नई दिल्ली. आम ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर ही डीजल खरीद पाएंगे। इस डीजल को दोबारा बेचने पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा अब फैक्ट्रियों और कॉमर्शियल यूजर्स को रिटेल आउटलेट से ईंधन नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार ने 11 जून 2026 को इसे लेकर आदेश जारी किया है। अब इन बडे उपभोक्ताओं को केवल बल्क सेल पॉइंट्स से ही ईंधन खरीदना होगा।
सरकार ने यह कदम देश के कुछ हिस्सों में रिटेल पंपों पर अचानक बढी असामान्य बिक्री को देखते हुए उठाया। यह पाबंदी शुरूआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू की गई है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की किल्लत नहीं होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने मोटर स्पिरिट एंड हाई स्पीड डीजल (टेंपररी रेगुलेशन ऑफ सप्लाई थ्रू रिटेल आउटलेट्स) ऑर्डर, 2026 जारी किया। इसके तहत अब कोई भी फैक्ट्री, कॉपर्शियल संस्थान या बडी संस्थाएं आम गाडियों वाले पेट्रोल पंप से डीजल-पेट्रोल नहीं खरीद सकेंगी। उन्हें अपने खुद के कंज्यूमर पंप या तय बल्क सप्लाई चैनलों से ही तेज लेना होगा।
ग्वालियर. शहर में स्वर्णरेखा एलिवेटेड रोड परियोजना के दूसरे चरण में अब तेजी से काम दिखाई देने लगा है। सबसे बडी बाधा बने बिजली के खंभों को हटाने का काम शुरू हो चुका है, ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों की शिफ्टििंग भी अंतिम दौर में है। प्रशासन का दावा है कि भू-अर्जन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है जिसके बाद अब अतिक्रमण हटाने की बडी कार्रवाई शुरू की जाएगी। करीब 926.21 करोड रुपए की लागत की यह प्रदेश की पहली एलिवेटेड रोड है। इसका निर्माण कार्य 26 जून 2024 से शुरू हुआ था और इसे नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना का जिम्मा पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड को सौंपा गया है। शहरवासियों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि वर्षों से ट्रैफिक दबाव झेल रहे इस मार्ग पर आखिर कब एलिवेटेड रोड का सपना हकीकत में बदलेगा।
लाल निशान के बाद हलचल बढी
सात भाई की गोठ, टापू वाले मोहल्ले, रतन कॉलोनी के पीछे, नई सडक, कमानी पुल और जीवाजीगंज क्षेत्र में नए बिजली खंभे लगाने और ट्रांसफार्मर शिफ्ट करने का काम तेजी स ेचल रहा है। वहीं जिन मकानों और दुकानों पर परियोजना का असर पडना है वहां सीमांकन कर लाल निशान लगाए जा चुके है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है।
289 कब्जे हटेंगे
भू-अर्जन शाखा के परियोजना की जद में आने अनुसार। वाले 289 कब्जे हटेंगे। इसके लिए लगभग 63 करोड़ मुआवजा निर्धारित किया है। 1.7 हेक्टेयर तेजी, 24 हेक्टेयर सरकारी भूमि के निजी मामलों का निराकरण अंतिम चरण में है।
अतिक्रमण बड़ी चुनौती
गिरवाई पुलिस चौकी से फूलबाग तक करीब 7.42 किलोमीटर लंबे हिस्से में जगह-जगह अतिक्रमण है। कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। हालांकि प्रशासन का मानना है कि भू-अर्जन प्रक्रिया पूरी होते ही इन चुनौतियों को दूर किया जाएगा। अधिकांश गांवों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केवल 4 का कार्य शेष है। इसके पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। भू-अर्जन कार्य अंतिम चरण में है।– अतुल सिंह, प्रभारी भू-अर्जन शाखा
शहर को मिलेंगे नए एंट्री-एग्जिट पॉइंट
शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने के लिए इस एलिवेटेड रोड में 14 लूप (एंट्री-एग्जिट पॉइंट) बनाए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों से वाहन सीधे इस कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे।
भोपाल,-नरसिंहपुर पुलिस ने जैन मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं का सफल खुलासा कर पांच सदस्यीय शातिर चोर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जैन मंदिरों से चोरी की गई लगभग 250 वर्ष पुरानी अष्टधातु की 2 दुर्लभ प्रतिमाएं, चांदी के 17 छत्र, 2 चांदी के आसन, एक चांदी का मुकुट, 4 बैटरियां, 3 इनवर्टर, 2 रेफ्रिजरेटर, 4 एलईडी टीवी, 2 डीवीआर, 2 पंखे, घटना में प्रयुक्त 2 मोटरसाइकिल तथा नगदी सहित चोरी गई संपत्ति जब्त की है। धार्मिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन धरोहरों की सुरक्षित बरामदगी पुलिस की संवेदनशील, पेशेवर एवं प्रभावी कार्यशैली को दर्शाती है।
नरसिंहपुर में विगत 2-3 माह के दौरान ग्राम रामनिवारी, तेन्दूखेड़ा तथा करकबेल स्थित जैन मंदिरों सहित अन्य स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। धार्मिक स्थलों से जुड़ी इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा 3 विशेष टीमों का गठन किया गया था। टीमों को अज्ञात आरोपियों की शीघ्र पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता, सतत निगरानी तथा वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप इस संवेदनशील प्रकरण का सफल खुलासा संभव हो सका।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं के पैटर्न का भी विस्तृत अध्ययन किया। घटनाओं के समय, स्थान, वारदात के तरीके एवं संदिग्ध गतिविधियों के तुलनात्मक विश्लेषण से महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। इसी क्रम में निगरानी बदमाश टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया की संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर उसकी गहन पतारसी की गई।
पुलिस ने प्रकरण में टिक्कू उर्फ टेकसिंह लडिया के साथ ज्ञानी प्रजापति, आशीष शर्मा, नितिन शर्मा तथा चोरी का सामान खरीदने वाले चिन्टू उर्फ मुकेश सोनी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करकबेल जैन मंदिर, रामनिवारी स्थित जैन मंदिर, तेन्दूखेड़ा स्थित जैन मंदिर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई कुल पांच चोरी की घटना कारित करना स्वीकार की है।
भोपाल. भोपाल में एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड ने देश विरोधी गतिविधियों से जुडने के संदेह में एक युवक को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान मोहम्मद फराज के रूप में हुई है। एटीएस ने उसे शुक्रवार को सुबह भोपाल के काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के पास से पकडा है। आरोपी एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को कुछ ऐसे इनपुट मिले है जिनके आधार पर आरोपी की गतिविधियों की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार आरोपी कथित तौर पर विषेष ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। एटीएस ने उसके मोबाइल से पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजी पीडीएफ बरामद होने का दावा किया।

एटीएस संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों व विदेशी कनेक्शन की जांच कर रही
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग भी ले रहा था। एटीएस अब उसके संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और विदेशी कनेक्शन की पडताल कर रही है। जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के देवबंद मदरसे से जुडे कुछ संपर्कों की जानकारी भी सामने आने की बात कहीं जा रही है जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
आरोपी से पूछताछ की जा रही
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क किन लोगों से थे, क्या कोई नेटवर्क सक्रिय है और कथित गतिविधियों के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नही। एटीएस ने मामले में अभी जांच जारी होने की बात कही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राष्ट्रद्रोह की धाराओं में केस दर्ज
संदिग्ध गतिविधियों के मामले में आरोपी के खिलाफ यूएपीए और राष्ट्रद्रोह से जुडी धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को 16 जून तक रिमांड पर रखा है। इस दौरान जांच एजेंसियां उससे उसकी गतिविधियों, संपर्कों और नेटवर्क को लेकर पूछताछ करेंगी। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कब से ऐसी गतिविधियों में शामिल था और उसके साथ स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुडे है।
ग्वालियर. ग्वालियर में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे-44 पर हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई। शुक्रवार को मेहरा टोल प्लाजा के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। यह घटना मुरार थाना क्षेत्र के मोहनपुर की है। मोहनपुर निवासी सत्येंद्र यादव सुबह रोज की तरह बाइक से काम पर जा रहे थे। जब वह मेहरा टोल प्लाजा के पास पहुंचे, तभी लापरवाही और तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सत्येंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
आक्रोशित लोगों ने शव रखकर चक्काजाम कर दिया
हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही मृतक के परिजन और रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने सत्येंद्र का शव सड़क पर रखकर मेहरा टोल प्लाजा पर चक्काजाम कर दिया। इससे हाईवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम की सूचना पर मुरार थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद जाम खोला गया।
पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मुरार डेड हाउस भेज दिया। पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर मालिक का पता लगा रही है। हाईवे पर बढ़ते हादसों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों ने टोल प्लाजा के पास स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने की मांग की है। सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि मेहरा टोल के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार सत्येंद्र यादव की मौत हुई है। परिजनों ने चक्काजाम किया था, जिन्हें समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।
नई दिल्ली. भारत की स्वदेशी हवाई निगरानी और टोही क्षमताओं के क्षेत्र में 25 जून को एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) आगामी 25 जून को बेंगलुरू स्थित सेंटर फॉर एयबोर्न सिस्टम्स में स्वदेशी हवाई चेतावनी और नियंत्रण प्रणाली नेत्र ‘नेत्र’ (Netra AEW&C) के लिये फायनल ऑपरेशन क्लीयरेंस का ऐलान करने के लिये पूरी तरह तैयार है।
यह ऐलान भारतीय वायु सेना के लिये विकसित किये गये इस स्वदेशी रणनीतिक प्लेटफॉर्म के विकास, परीक्षण और परिचालन साइकिल की सफल समाप्ति का प्रतीक है। एफओसी मिलने का सीधा मतलब यह है कि यह सिस्टम अब युद्ध या किसी भी सैन्य संकट के बीच पूर्ण पैमाने पर मोर्चे पर तैनात होने के लिये पूरी तरह तैयार और प्रमाणित हो चुका है।
नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार के बाद पार्टी के अन्दर हुई नाराजगी अब खुले विद्रोह में बदलती नजर आ रही है। लोकसभा में टीएमसी के 19 सांसदों द्वारा अलग गुट बनाने की मांग किये जाने के बाद पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।
टीएमसी के बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपने अलग गुट की मांग को आगे बढ़ायेंगे। यदि बागियों को पर्याप्त संख्या का समर्थन मिलता है। लोकसभा में टीएमसी की मान्यता और नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। टीएमसी में बगावत की आग एक दिन में नहीं भड़की । इसके पीछे राजनीतिक महत्वकाक्षायें, पद और पॉवर की चाहत की लम्बी कहानी है। इसमें उन सांसदों के नाम है। जिन्होंने आधिकारिक तौर पर टीएमसी से अलग गुट बनाने की प्रक्रिया का अगाज किया था। इस चिट्ठी में कुल 19 सांसदों के हस्ताक्षर है और यह पत्र भी 18 मई को लिखा गया था।
असली टीएमसी क्या बागी गुट ही बन जायेगा
आपको बता दें कि लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद है। 19 ने पहले ही मंसूबे साफ कर दिये है। इसमें सयानी घोष का नाम नहीं था। सयानी घोष ने बाद में पाला बदलने का प्लान बनाया। सबसे आखिरी में बागवत की कल्याणी बनर्जी ने अगर कल्याण बनर्जी और सयानी घोष को भी जोड़ दें। बागियों की संख्या 21 हो जाती है। जो कि टीएमसी के कुल सांसदों की संख्या के दो तिहाई से भी ज्यादा है। ऐसे में लोकसभा स्पीकर बागियों को ही असली टीएमसी घोषित कर दे ंतो हैरानी नहीं होगी। ममता बनर्जी से पार्टी छीनने के लिये बागियों का सिर्फ 19 सांसदों का समर्थन चाहिये।

ग्वालियर. डबरा और भितरवार अनुविभाग में पुलिस और प्रशासन ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्यवाही की है। इस अभियान के दौरान रेत का अवैध परिवहन कर रहे 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 3 डम्पर समेत कुल 13 वाहानों को मायनिंग एक्ट के तहत जब्त किया है। इसके अलावा नियमों का उल्लघंन करने वाले 17 अन्य वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी है।
अवैध खनन के अलावा यातायात नियमों को ताक पर रखकर दौड़ने वाले वाहनों पर भी पुलिस का चाबुक चला है। डबरा अनुविभाग में कुल 17 वाहनों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी। इनमें से कई वाहन क्षमता से ज्यादा रेत भकर (ओवरलोड) चल रहे थे। तो कुछ वाहनों पर नम्बर प्लेट ही नहीं लगी थी।
पुलिस और तहसीलदार की दोहरी कार्रवाई-भितरवार अनुविभाग
भितरवार अनुविभाग में भी रेत के अवैध परिवहन पर सख्त कदम उठाए गए। यहां पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए 2 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर माइनिंग एक्ट की कार्रवाई की। इसके बाद तहसीलदार ने भी मैदान में उतरकर रेत से भरे 3 डंपरों को रंगे हाथों पकड़ा, जिन पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

मुरैना. पोरसा कस्बे में पुरानी रंजिश के चलते 8 बदमाशों ने 3 दोस्तों को बंधक बनाया और उन्हें ज्ञानंदपुरा के पास जंगल में ले गये। वहां लगभग 6 घंटे तक तीनों को मुर्गा बनाकर डंडों से पीटते रहे। बदमाशों ने पीडि़तों को फंसाने के लिये उनके पास कट्टा और चोरी की मोटरसाईकिल रखकर वीडियो बना लिया। घटना के 10 दिन के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है अभी फिलहाल सभी आरोपी फरार है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि फरियादी सौरभ तोमर और मुख्य आरोपी आकाश तोमर ने मिलकर कंट्रोल की दुकानों से सरकारी चावल खरीदकर दूसरी जगह बेचने का अवैध व्यापार करते थे। पिछले साल प्रशासन ने चावल से भरा एक ट्रक जब्त किया था। मुख्य आरोपी को शक था कि इसकी मुखबिरी सौरभ ने ही की थी। इसका बदला लेने के लिये घटना को अंजाम दिया गया।
जंगल में 31 मई को बुलाया था
यह घटना 31 मई की है आरोपियों ने पहले सौरभ के 2 दोस्तों में हर्ष भदौरिया और लकी तोमर को पकड़ा और इसके बाद लकी से फोन करवा कर सौरभ को सुबह 11.30 बजे जंगल बुलाया। जैसे ही सौरभ पहुंचा तो आरोपियों ने तीनों को घेर लिया। पीडि़त हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे। लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। हालांकि बदमाशों ने 5.30 से 6 बजे के बीच तीनों को छोड़ दिया गया। इसके बदले में 2 दिन के अन्दर एक लाख की रंगदारी भी मांगी।
आरोपियों को पकड़ने के लिए दो टीमें लगीं-टीआई
पोरसा थाना प्रभारी दिनेश कुशवाहा के मुताबिक, चावल व्यापार की रंजिश में मारपीट और एक लाख रुपए की रंगदारी मांगने की बात सही है।
पीड़ितों की शिकायत मिलने पर 10 जून को आरोपी आकाश तोमर, खिलाड़ी, मनीष, वीरू, छोटू, प्रमोद, हिमांशु और विष्णु तोमर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं, जो उनके ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।