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पेट्रोल से भरी बोतल लेकर आर्थिक मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ी, दे रही थी आत्मदाह की धमकी

कलेक्ट कार्यालय परिसर पर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ी महिला भूरी खान। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. मंगलवार की दोपहर एक महिला के हंगामे से कलेक्ट्रेट परिसर के पीछे अफरा-तफरी मच गयी। लगभग 3.30 बजे एक महिला 5 मंजिला करीब 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गयी और हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर आत्मदाह की धमकी देने लगी। महिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आयी थी। 20 लाख रूपये आर्थिक मदद मांग रही थी। महिला का कहना था कि उसके पति और 2 बच्चों की मौत हो चुकी है। जिसके चलते वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी है। उसने जिला प्रशासन से 20 लाख रूपये की आथ्रिक मदद की मांग की है। महिला ने चेतावनी दी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गयी तो वह अपनी जान दे देगी।
नहीं मिली मदद तो पानी की टंकी पर चढ़ी
मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में सहायता की मांग लेकर पहुंची थी। जब उसे तत्काल मदद नहीं मिली, तो उसने यह कदम उठा लिया और पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गयी।
तेज गर्मी में बढ़ी चिंता
घटना के समय शहर में भीषण गर्मी पड़ रही है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है। ऐसे में टंकी पर खड़ी महिला की हालत को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। महिला को टंकी पर चढ़ा देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और महिला को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अधिकारी महिला को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुटे हैं।

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पिस्टल अड़ाकर किया ओरल सेक्स, प्रॉपटी व्यापारी को बोला-पीटा 10-10 लाख रूपये के 3 चेक साइन कराये

ग्वालियर. गुण्डों ने कंस्ट्रक्शन कम्पनी के संचालक प्रॉपर्टी व्यापारी को कमरे में बंधक बना लिया। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनसे पिस्ट अड़ाकर ओरल सेक्स किया और मारपीट की ।ऑनलाइन पेमेंट करवाकर शराब मंगाई, 10-10 लाख रूपये के 3 चेक साइन करवाये है। गुण्डों ने अपने दुश्मन का गालियां दिलवाकर वीडियो बनाये और पीडि़त के मोबाइल से उनको भेजें है।
गुण्डों का दुश्मन का उनका बिजनेस पार्टनर है। जिससे आरोतपियों का झगड़ा चल रहा है। घटना 15 अप्रैल की शाम 5.30 से रात 9 बजे के बीच हुई थी। घबराये प्रॉपर्टी व्यापारी ने बाद में पुलिस शिकायत की। मुख्य आरोपी ओमकार सिकरवार, गैंगस्टर पंकज सिकरबार का भाई है। पंकज की मौत हो चुकी है। पुलिस ने सोमवार को आरोपियों पर मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है घटनाक्रम
गोला का मंदिर इलाके में रहने वाला 48 वर्षीय युवक कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाता है। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करता है। उसने बताया कि वह 10 साल से ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरवार को जानता हैा।
ओमकार उसके एक दोस्त पंकज सिकरवार का छोटा भाई है। पंकज गैंगस्टर था और 10 जुलाई 2019 को शूटर्स ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। ओमकार सिंह उर्फ भूरे सिकरवार ने 15 अप्रैल को ठेकेदार को सोनू राठौर से चल रहे लेनदेन पर बातचीत के लिए बुलाया। वह ओमकार के पीतांबरा धर्मकांटा पहुंचा। कुछ देर बाद ओमकार सिंह और गौरी यादव कार से आए और उसे ऑफिस ले गए।
गलत काम करते हुए बदमाश ने वीडियो भी बनवाया
आरोप है कि ओमकार सिकरवार ने पिस्टल अडाकर ठेकेदार के साथ गंदा काम किया। साथी गौरी यादव के मोबाइल से वीडियो बनवाया है। आरोपी ने उससे सोनू राठौर के लिये अपशब्द बुलवाये और वीडियो भी बनाये। उन्होंने सोनू को बुलाने का दबाव बनाया है। लेकिन ठेकेदार ने कॉल नहीं किया।

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रिफाइनरी में आग लगना साजिश या हादसा, अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारत सहित 5 देशों की रिफाइनरी में कैसे लगी आग

नई दिल्ली. पीएम नरेन्द्र मोदी मंगलवार को राजस्थान के पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लगभग 13 वर्ष पहले देखे गये इस प्रोजेक्ट का सपना अब पूरा होने जा रहा था। लेकिन उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले भीषण आग ने रिफाइनरी के मेने प्रोसिसिंग यूनिट्स को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे इसका उद्घाटन टल गया है।
हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की इस रिफाइनरी में लगी भीषण आग की वजहों का पता लगाने के लिये जांच जानरी है। हैरानी की बात यह है कि दुनियाभर में ऑयल एसेट्स खासकर रिफाइनरी में आग लगने की घटनाओं का एक पैटर्न दिखाई दियाहै। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बीच तेल और गैस जैसे प्राकृतिक संसाधनों को एक हथियार की तरह उपयोग किया जा रहा है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 से ईरान पर हवाई हमले शुरू किये और पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की शुरूआत हुई। उसके बाद से भारत समेत 6 देशों की तेल रिफाइनरियों में आग लगने की घटनायें सामने आयी है। यह सभी रिफाइनरियां युद्ध इलाके से बाहर है। इन घटनाओं को लेकर अब यह चर्चा तेज हो गयी है। कि क्या रिफाइनरियों में लग रही आग महज संयोग है या इसके पीछे कोई पैटर्न है।
दुनिया भर में तेल रिफाइनरियों में आग क्यों लग रही है?
एक नॉर्थ अमेरिकन एक्स (X) अकाउंट ने दावा किया कि दुनियाभर के ऑयल एसेट्स में आग लगने की ये घटनाएं सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि तेल आपूर्ति को बाधित करने का पैटर्न हो सकता है। HPCL राजस्थान रिफाइनरी की घटना के बाद एक्स पर लिखते हुए अरविंद ने भी कहा कि अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में लग रही आग की घटनाएं वैश्विक स्तर पर रिफाइंड ऑयल सप्लाई को प्रभावित करने का संकेत हो सकती है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए कहा, ‘एक पक्ष तेल की कमी पैदा करना चाहता है और इसके लिए पहले से तैयारी कर चुका है, जबकि दूसरा पक्ष तेल की भरपूर आपूर्ति बनाए रखकर दूसरे पर दबाव बनाना चाहता है।’
अमेरिका-ईरान युद्ध में तेल सबसे बड़ा हथियार बनकर उभरा है।  सैन्य ताकत के लिहाज से अमेरिका और ईरान की तुलना नहीं की जा सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी शुरुआत में लगा था कि यह युद्ध कुछ हफ्तों में खत्म हो जाएगा । लेकिन जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित किया- जो फारस की खाड़ी से तेल-गैस एक्सपोर्ट का मुख्य समुद्री मार्ग है, और खाड़ी देशों के तेल ठिकानों पर हमले किए, तो हालात बदल गए है। इससे वैश्विक आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा और तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे दुनिया भर के उद्योग प्रभावित हुए ।.
अगर विभिन्न देशों की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होती है, तो इसका फायदा युद्ध में शामिल या बड़े भंडार रखने वाले देशों को मिल सकता है।  वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार (303.2 अरब बैरल) है, जबकि ईरान तीसरे स्थान पर है। (208.6 अरब बैरल). ऐसे में यदि वैश्विक सप्लाई बाधित होती है और रिफाइनरियां ठप पड़ती हैं, तो बड़े तेल भंडार वाले देशों को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है. दिलचस्प बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक चीन अब तक आग की ऐसी घटनाओं से अछूता रहा है।  कुल मिलाकर, आधिकारिक तौर पर इन घटनाओं को तकनीकी कारणों या दुर्घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने ‘ग्लोबल पैटर्न’ की आशंका को भी जन्म दे दिया है।

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ग्वालियर मास्टर प्लान 2035, चौड़ी होंगी सड़कें, बदलेगा शहर का नक्शा

ग्वालियर. संकरी गलियों और ट्रैफिक जाम की समस्या अब धीरे-धीरे इतिहास बन रही है। मास्टर प्लान 2035 सिर्फ एक नक्शा नहीं, बल्कि ग्वालियर के भविष्य का पूरा ब्लूप्रिंट है। इसके तहत शहर में सड़क चौड़ीकरण का काम तेजी से शुरू हो चुका है। अतिक्रमण हटाकर रास्ते साफ किए जा रहे हैं, जिससे व्यवस्थित कॉलोनियां, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक शहर की नींव पड़ रही है। शहर के कई व्यस्त मार्गों पर काम जोरों पर है। प्रमुख सड़कें चौड़ी हो रही हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा और आवागमन आसान बनेगा।
पार्किंग की कमी दूर करने के लिए बड़े प्लान तैयार
शहर में पार्किंग की कमी दूर करने के लिए बड़े प्लान तैयार हैं। मास्टर प्लान-2035 के तहत निगम सीमा क्षेत्र में कटोरताल, महाराज बाड़ा मल्टी पार्किंग, सिटी सेंटर, जयेंद्रगंज और एमएलबी कॉलेज के आसपास मल्टी-लेवल और पर्याप्त पार्किंग स्पेस बनाए जाएंगे।
सभी भवन तय मानकों के अनुसार बनेंगे
मनमर्जी से निर्माण पर रोक लग जाएगी। सभी भवन तय मानकों के अनुसार बनेंगे। परिणामस्वरूप शहर में मकान एक सीध में व्यवस्थित दिखाई देंगे और अव्यवस्थित निर्माण की समस्या खत्म हो जाएगी।
नगर निगम की स्कीम
केंद्र और राज्य सरकार की विशेष योजनाओं के तहत शहर की सभी प्रमुख सड़कें चौड़ी की जाएंगी। जोनल प्लान और मेट्रोपॉलिटन प्लान लागू होने से भी सड़क चौड़ीकरण को गति मिलेगी। फिलहाल 500 करोड़ रुपये की लागत से तीनों विधानसभा क्षेत्रों में सड़क चौड़ीकरण का काम होगा।

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ग्वालियर में 42.5 डिग्री पर पहुंचा पारा, गर्मी हीटवेव की ओर बढ़ी, तपता शहर, सन्नाटे में सड़कें

ग्वालियर. शहर इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचते ही हालात ऐसे हो गए कि दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छा गया। आम दिनों में जहां भीड़ रहती है, वहां गर्म हवा की चुभन ने लोग दोपहर में घर से नहीं निकल रहे हैं। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहने लगा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 24 घंटे में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे हीटवेव जैसे हालात बन सकते हैं। वहीं 26 अप्रेल के आसपास आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।
हवा में नमी न होने के कारण लू जैसे हालात
मौसम में यह बदलाव राजस्थान से आ रही तपती हवाओं की वजह से हुआ है। अधिकतम तापमान सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया, जिससे गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। हवा में नमी न होने के कारण लू जैसे हालात बन गए हैं और दोपहर का समय सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। व्यस्ततम बाजार और मुख्य सड़कों पर भी दोपहर के समय लोगों की आवाजाही काफी कम रही। घर से निकलने के बाद मुंह पर कपड़ा बांधे हुए हैं।
जेट स्ट्रीम हवा से बढ़ रही गर्मी
उत्तर भारत के ऊपर उपोष्ण जेट स्ट्रीम हवा चल रही है। इस हवा की गति 204 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इस हवा के चलने की वजह से राजस्थान की गर्म हवा की गति बढ़ी है।

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MP में कर्मचारियों-अधिकारियों में रोष, महंगाई भत्ता बढ़ोत्तरी की फाइल अटकी

भोपाल. सार्वजनिक उपक्रमों में औद्योगिक महंगाई भत्ता (आईडीए) बढ़ाया गया है। आईडीए में कुल 5.2 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन कर्मचारियों, अधिकारियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। औद्योगिक महंगाई भत्ता यानि आइडीए बकाया के भुगतान की फाइल अटका ली है। ऐसे में सरकारी अमला लामबंद होकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आया है। बीएसएनएल के कर्मचारियों ने तो महंगाई भत्ता देने की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी, यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। बीएसएनएल की सभी यूनियनों और एसोसिएशनों ने सोमवार को पूरे देश में भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया। भोपाल, उज्जैन सहित प्रदेश के अनेक शहरों में कर्मचारियों, अधिकारियों ने दूरसंचार कार्यालयों के पास नारेबाजी की।
बीएसएनएल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया
राजधानी भोपाल में भी बीएसएनएल कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। संचार निगम एग्जीक्यूटिव एसोसिएशन के मप्र परिमंडल सचिव आरके दीपक ने बताया, यह प्रदर्शन देशभर में किया जा रहा है। दूरसंचार विभाग द्वारा अप्रेल महीने के वेतन के साथ औद्योगिक महंगाई भत्ता यानि आइडीए बकाया के भुगतान की फाइल को मंज़ूरी देने में की जा रही अनावश्यक देरी के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
कर्मचारी, अधिकारियों के साथ-साथ पेंशनभोगी भी प्रभावित हुए
बीएसएनएल के कर्मचारी, अधिकारियों के साथ-साथ पेंशनभोगी भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने हाल ही में 16 अप्रेल को देशभर में सभी सीसीए कार्यालयों पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए थे। ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल (एयूएबी) के बैनर तले महंगाई भत्ते की मांग को लेकर उज्जैन में भी प्रदर्शन किया गया। देवासगेट स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने भोजनावकाश में प्रदर्शन किया। अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की।

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एजी ऑफिस पुल पर 90 लाख की लागत से सुधरेगी सड़क, बारिश से पहले मरम्मत की तैयारी

ग्वालियर. अपने अजीबोगरीब मोड़ के कारण प्रसिद्ध शहर के प्रमुख एजी ऑफिस पुल पर सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है। इस पर कई साल पहले बिछाया गया मैस्टिक एस्फाल्ट अब जगह-जगह से उखड़ चुका है। इसके अलावा पुल के दोनों तरफ के ढाल की तरफ बिछाया गया डामर भी अब गायब होने लगा है। ऐसे में इस पुल की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू की गई है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सेतु संभाग के अधिकारियों ने इस पुल की मरम्मत का करीब 90 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इसमें मैस्टिक एस्फाल्ट बिछाने के साथ ही पुल के खराब जॉइंट को ठीक करने का काम भी किया जाएगा।
बारिश से पहले काम पूरा करने की चुनौती
ये काम भी वर्षा का मौसम शुरू होने से पहले कराने की तैयारी है, ताकि बारिश के दौरान पुल की सड़क और खराब न हो और समय रहते इस पर मैस्टिक एस्फाल्ट की परत बिछ जाए। अन्यथा वर्षा की स्थिति में वाहनों की आवाजाही से पुल में मौजूद गड्ढे और गहरे हो जाएंगे, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में इस पुल की मरम्मत के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वर्तमान में इस पुल की हालत इतनी खराब है कि वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल पर जगह-जगह गड्ढे हो चुके हैं। कुछ स्थानों पर गड्ढे इस प्रकार गहरे हैं कि वाहन को अचानक ही झटका लगता है और असंतुलित होकर दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
एजी ऑफिस पुल पर मैस्टिक एस्फाल्ट की परत बिछाने व रोड मरम्मत सहित अन्य कार्य के लिए 90 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसे स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य कराया जाएगा। – जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग

 

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मुरार के सदरबाजार से 22 लाख की ज्वेलरी गायब, कार से गिरा पाउच 2 महिलायें उठाकर ले गयी

ग्वालियर. मुरार के सदर बाजार में सोमवार की दोपहर लगभग 12.53 बजे ज्वेलरी से भरा पाउच गायब हो गया। घटना उस वक्त हुई जब प्रोजेक्ट इंजीनियर के घर शादी का माहौल था। परिवार की नई बहू के लिये गहनों का बॉक्स खरीदने बाजार पहुंचा था। इसी बची कार से उतरते वक्त ज्वेलरी से भरा पाउच दूल्हे की बहन के हाथ से गिर गया। जिसका किसी को तत्काल पता नहीं चल सका। कुछ ही देर बाद वहां से गुजर री 2 महिलाओं की नजर पाउच पर पड़ी तो उन्होंने पाउच उठाकर देखा और उसमें ज्वेलरी होने पर बिना किसी को जानकारी दिये वहां से चली गयी। जब परिवार को ज्वेलरी से भरा नहीं मिलने पर हंगामा खड़ा हो गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गयी।
घटना सीसीटीवी में हुई कैद
आदित्यपुरम स्थित ग्रीनवुड स्कूल के पास रहने वाले प्रोजेक्ट इंजीनियर कृपालसिंह गुर्जर अपने भाई सुमित गुर्जर (आरक्षक शहडोल) की शादी के बाद से परिवार के साथ बाजार आये थे। पाउच में लगभग 15 तोला सोना रखा था। जिसमें रानी हार, हाथफूल और अंगूठियां शामिल थी। पुलिस ने आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो जिसमें 2 महिलायें पाउच उठाते हुए साफ दिखाई दे रही है। फुटेज के आधार पर महिलायें पहले एक बर्तन की दुकान पर गयी थी। वहां से निकलते वक्त पाउच मिला। ज्वेलरी देखने के बाद वह जल्दी-ज्लदी वहां से निकल गयी।
महिलाओं का रूट ट्रेस
पुलिस ने CCTV की मदद से दोनों महिलाओं की मूवमेंट ट्रैक की है। वे सदर बाजार से गिर्राज मंदिर होते हुए अग्रसेन चौराहा और फिर सब्जी मंडी की ओर जाती दिखीं। इसके बाद वे गर्ल्स कॉलेज की दिशा में जाती नजर आईं। मुरार थाना और क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर जल्द ही संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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धमकी-BJP विधायक प्रीतम लोधी बोले-SDOP करैरा तेरे डैडी का नहीं है, औकात में रहें, बेटा आयेगा और चुनाव भी लड़ेगा

शिवपुरी. पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को चेतावनी देते हुए वीडियो जारी किया है। बेटे दिनेश लोधी की थार एक्सीडेंट मामले में पूछताछ और करैरा में नहीं दिखने की बात पर प्रीतम ने कहा है कि ‘‘करैरा तेरे डैडी का नहीं है एसडीओपी। एसडीओपी ने कहा है कि नियमानुसार पूछताछ, ब्लैक फिल्म हूटर पर चालान और ड्रायविंग लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है।
कानून के दायरे में ही काम करे-प्रीतम लोधी
रविवार की देर शाम जारी वीडियो में प्रीतम लोधी एसडीओपी पर भड़के हुए नजर आये। उन्होंने कहा है कि करैरार आयेगा और चुनाव भी लड़ेगा। अगर तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना।
गाड़ी भिजवाओ, हमने गाड़ी भिजवाई थी
प्रीतम लोधी बोले एसपी साहब से कहा है कि इसमें कायमी कराईये, हमने कायमी कराई है। उन्होंने कहा है कि गाड़ी भिजवाओं, हमने गाड़ी भिजवाइ्र है।गाडी की जमानत कराई है। फिर उन्होंने कहा है कि लड़के दिनेश को भिजवाओ तो हमने दिनेश को भिजवाय है। लेकिन एसडीओपी करैरा ने जो बात कहीं है तो मेरे गले नहीं उतर रही है। ं

 

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चम्बल के अवैध रेत उत्खनन की एसएएफ कंपनी ड्रोन कर रही है निगरानी

राजघाट पर टेंट - Dainik Bhaskar
मुरैना. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चम्बल नदी से अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिये जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाये है। प्रशासन को 93 सदस्यीय एसएएफ की एक कम्पनी मिली है। चम्बल नदी के किनारे टेंट लगाकर 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग करेगी। इसके अलावा राजघाट पर निगरानी के लिये ड्रोन कैमरे भी छोड़े गये है। वर्तमान में मायनिंग, राजस्व, वन और पुलिस की टॉस्क फोर्स ने संयुक्त रूप से राजघाट समेत अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर गश्त शुरू की गयी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मिली जवानों की कम्पनी
चम्बल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने में विफलता पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान की सरकारों को फटकार लगायी थीं हाईकोर्ट ने रेत उत्खनन न रूकने पर अर्द्धसैनिक बल तैनात करने के निर्देश दिये थे। इसकेबाद जिला प्रशासन को एसएएफ के 93 जवानों की बटालियन मिली है। जिससे अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है।
2 ड्रोन कैमरों से निगरानी, 4 विभागों की संयुक्त गश्त जारी
चंबल राजघाट पर बड़े स्तर पर रेत का उत्खनन किया जा रहा था। इसे रोकने के लिए बल तैनात करने के साथ-साथ प्रशासन ने 2 ड्रोन कैमरे भी लगाए हैं, जिनसे नजर रखी जा रही है। प्रशासन जल्द ही ड्रोन कैमरों की संख्या भी बढ़ाएगा। चंबल अभयारण्य देवरी के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान के अनुसार, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की जिला टास्क फोर्स संयुक्त रूप से सभी पॉइंट पर पहुंचकर निगरानी कर रही है। चंबल नदी किनारे और राजघाट पर संयुक्त गश्त जारी है। फिलहाल वहां किसी तरह की कोई हलचल नहीं दिखी है।

ड्रोन से निगरानी
4 पॉइंट पर हुई तैनाती
पहला पॉइंट : चंबल राजघाट और अल्ला बेली चौकी (चंबल पुल) पर 50 जवान तैनात किए गए हैं। ये टेंट लगाकर नदी किनारे तीन शिफ्ट में पेट्रोलिंग ड्यूटी करेंगे।
दूसरा पॉइंट : सिकरौदा नहर पर टेंट लगाया गया है। यहां से देवगढ़ थाना क्षेत्र के गुढ़ा, नंदपुरा, डाबरपुरा और बारबासिन घाटों से रेत निकालकर परिवहन किया जाता है। यहां 4-1 का गार्ड तैनात रहेगा।
तीसरा पॉइंट : वन विभाग के डिपो और चेक पोस्ट पर 12 गार्ड मौजूद रहेंगे। ये नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहनों पर निगरानी रखेंगे।
चौथा पॉइंट : शहर में डीएफओ कार्यालय के पास हाईवे पर लगने वाली रेत मंडी में 4-1 का सुरक्षा गार्ड पेट्रोलिंग करेगा।
इनके अलावा, 93 एसएएफ जवानों में से 12-12 सुरक्षा गार्ड अंबाह और सबलगढ़ गेम रेंज को दिए गए हैं। ये जवान अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर अवैध रेत उत्खनन को रोकेंगे।