बिजली का तार पकड़ लेने की चेतावनी देकर कार्रवाई रोकने का दबाव बनाता रहा। हालांकि, एहतियात के तौर पर प्रशासन पहले ही इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवा चुका था। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद युवक को नीचे उतारा। इस दौरान नगर निगम की टीम कब्जा हटाने की कार्रवाई में जुटी रही।

 

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दिल्ली बम धमाके में 5वें डॉक्टर का कनेक्शन, यूपी एटीएस ने परवेज अंसारी के घर की रेड

लखनऊ/सहारनपुर. यूपी एटीएस द्वारा छापेमारी के बाद डॉ. परवेज अंसारी का सहारनपुर सो संबंध सामने आया है। परवेज अंसारी के घर से जो कार बरामद हुई हैं। वह सहारनपुर आरटीओर के रजिस्ट्रर्ड है। यह अहम खुलासा है क्योंकि फरीदाबाद मॉड्यूल में गिरफ्तार किया गया है। जबकि दूसरा डॉक्टर आदिल भी सहारनपुर का ही रहने वाला है।
परवेज अंसारी की कार यूपी11बीडी 3563 पर इंटीग्रल यूनिवर्सिटी का कार पास लगा हुआ मिला है। एटीएस इस बात की जांच कर रही है। क्या परेवज और पहले से गिरफ्तार डॉ. आदिल के बीच कोई तालमेल था या नहीं। जांच में यह बात सामने आयी है कि फरीदाबाद मॉड्यूल में पकड़ा गया। डॉक्टर आदिल भी सहारनपुर से जुड़ा हुआ है। एाक ही जिले से 2 डॉक्टरों का एक जैसे मामलों में सोन आना जांच एजेंसियों के लिये गंभीर विषय है।
कार का पंजीकरण बरामद
डॉ. परवेज अंसारी के घर से मिली कार रजिस्ट्रेशन सहारनपुर आरटीओ से हुआ है। कार पर लगे इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के पास के संबंध में भी जांच की जा रही है। यह सभी कडि़यां आतंकवादी मॉड्यूल के गहरे और स्थानीय नेटवर्क की ओर इशारा करती है। इसके अलावा मडि़गांव में छापामारी के बाद यूपी एटीएस लोकल पुलिस के साथअब लालबाग में रेड कर सकती है।
पुलवामा में 350 किलो आरडीएक्स का अभी तक कोई जवाब नहीं
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दिल्ली विस्फोट को लेकर केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह घटना अधिकारियों की ‘‘पूरी तरह से नाकामी’’ दिखाती है। उन्होंने कहा है कि यह चौंकाने वाली बात है। 6 साल बाद भी यह नहीं बताया गया है। 350 किलो आरडीएक्स पुलवामा कैसे पहुंचा है। पवन खेड़ा ने कहा है कि ‘‘यह बहुत हैरानी और चौंकाने वाली बात है कि हमें अभी भी यह नहीं पता चला है कि 350 किलो आरडीएक्स कैसे पुलवामा पहजुंचा है। 6 साल से अधिक का समय गुजर गया है। फिर भी कोई जवाब नहीं दिया गया है। तत्कालीन गर्वनर सत्यपाल मलिक ने इस संबंध में कई बार सवाल उठाये थे। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब एनसीआर से इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और बम बनाने का सामान भी जब्त किया गया है। यह दिखाता है कि सरकार पूरी से फेल हो गयी है।

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पहले बंधक रिहा कराये अब छक्के छुड़ा रहा है इजरायल, हमास के खिलाफ अब युद्धविराम खारिज

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि गाजा में अगर इजरायल के सैनिक मारे जाते हैं तो उसे जवाबी हमला करना चाहिये। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मुताबिक इजरायल को जवाबी कार्यवाही करने का अधिकार है। इस दौरान इजरायल ने गाजा में हमास पर फिर से हमला किया है। इजरायल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गये है और दर्जनों जख्मी है।
पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे हमास के खिलाफ ‘‘शक्तिशाली हमला’’ बताया है। इजरायल का यह हमला इस माह की शुरूआत में अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किये गये युद्ध विराम के बावजूद हुआ है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि कोई भी घटना सीजफायर की खत्म नहीं कर सकती है। आपको बता दें कि इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर के बाद हमास ने 13 अक्टूबर को सभी 20 जीवित बंधकों को रिहा किया और बदले में इजरायल ने फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया था। दोनों देशों के बीच सीजफायर 9-10 अक्टूबर को प्रभावी हुआ, जिसमें हमास ने 13 अक्टूबर को सभी 20 जीवित इजरायली बंधकों को रिहा किया, बदले में इजरायल ने करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को मुक्त किया।
इजरायल और हमास के बीच सीजफायर क्यों टूटा?
इजरायल और हमास के बीच सीजफायर पहले ही अविश्वास की बुनियाद पर पनपा था। हमास ने 20 जिंदा इजरायली बंधकों को छोड़ दिया।  इसके बाद जब मृत बंधकों को छोड़े की बारी आई तो इजरायल ने आरोप लगाया कि हमास ने उसके नागरिकों के क्षत-विक्षत शव सौंपे हैं जो समझौते का ‘ स्पष्ट उल्लंघन’ है।

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अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राष्ट्रपति राफेल में भरी उड़ान, एयरफोर्स स्टेशन पर परेड का किया निरीक्षण

अम्बाला. राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने बुधवार की सुबह अंबाला एयरपोर्ट स्टेशन से लड़ाकू प्लेन राफेल में उड़ान भरी, वह फायटर प्लेन सूट पहनकर राफेल में बैठीं और रवाना होने से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। सुरक्षा के लिहाज से एयरफोर्स स्टेशन के आसपास ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगाई गयी है। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू सुबह 9.15 बजे स्पेशल प्लेन से अम्बाला पहुंची थी। यहां एयरफोर्स स्टेशन पर एयरचीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने उनका स्वागत किया और साथ ही एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
इसके उपरांत राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने जिप्सी में खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया है। उन्होंने जवानों से मुलाकात कर एयरफोर्स स्टेशन की अलग-अलग यूनिट्स का निरीक्षण भी किया है। एयरफोर्स स्टेशन के अन्दर किसी को भी मोबाइल ले जाने की परमिशन नहीं है। केवल अधिकृत व्यक्तियों का ही एयरफोर्स स्टेशन में प्रवेश दिया गया है।
राष्ट्रपति ने राफेल से जुड़ी बातें समझीं
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन देश के राफेल विमानों के स्क्वॉड्रन का सबसे खास अड्डा है। राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, उसे चलाने के तरीके और सुरक्षा से जुड़ी बातें समझीं।उड़ान के बाद राष्ट्रपति देश की रक्षा करने की ताकत, महिलाओं को सेना में आगे बढ़ाने और देश की सुरक्षा के लिए बनाई गई योजनाओं जैसे मुद्दों पर अपनी बात रख सकती हैं। राष्ट्रपति ने हमेशा से सेना से जुड़े कामों में दिलचस्पी दिखाई है, और उनका यह दौरा भी उसी का एक हिस्सा माना जा रहा है।

राष्ट्रपति के एयरफोर्स स्टेशन से PHOTOS

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल में उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने फाइटर प्लेन सूट पहना।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर राफेल में उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने फाइटर प्लेन सूट पहना।
बुधवार सुबह 11.14 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल में उड़ान भरी।
बुधवार सुबह 11.14 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से राफेल में उड़ान भरी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जिप्सी पर खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर जिप्सी पर खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू सुबह 9.15 बजे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। यहां एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू सुबह 9.15 बजे अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं। यहां एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।
अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचने पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत किया।