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चम्बल के अवैध रेत उत्खनन की एसएएफ कंपनी ड्रोन कर रही है निगरानी

राजघाट पर टेंट - Dainik Bhaskar
मुरैना. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चम्बल नदी से अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिये जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाये है। प्रशासन को 93 सदस्यीय एसएएफ की एक कम्पनी मिली है। चम्बल नदी के किनारे टेंट लगाकर 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग करेगी। इसके अलावा राजघाट पर निगरानी के लिये ड्रोन कैमरे भी छोड़े गये है। वर्तमान में मायनिंग, राजस्व, वन और पुलिस की टॉस्क फोर्स ने संयुक्त रूप से राजघाट समेत अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर गश्त शुरू की गयी है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मिली जवानों की कम्पनी
चम्बल नदी में अवैध रेत उत्खनन रोकने में विफलता पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान की सरकारों को फटकार लगायी थीं हाईकोर्ट ने रेत उत्खनन न रूकने पर अर्द्धसैनिक बल तैनात करने के निर्देश दिये थे। इसकेबाद जिला प्रशासन को एसएएफ के 93 जवानों की बटालियन मिली है। जिससे अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है।
2 ड्रोन कैमरों से निगरानी, 4 विभागों की संयुक्त गश्त जारी
चंबल राजघाट पर बड़े स्तर पर रेत का उत्खनन किया जा रहा था। इसे रोकने के लिए बल तैनात करने के साथ-साथ प्रशासन ने 2 ड्रोन कैमरे भी लगाए हैं, जिनसे नजर रखी जा रही है। प्रशासन जल्द ही ड्रोन कैमरों की संख्या भी बढ़ाएगा। चंबल अभयारण्य देवरी के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान के अनुसार, वन, पुलिस और राजस्व विभाग की जिला टास्क फोर्स संयुक्त रूप से सभी पॉइंट पर पहुंचकर निगरानी कर रही है। चंबल नदी किनारे और राजघाट पर संयुक्त गश्त जारी है। फिलहाल वहां किसी तरह की कोई हलचल नहीं दिखी है।

ड्रोन से निगरानी
4 पॉइंट पर हुई तैनाती
पहला पॉइंट : चंबल राजघाट और अल्ला बेली चौकी (चंबल पुल) पर 50 जवान तैनात किए गए हैं। ये टेंट लगाकर नदी किनारे तीन शिफ्ट में पेट्रोलिंग ड्यूटी करेंगे।
दूसरा पॉइंट : सिकरौदा नहर पर टेंट लगाया गया है। यहां से देवगढ़ थाना क्षेत्र के गुढ़ा, नंदपुरा, डाबरपुरा और बारबासिन घाटों से रेत निकालकर परिवहन किया जाता है। यहां 4-1 का गार्ड तैनात रहेगा।
तीसरा पॉइंट : वन विभाग के डिपो और चेक पोस्ट पर 12 गार्ड मौजूद रहेंगे। ये नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहनों पर निगरानी रखेंगे।
चौथा पॉइंट : शहर में डीएफओ कार्यालय के पास हाईवे पर लगने वाली रेत मंडी में 4-1 का सुरक्षा गार्ड पेट्रोलिंग करेगा।
इनके अलावा, 93 एसएएफ जवानों में से 12-12 सुरक्षा गार्ड अंबाह और सबलगढ़ गेम रेंज को दिए गए हैं। ये जवान अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोलिंग कर अवैध रेत उत्खनन को रोकेंगे।

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कॉम्बिंग गश्त- 191 फरार एवं वारंटियों को किया गिरफ्तार 270 गुण्डा व हिस्ट्रीषीटर चेक

ग्वालियर। . कानून व्यवस्था बनाये रखने व आदतन अपराधियों पर षिकंजा कसने के उद्देष्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, के निर्देष पर 19/20 अप्रैल की दरमियानी रात्रि शहर व देहात के थाना क्षेत्रों में देर रात तक कॉम्बिंग गष्त किया गया। थाना प्रभारियों के साथ मय पुलिस बल के ग्वालियर शहर एवं देहात क्षेत्र में कॉम्बिंग गष्त किया।
ग्वालियर पुलिस के अधिकारियों द्वारा अधीनस्थ थाना बल के साथ अपने-अपने क्षेत्र में पैदल गष्त किया गया। इस दौरान उनके द्वारा फरारी बदमाषों, वारंटियों, गुण्डों, हिस्ट्रीषीटरों एवं जिला बदर के आरोपियों की उनके घरों पर चेकिंग के साथ ही बैंक एटीएम एवं होटल, लॉज, धर्मषाला, ढाबों को भी चेक किया। इस गष्त के लिये पुलिस की टीमें बनाकर शहर व देहात क्षेत्रों में संवेदनषील इलाकों में भी गष्त की गई। इस दौरान पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों तथा मुंह बांधे दो पहिया वाहन चालकों की चेकिंग की गई।

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“शक्ति दीदी” नवाचार को ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार’ कलेक्टर रुचिका चौहान भोपाल में होंगी सम्मानित 

ग्वालियर – महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखने वाले “शक्ति दीदी” नवाचार को अब प्रदेश स्तर पर बड़ी पहचान मिलने जा रही है। राज्य शासन ने इस अनूठी पहल को “मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार” के लिए चयनित किया है। 21 अप्रैल को भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में आयोजित भव्य समारोह में ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत कलेक्टर, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन और सहायक संचालक (महिला एवं बाल विकास) राहुल पाठक को संयुक्त रूप से एक लाख रुपये की नकद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जायेंगे। ग्वालियर जिले को यह पुरस्कार “सामाजिक समावेश एवं सशक्तिकरण” कैटेगरी में दिया जा रहा है।
 पेट्रोल पंपों पर कमान संभाल रहीं ‘शक्ति दीदियाँ’ 
“शक्ति दीदी” नवाचार के तहत ऐसी महिलाओं को चुना गया जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थीं, अपनों द्वारा उपेक्षित थीं या विधवा थीं। जिला प्रशासन ने इन महिलाओं को पेट्रोल पंपों पर ‘फ्यूल डिलीवरी वर्कर’ के रूप में सम्मानजनक रोजगार दिलाया। 2 जनवरी 2025 को महज 5 महिलाओं से शुरू हुआ यह कारवां मौजूदा अप्रैल माह तक 112 “शक्ति दीदियों” तक पहुँच गया है। शुरुआत में झिझक रहे पेट्रोल पंप संचालक अब इन महिलाओं की मेहनत और ईमानदारी देखकर स्वयं प्रशासन से “शक्ति दीदी” की मांग कर रहे हैं।
शक्ति दीदियों का कहना है कि हमें सम्मान के साथ मिला है रोजगार
“शक्ति दीदी” बनी महिलाओं का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले को महिला कलेक्टर देकर उनके दु:ख-दर्द को समझने वाला सहारा प्रदान किया है। महिलायें कहती हैं कि इस नवाचार ने न केवल उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि समाज में हमारा मान-सम्मान भी बढ़ाया है।
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राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में लगी आग, मंगलवार को पीएम उद्घाटन करने वाले हैं, कर्मचारियों को निकाला बाहर

बालोतरा/बाड़मेर. राजस्थान के बालोतराकी पचपदरा रिफाइनरी में उद्घाटन से एक दिन पूर्व आग लग गयी है। सोमवार की दोपहर 2 बजे रिफायनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में आग लग गयी है। धुएं का गुबार उठने पर कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी सिस्टम चालू कर दिया गया है। आग की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाडि़यां घटनास्थल पर पहुंची है। आग बुझाने के प्रयास शुरू किये गये है। लगभग 2 घंटे तक आग की लपटें 3 किमी दूर से दिखाई दे रही थी। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है। इस बीच लगभग 10-12 फायर ब्रिगेड से एक साथ पानी की बौछार की जा रही है।
आपको बता दें कि मंगलवार को पीएम नरेन्द्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। रिफाइनरी के जिस हिस्से में आग लगी है। वह जगह सभास्थल से 800 मीटर दूर है। इस सभास्थल में मंगलवार का पीएम नरेन्द्र मोदी संबोधित करने वाले हैं। सुरक्षा वजहों से पूरे इलाके को खाली करा लिया गया है। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। फिलहाल किसी क हताहत होने की खबर नहीं है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में पाइप लाइन से आने वाला कच्चा तेल इसी यूनिट में आता है। इस यूनिट में क्रूड ऑयल रिफाइन होकर अलग-अलग यूनिट में भेजा जाता है। अधिकारियों नेबताया है कि आग पर पूरी तरह से काबू पाने के बाद ही नुकसान का और इसकी वजहों का आकलन किया जा सकेगा। घटना के बाद पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गयी है।

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जापान में आया रिक्टर स्केल 7.4 तीव्रता का भूकंप, रेल सेवा रोकी, प्रान्तों में 3 मीटर ऊंची सुनामी लहरें, जहाजों को सुरक्षित जगह समुद्र में भेजा

नई दिल्ली. जापान के उत्तरी भाग में सोमवार को जोदार भूकम्प के झटके महसूस किये गये है। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 रही है। भूकम्प के बाद जापान के मौसम विभाग ने सुनामी की आशंका जताते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से तत्काल इलाका खाली करने की अपील की है। जापान की पीएम ने आपात स्थिति से निपटने के लिये एक आपातकालीन टास्क फोर्स का गठन किया गया है। लोगों से तटीय इलाकों का छोड़कर सुरक्षित ऊंचाईयों पर जाने की अपील की है। भूकंप की वजह से टोक्यों और औमोरी के बीच बुलेट ट्रेन की सेवाये रोक दी गयी है। बिजली कम्पनियां परमाणु संयंत्रों सहित अपनी सुविधाओं की जांच कर रही है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, भूकंप प्रशांत महासागर में 10 किमी की गहराई पर आया था। भूकंप के तत्काल बाद अधिकारियों ने तटीय इलाकों विशेष रूप से इवाते, ओमोरी और होक्काइडों प्रान्तों में 3 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें आने की आशंका जताई है। लोगों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की गयी है। भूकंप के तत्काल बाद जापान के सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के तटीय इलाकों में आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। हचिनोहे बन्दरगाह से जहाजों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित समुद्र में भेज दिया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सुनामी की लहरें जल्द ही तट से टकरा सकती है। इसलिये लोग समुद्र के पास बिलकुल नहीं जाये। इवाते और आसपास के इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने काकाम युद्धस्तर पर चल रहा है।
ट्रेन सर्विस प्रभावित
क्योडो न्यूज एजेंसी अनुसार टोक्यों से ओमोरी तक चलने वाली बुलेट ट्रेनें तत्काल रोक दी गयी है। कई जगहों पर इमारतों और सड़कों को नुकसान पहुंचने की भी खबरें है। रेलवे स्टाफ ने पटरियों और स्टेशनों की जांच में जुटा है। ताकि सेवाओं को सुरक्षित तरीके से बहाल किया जा सके। भले ही होक्काइडो और तोहोकू इलाके में कोई परमाणु संयंत्र वर्तमान में संचालित नहीं है। लेकिन सावधानी के तौर पर इनकी जांच शुरू कर दी गयी है। तोहोकू इलेक्ट्रिक पॉवर वर्तमान में बन्द पड़े है। ओनागवा परमाणु संयंत्र का निरीक्षण कर रही है। ताकि भूकमप या सुनामी से हुए किसी भी संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके। टोक्यों इलेक्ट्रिक पॉवर कम्पनी भी अपनी बिजली लाइनों और अन्य सुविधाओं का आकलन कर रही है।

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दो वेंडरों से मारपीट करने पर GRP के 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

इन 2 वेंडरों से मारपीट की गई थी। - Dainik Bhaskar

ग्वालियर. रेलवे स्टेशन पर वेंडरों से मारपीट के मामले में जीआरपी पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्यवाही शनिवार को सामने आये झगड़े के बाद की गयी है। जिसमें 2 वेंडरों ने पुलिस पर मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगाये थे। शनिवार की शाम को वेंडर अमित धाकरे और राघव तोमर ने आरोप लगाया है कि जीआरपी थाना प्रभारी जितेन्द्र चंदेरिया कई दिनों से उनसे पैसे मांग रहे थे।
अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था
अमित धाकरे के मुताबिक पुलिस कर्मियों ने उनके शरीर के कई हिस्सों पर लातों और बेल्ट से पिटाई की थी। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। वेंडरों ने मामले की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
इन पुलिस कर्मियों को किया गया निलंबित
वेंडरों से मारपीट के मामले में जितेन्द्र चंदेरिया समेत दुष्यंत गुर्जर, मनोज जाट, योगेश जाट, धर्मवीर लोधी और सौरभ गुर्जर पर आरोप लगाये थे। जबकि पुलिस ने योगेश जाट, मनोज जाट, आशीष चौरसिया, विकास सोलंकी, निहाल और नमन को निलंबित किया गया है। जिससे कार्यवाहीप र सवाल उठाये रहे है।
6 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
जीआरपी थाना टीआई दीपशिखा तोमर ने बताया है कि वेंडरों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की जानकारी मिलने पर सीनियर अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। इसके बाद 6 आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। जीआरपी पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया है कि मामले की जांच जारी है। दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। लेकिन विभागीय स्तर पर कार्यवाही की गयी है।

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बस 100 फीट नीचे गिरी खाई में 22 लोगों की मौत, 29 यात्री घायल, ड्रायवर बस को काबू नहीं कर पाया

उधमपुर के कगोट इलाके में हादसे बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। - Dainik Bhaskar

उधमपुर. जम्मू कश्मीर के उधमपुर में सोमवार की सुबह एक बस दुर्घटना का शिकार हो गयी। रामनगर से आ रही बस कगोत के पास सड़क के लगभस 100 फीट नीचे जा गिरते ही पलट गयी। न्यूज एजेंसी के अनुसार इस बस दुर्घटना में 22 लोगों की मौत हो गयी। जबकि 29 से अधिक यात्री घायल हो गये।
घायलों के अनुसार बस ओवरलोड थी, बस की स्पीड भी तेज हो गयी थी। कगोत नाले के पास अचानक बस का टायर फट गया। इससे बस चालक उसे काबू नहीं कर पाये और बस सड़क से नीचे गिर गयी। हादसे में बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया है। केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट पर बताया कि हादसे का शिकार हुई बस पब्लिक ट्रांसपोर्ट की थी। घायलों का उपचार जीएससी उधमपुर में किया है। इधर पीएम मोदी ने बस दुर्घटना में मरने वाले लोगों के लिये संवेदना जताई है। मृतकों के परिवार को 2-2 लाख और घायलों का 50 हजार रूपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
टायर फटने से बेकाबू हुई बस
बस दुघटना की वाली जगह पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि बस दुर्घटना की वजह से बस ओवरलोड और तेज स्पी डहोना था। घायल यात्रियों से पूछा गया तो वह बोले चालक बहुत तेज बस चला रहा था। बस का टायर फटते ही वह स्पीड का काबू नहीं कर पाये। जिसकी वजह से वह लगभग 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गयी।

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ग्वालियर में सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहीं खटारा और ओवरलोड बसें

ग्वालियर. ग्वालियर शहर में यात्री सुरक्षा को लेकर बडा सवाल खडा हो गया है। शहर की सडकों से लेकर हाईवे तक खटारा और अनफिट बसें धडल्ले से दौड रही है जिनमें सफर करना यात्रियों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि इन बसों पर कार्रवाई केवल हादसों के बाद ही होती है जबकि रोजाना हजारों लोग अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
बसों की बाहरी हालत देखकर ही स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है
इन बसों की स्थिति इतनी खराब है कि बाहरी हालत देखकर ही उनकी खस्ता स्थिति का अंदाजा लगातार जा सकता ळै। इसके बावजूद बस ऑपरेटर ओवरलोडिंग कर यात्रियों को ठूंस-ठूंसकर ले जाते है। कई बार यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार और दबाव डालकर सफर कराने की शिकायतें भी सामने आती है।
कई बसें बिना फिटनेस और अधूरे परमिट के दौड रही
यातयात विभाग के नियमों के अनुसार बस ऑपरेटरों को सीटों के हिसाब से टैक्स देना और समय-समय पर फिटनेस जांच कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई बसें बिना फिटनेस और अधूरे परमिट के साथ सडकों पर दौड रही है। कुछ बसें तो दूसरों के परमिट पर भी संचालित हो रही है जिससे नियमों का पालन करने वाले ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा
इन हालातों के चलते यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह से दांव पर लगी हुई है। लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक यह समस्या जस की तस बनी रहेगी और किसी बड़े हादसे का खतरा लगातार बना रहेगा।

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ग्वालियर में पारा 42.4 डिग्री पर पहुंचा, सीजन का सबसे गर्म दिन

ग्वालियर. शहर में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए है। सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते जनजीवन प्रभावित रहा वहीं रविवार की रात भी गर्म रही और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक करीब 8 घंटे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सडकों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही भी कम देखने को मिली। लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडी जगहों का सहारा लेते नजर आए।
राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में बढोतरी
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढोतरी हो रही है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और तेज होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पशिचमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्की राहत मिल सकती है लेकिन इसका असर सीमित रहने की संभावना है।
पिछले दिनों के तापमान पर नजर डालें तो बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। 15 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, 16 अप्रैल को 40.5 डिग्री, 17 अप्रैल को 41.9 डिग्री, 18 अप्रैल को 42.1 डिग्री और 19 अप्रैल को 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि गर्मी लगातार अपने चरम की ओर बढ़ रही है।

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MP में वसूलीबाज अफसरों पर सरकार मेहरबान, परिवहन चेक पॉइंट के अफसर-कॉन्स्टेबल सस्पेंड नहीं हुए

भोपाल. एमपी में सरकारी अफसर रिश्वत और वसूली की डील करते हुए कैमरे में कैद हो जाएं, लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। मप्र के परिवहन चेक पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों और अफसरों से अवैध वसूली की डील की थी। इन्हें सस्पेंड करने के बजाय परिवहन विभाग ने केवल अटैच्ड किया, जबकि ये 20 से 60 हजार की डील करते हुए कैमरे में कैद हुए थे। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। एसोसिएशन ने लिखा था कि इससे सरकार और प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है।

पीएस भिलाला अपने दफ्तर में बैठकर डील फिक्स करते हुए।
15 गाड़ियों के लिए 60 हजार की डील की
राजस्थान का ट्रांसपोर्टर बनकर प्रदेश के चार चेक पॉइंट्स खिलचीपुर, मुलताई, नीमच और सेंधवा से गाड़ियां निकालने के लिए स्टाफ से डील की थी। खिलचीपुर चेक पाइंट पर कॉन्स्टेबल आर पी सिंह हनोतिया और अमित झरवड़े ने 15 गाड़ियों के लिए 60 हजार की डील की थी। नीमच चेक पॉइंट पर आरटीओ पीएस भिलाला ने 10 गाड़ियों के लिए 20 हजार की डील की थी। तीनों का परिवहन विभाग ने ट्रांसफर कर दिया है।


मंत्री की मंजूरी के बाद हुआ भिलाला का ट्रांसफर
मंदसौर आरटीओ पीएस भिलाला के एक्सपोज होने के बाद परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। आरटीओ अधिकारी राजपत्रित होता है, इसलिए कार्रवाई के लिए सरकार की सिफारिश जरूरी होती है। स्टिंग ऑपरेशन के बाद विभाग ने कार्रवाई के लिए मंत्री को पत्र भेजा। 17 अप्रैल को मंत्री ने अनुमोदन किया। इसके बाद 18 अप्रैल को पीएस भिलाला को जबलपुर डिप्टी ट्रांसपोर्ट अधिकारी कार्यालय में पदस्थ करने का आदेश जारी हुआ। उनके पास मंदसौर के साथ नीमच चेक पॉइंट का प्रभार भी था। स्टिंग ऑपरेशन में भिलाला ने कहा था कि उज्जैन से सेंधवा तक उनका सिक्का चलता है। उन्होंने भरोसा दिया था कि कहीं कोई तकलीफ नहीं आएगी।