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MP शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, खत्म होगी दोहरी परीक्षा प्रणाली

भोपाल. मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने की प्रक्रिया में बडा बदलाव होने जा रहा है। अब शिक्षक भर्ती के लिए अलग से चयन परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। उम्मीदवारों को केवल शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी और उसी के आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस नई व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मप्र कर्मचारी चयन मंडल के लिए कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम-2026 का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। संभावना है कि यह नियम अगले एक माह के भीतर लागू कर दिए जाएंगे। जुलाई व अगस्त में माध्यमिक व प्राथमिक पात्रता से इसकी शुरूआत होगी।
अभ्यर्थियों को दो बार आवेदन कना पडता था
अब तक उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पहले पात्रता परीक्षा और उसके बाद चयन परीक्षा आयोजित की जाती थी। इस व्यवस्था के कारण अभ्यर्थियों को दो बार आवेदन करना पडता था और अलग-अलग परीक्षाओं की तैयारी करनी पडती थी। इस नई प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरी प्रक्रिया आसान हो जाएगी और केवल एक परीक्षा के आधार पर भर्ती की जाएगी।
सरकारी शिक्षकों के लिए स्कोर कार्ड की वैधता 2 वर्ष
नई व्यवस्था के तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए जारी स्कोर कार्ड की वैधता 2 वर्ष तक रहेगी। यदि इस अवधि में अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं मिलती है तो उसे दोबारा परीक्षा देनी होगी। भर्ती के लिए विभागीय पोर्टल पर रिक्त पदों की जानकारी जारी की जाएगी और मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
निजी स्कूलों में भी पात्रता परीक्षा अनिवार्य
निजी स्कूलों में भी अब केवल पात्रता परीक्षा पास अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति की जाएगी। हालांकि निजी विद्यालय किसी भी वर्ष की पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण उम्मीदवार को नियुक्त कर सकेंगे। निजी स्कूलों के लिए स्कोर कार्ड की वैधता आजीवन रहेगी।

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उत्साहपूर्वक मनाया गया जीवाजी विश्वविद्यालय का 62वाँ स्थापना दिवस

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय का 62वाँ स्थापना दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें रिले दौड़, चेयर रेस, जलेबी रेस एवं बैलून प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर कैलाशवासी महाराज जीवाजीराव सिंधिया के  प्रतिमा पर कुलगुरु, कुल सचिव सहित सैकड़ो लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। विश्वविद्यालय परिवार ने राष्ट्रभक्ति एवं एकता का संदेश देते हुए परिसर में तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और देशभक्ति के नारों के साथ वातावरण को उत्साहमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा एवं खेल भावना का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के उत्कृष्ट एवं प्रतिभावान स्वयंसेवकों को भी उनके उल्लेखनीय कार्यों एवं सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।  समारोह को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य ने कहा कि जीवाजी विश्वविद्यालय ने अपने 62 वर्षों के गौरवशाली सफर में शिक्षा, अनुसंधान एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण एवं चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण संस्था है। विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नवाचार, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया।
कुल सचिव डॉ राजीव मिश्रा ने अपने उद्बोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्थान निरंतर गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है। उन्होंने स्थापना दिवस को विश्वविद्यालय परिवार के लिए गौरव एवं आत्ममंथन का अवसर बताते हुए सभी को बधाई दी।   इस अवसर पर रिले दौड़ प्रतियोगिता कुलगुरु की टीम जीती। बैलून प्रतियोगिता में स्वर्णा परमार प्रथम रही, राजेश नायक द्वितीय रहे, तृतीय कुलसचिव राजीव मिश्रा रहे। चेयररेस मैं प्रोफेसर आई के पात्रो प्रथम रहे। जलेबी रेस में राजेश नायक प्रथम यतेंद्र शर्मा द्वितीय स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों एवं सम्मानित NSS के स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। पूरे समारोह में उत्साह, उमंग और विश्वविद्यालय के प्रति गौरव की भावना देखने को मिली। स्थापना दिवस समारोह ने विश्वविद्यालय परिवार को एकजुटता, राष्ट्रप्रेम और उत्कृष्टता के संदेश के साथ नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर प्रो जे एन गौतम,  प्रो शांतिदेव सिसोदिया, प्रो एस के सिंह, प्रो राजेंद्र खटीक, प्रो महेंद्र गुप्ता, प्रोफेसर समीर भागवत, डॉ सतेन्द्र सिंह सिकरवार, प्रो स्वर्णना परमार, प्रोफेसर हेमंत शर्मा, एनएसएस के समन्वयक प्रोफेसर हरिशंकर सिंह,डॉ गणेश दुबे, विश्व रंजन गुप्ता, राकेश सिंह गुर्जर, यतेंद्र शर्मा, राजेश सक्सेना, शैलेन्द्र राणा, लोकेश चतुर्वेदी, पंकज त्रिपाठी आदि खेल विभाग के शिक्षक,  छात्र एवं NSS के स्वयंसेवक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो हरिशंकर सिंह एवं स्पोर्ट टीचर अरविंद सिंह गुर्जर ने किया।

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अब SAIL की जमीन बने TMC कार्यालय को बुंलडोजर से किया ध्वस्त

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन और शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनने के बाद राज्यभर में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्यवाही लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल जिले के आसनसोल के बर्नपुर इलाके में एक और तृणमूल कांग्रेस कार्यालय पर बुलडोजर चलाया गया है।
शनिवार को बर्नपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित टीएमसी पार्षद रूद्र के पार्टी कार्यालय को ध्वस्त कर दिया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि यह कार्यालय सेल-आईएसपी (इंडियन आयरन एंड स्टील कंपनी) की जमीन पर बना हुआ था। स्थानीय प्रशासन और सेल अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस कार्यवाही के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पिछले कुछ दिनों में बर्नपुर इलाके में यह चौथा टीएमसी पार्टी कार्यालय है। जिसे बुलडोजर से चलाकर हटाया गया है।

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10 वर्षो से प्रमोशन बंद, 2 पद सुपरसीड हुए इंजीनियर, जल संसाधन विभाग में 8 कार्यपालन यंत्री बनाये गये प्रभारी मुख्य अभियंता

भोपाल. मध्यप्रदेश में 10 वर्षो से पदोन्नति नहीं होने का असर विभागों में उच्च पद पर पदस्थ होने वाले अधिकारियों पर पड़ रहा है। इसलिये जल संसाधन विभाग में तैनात कार्यपालन यंत्री स्तर के 8-10 इंजीनियरों को सुपरसीड कर प्रभारी मुख्य अभियंता या उसके समकक्ष पदों पर पदस्थ किया गया है। विभाग ने इसके आरी कर फायनेंसियल पॉवर भी डिलीवर कर दिये है। खासतोर पर पीडब्ल्यूडी, नगरीय विकास, आरईएस और जल संसांधन जैसे विभागों में कार्यपालन यंत्रियों को मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और प्रमुख अभियंता जैसे अहम पदों के काम लेकर को परेशानी हो रही है।
नियमानुसार पदोन्नति नहीं होने से यहां इन विभागों में जिन इंजीनियरों को सीनियर अधिकारी का चार्ज दिया जाता है उसके विरोध में अब शिकवा शिकायतों और हाईकोर्ट की शरण लेने का काम साथ वाले इंजीनियर करते हैं। कई इंजीनियरों विभागीय जांच से पूर्व पदोन्नति करने वाले प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इन्हीं परिस्थितियों के बीच जल संसाधन विभाग ने मुख्य अभियंता के रिक्त पदों पर कार्यपालन और अधीक्षण यंत्री के पद पर काम करने वाले इंजीनियरों की पदस्थापना की है।
इन्हीं इंजीनियरों को 2 पद सुपरसीड कर बनाया प्रभारी मुख्य अभियंता
जिन इंजीनियरों को सुपरसीड कर 1 से 2 पद ऊंचे पदों पर पदस्थ किया गया है। उसमें दुर्गा प्रसाद अनुरागी को कार्यपालन यंत्री को प्रभारी मुख्य अभियंता बेतवा बोर्ड झांसी में पदस्थ किया गया है। अनुरागी अभी परियोजना प्रशासन दतिया कमांड क्षेत्र और जल प्रबंधन प्रकोष्ठ दतिया के पद पर पदस्थ है।
इसी तरह से ग्वालियर के जल संसाधन विभाग में यमुना कछार के अंतर्गत सहायक यंत्री को 2 पद सुपरसीड करते हुए अधीक्षण यंत्री बनाया गया है। अधीक्षण यंत्री एसके वर्मा को मुख्य अभियंता, यमुना कछार के जल संसाधन विभाग बनाया गया है।
आरआर मीणा कार्यपालन यंत्री को प्रभारी मुख्य अभियंता बोधी भोपाल पदस्थ किया गया है। कार्यपालन यंत्री मीणा अब तक मुख्य अभियंत जल संसाधन विभाग नर्मदापुरम और परियोजना संचालक बेतवा पीएमयू भोपाल की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
कमलेश कुमार रैकवार कार्यपालन यंत्री कार्यालय प्रमुख अभियंता भोपाल को प्रभारी मुख्य अभियंता अंतरराज्यीय कार्यालय प्रमुख अभियंता जल संसाधन भोपाल पदस्थ किया गया है।
कार्यपालन यंत्री बीके सिंह जो अभी अधीक्षण यंत्री पक्का बांध मंडल देवलोंद (शहडोल) और अतिरिक्त परियोजना संचालक रीवा कमांड क्षेत्र विकास और जल प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें प्रभारी परियोजना संचालक मोहनपुरा कुंडलिया परियोजना प्रबंधन इकाई राजगढ़ पदस्थ किया गया है।
प्रवीण कुमार खरत कार्यपालन यंत्री जो अभी अधीक्षण यंत्री जलसंसाधन मंडल उज्जैन और अतिरिक्त परियोजना संचालक अधीक्षण यंत्री एसएसपीएमयू इंदौर तथा अतिरिक्त परियोजना संचालक नमामि शिप्रे पीएमयू उज्जैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें प्रभारी मुख्य अभियंता चंबल बेतवा कछार भोपाल पदस्थ किया गया है।
विनोद कुमार मंडलोई कार्यपालन यंत्री जो अभी अधीक्षण यंत्री जल संसाधन मंडल शहडोल का काम देख रहे हैं, उन्हें प्रभारी मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा बनाया गया है।
कार्यपालन यंत्री उदय सिंह परते जो अभी अधीक्षण यंत्री जल संसाधन मंडल बालाघाट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें प्रभारी मुख्य अभियंता बैनगंगा कछार सिवनी पदस्थ किया गया है।
कार्यपालन यंत्री अरुण सिंह चौहान जो अभी अधीक्षण यंत्री जल संसाधन मंडल इंदौर का काम देख रहे हैं, उन्हें प्रभारी मुख्य अभियंता बांध सुरक्षा संगठन भोपाल पदस्थ किया गया है।

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MP राज्यसभा चुनाव में नए चेहरों पर विचार कर रही बीजेपी, बंद लिफाफे में दिल्ली भेजे जाएंगे नाम

भोपाल. केंद्रीय चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम जारी कर मध्य प्रदेश की तीन सीटों में होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढा दी है। प्रदेश में तीन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमें भाजपा से सांसद और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और सुमेर सिंह सोलंकी है। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह है। उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है। नए उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा में मंथन शुरू हो गया है। बीजेपी सूत्रों के अनुसार पार्टी में नए चेहरे पर विचार किया जा रहा है। अंतिम चर्चा के बाद उम्मीदवारों के नाम बंद लिफाफे में केंद्रीय समिति को भेजे जाएंगे।
हाल ही में वर्चुअली बैठक भी बुलाई गई थी। शुरूआती चर्चा पूरी हो गई है। राज्यसभा का चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद पार्टी द्वारा दिल्ली से मार्गदर्शन मांगकर पार्टी मुख्यालय में बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री कुरियन केरल मंे कांजिरापल्ली सीट से चुनाव लडे थे लेकिन हार गए। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा दोबारा उन्हें मप्र से उच्च् सदन में भेजने पर विचार कर रही है। वजह यह भी है कि वे केंद्र में मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री है। जमीनी कार्यकर्ताओं में शुमार है। यदि मध्य प्रदेश मूल के व्यक्ति को भेजने की बात का मुद्दा उठा तो तस्वीर बदल सकती है।

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कश्मीर में हिजबुल्लाह जैसे ड्रोन अटैक का खतरा, पाकिस्तान से 4 आतंकी घुसे

जम्मू कश्मीर. कश्मीर में आतंकी हिजबुल्लाह की तर्ज पर हमले की साजिश रच रहे है। 26 अप्रैल को खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला कि साउथ लेबनान का रहने वाले आतंकी शादाव बाजी पाकिस्तान के रास्ते भारत में दाखिल हुआ। उसके साथ 3 पाकिस्तानी आतंकियों ने भी घुसपैठ की है। लेबनानी आतंकी हिजबुल्लाह ड्रोन हमलों में माहिर होते है। खुफिया एजेंसी को शक है कि संदिग्ध आतंकी कश्मीर में ड्रोन हमलों की तैयारी कर रहे है। आतंकियों की उम्र 23 से 25 साल के बीच है। इनके निशाने पर कश्मी में मौजूद सैन्य ठिकाने है। खुफिया एजेंसियों को 6 टारगेट के नाम भी मिले है।


आईएसआई समर्थित शहाजाद भट्टी कश्मीर के युवाओं के संपर्क में
जानकारी के अनुसार खुफिया एजेंसी के सूत्रों से ये भी पता चला है कि पाकिस्तान में गैंगस्टर से आतंकी बना आईएसआई समर्थित शहाजाद भट्टी भी जम्मू कश्मीर के युवाओं के संपर्क में है। वो दुबई में रहकर युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहा है और उन्हें ग्रेनेड हमले की ट्रेनिंग दिला रहा है।

पुंछ के गगरिया और कुंडे नाला इलाके की तस्वीर है, जहां से संदिग्ध आतंकियों के घुसपैठ की आशंका जताई जा रही है।
पुंछ के रास्ते से घुसे आतंकी
पुंछ के गगरिया और कुंडे नाला इलाके से आतंकियों के घुसपैठ की आशंका है। ये इलाका एलओसी से जीरो पॉइंट पर है। यहां पाकिस्तान और भारत के बीच नियंत्रण रेखा पहाडों और जंगल के बीच से गुजरती है। ये घुसपैठ का सबसे सेफ रास्ता है।

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आज पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे और महंगा

नई दिल्ली. देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम 92.49 पर पहुंच गए है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की कीमतें 1 किलो बढ गई है। इस बदलाव के बाद दिल्ली में सीएनजी अब 81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बढोतरी है। इससे पहले सरकार ने 15 मई को सीएनजी के दाम 2 और फिर 18 मई को 1 रुपए बढाए थे।


4 दिन पहले 90 पैसे की बढोतरी की गई थी
ईंधन की कीमतों में 9 दिन में यह तीसरी बढोतरी है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढोती की गई थी। जबकि 15 मई को भी कीमतों में 3 रुपए प्रति लीटर की इजाफा किया गया था।
अब अन्य चीजों के दाम बढ सकते है
मालभाडा बढेगा- ट्रक और टेम्पो का किराया बढ जाएगा जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।
खेती की लागत- ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा जिससे अनाज की लागत बढेगी।
बस-ऑटो का किराया बढेगा- सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

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हनीट्रैप-2 में आया डीआईजी का नाम, 100 से अधिक वीडियो, करोड़ों की ब्लैकमेलिंग, दिल्ली -गुजरात तक नेटवर्क

इन्दौर. एक बासर फिर चर्चित हनीट्रैप मामले केन्द्र में है। जिसने 2019 के हनीट्रैप कांड की यादें ताजा कर दी है। हनीट्रैप-2 की गूंज मध्यप्रदेश्पा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के राजनीतिक और प्रशासनिक हलको तक पहुंच गयी है। मामले में गिरफ्तार श्वेता विजय जैन, रेशू चौधरी और अलका दीक्षित से पूछताछ में लगातार ऐसे खुलासे हो रहे हैं जिनसे कई रसूखदरों की चिंता बढ़ गयी है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल और अन्य डिजीटल डिवाइस से 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो पाये गये है। जांच में सामने आया है कि ब्लैकमेलिंग के जामध्यम से करोड़ों रूपये वसूले गये है। जबकि कई अन्य सौंदों पर भी काम चल रहा था।


प्लांड तरीके से चल रहा था रैकेट
जांच में सामने आया है कि रैकेट प्लांड तरीके से चलाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार भोपाल से श्वेता विजय जैन पूरा नेटवर्क चलाती थी। श्वेता सीधे सामने आने के बजाय रेशू चौधरी को निर्देश और ट्रेनिंग देती थी। रेशू चौधरी अपने संपर्को की जानकारी भी देती थी। जिसके आधार पर आगे की रणनीति बनाई जाती थी।
एमपी से दिल्ली तक फैले नेटवर्क की जांच
सिंडिकेट का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था।
मध्य प्रदेश में जांच के दायरे में एक विधायक, मालवा-निमाड़ के कुछ नेता और एक पूर्व अधिकारी हैं।
छत्तीसगढ़ के एक डीआईजी रैंक के अधिकारी का नाम भी है।
दिल्ली के एक वरिष्ठ नेता और गुजरात के एक उद्योगपति भी इसके शिकार बताए जा रहे हैं।
दिल्ली के एक नेता से 4 करोड़ रुपए वसूलने की साजिश भी जांच के दायरे में है।
वीडियो को बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी वीडियो को बड़े स्तर पर बेचने की तैयारी में थे। जांच एजेंसियों को राजनीतिक संपर्कों और संभावित आर्थिक सौदों के संकेत मिले हैं। जांच में ये भी संकेत मिले हैं कि एक विधायक से जुड़ा वीडियो राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से साझा किया गया था।

 

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राष्ट्रपति ट्रम्प की बेटी इवांका की हत्या की कोशिश, IRGC ने की थी प्लानिंग

नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका की हत्या की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ है। ईरान की सेना ‘‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से ट्रेनिंग पाये एक खतरनाक आतंकवादी ने इवांका ट्रम्प की जान लेने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था।
‘द पोस्ट’ अखबार को मिली जानकारी के अनुसार, यह आतंकी 6 वर्ष पहले अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गये अपने गुरू और ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेना चाहता था।सुरक्षा एजेंसियों ने इवांका ट्रम्प की हत्या का प्लान बना रहे आतंकी को दबोचा है। उसकी पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के तौर पर हुई है। वह इराकी नागरिका बताया जा रहा है।
‘हमें इवांका को मारना होगा’
वाशिंगटन में इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची एंतिफाध कनबर ने इस आतंकी के इरादों के बारे में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद, अल-सादी लोगों से कहता फिर रहा था कि हमें इवांका ट्रंप को मारना होगा।  वो कहता था कि हमें ट्रंप के पूरे घर को उसी तरह जलाकर खाक कर देना चाहिए, जिस तरह उसने हमारे घर (कमांडर सुलेमानी) को तबाह किया था। ‘ आरोपी अल-सादी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार, खासकर उनकी बेटी इवांका ट्रंप को जान से मारने की कसम खाई थी।  जांच के दौरान सुरक्षा बलों को अल-सादी के पास से फ्लोरिडा में मौजूद इवांका ट्रंप के आलीशान घर का पूरा ब्लूप्रिंट भी बरामद हुआ है। वो काफी समय से उनके घर की रेकी कर रहा था।

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पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड इस्लामाबाद में दफन, हमजा के जनाजे में अज्ञात का खौफ, जमीन खान की एके-47 से सुरक्षा दे रहे आतंकी

नई दिल्ली. पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड और वांटेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके)में अज्ञात बन्दूकधारियों ने उसकी हत्या कर दी थी। अब उसके नमाज-ए-जनाजा में कई बड़े आतंकी संगठनों के टॉप मोस्ट कमाण्डर और कुख्यात आतंकी खुले आम शामिल हुए।
हमजा को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दफनाया गया है। उसके जनाजे में भारत का मोस्ट वांटेड और आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का चीफ सैयद सलाउद्दीन स्वयं मौजूद था। इसके अलावा प्रमुख आतंकी संग्ठन अल-बदर का टॉप कमाण्डर और चीफ बख्त जमीन खान भी हमजा का अंतिम बिदाई देनेे के लिये पहुंचे थे।
जनाजे के दौरान कड़ी सुरक्षा
हमजा के जनाजे के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे. हालांकि, इस भारी सुरक्षा और आधुनिक हथियारों के बीच वहां मौजूद सभी आतंकी कमांडरों के चेहरों पर अज्ञात हमलावरों का खौफ भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा था। आतंकी संगठन अल-बदर के चीफ बख्त जमीन खान की सुरक्षा के लिए वहां दर्जनों आतंकी तैनात किए गए थे। ये सभी AK-47 और घातक हथियारों से पूरी तरह लैस थे, जो घेरा बनाकर बख्त जमीन खान की रखवाली कर रहे थे।  हाल के दिनों में पाकिस्तान और PoK के भीतर कई बड़े आतंकियों की जिस तरह चुन-चुनकर हत्याएं हुई हैं, उससे इन आतंकी संगठनों के टॉप कमान के बीच भारी डर का माहौल है।