लोकायुक्त का छापा-40 हजार की रिश्वत लेते स्थापना बाबू को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार, नपा के निलंबित एआरआई की बहाली के एवज में मांगे थे 40 हजार रूपये
शिवपुरी. लोकायुक्त टीम ने नगरपालिका में तैनात स्थापना बाबू भगवानलाल करोलिया को 40 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। बहाली के एवज में मांगी गयी रिश्वत की शिकायत पर नगरपालिका के निलंबित एआरआई हरिवल्लभ चन्दौरिया ने लोकायुक्त ग्वालियर में दर्ज कराई थी। जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप की कार्यवाही को अंजाम दिया है।
शिकायतकर्ता हरिवल्लभ चंदौरिया ने बताया है कि वह नगरपालिका शिवपुरी में एआरआई के पद पर पदस्थ थे, 14 नवम्बर 2025 को सीएमओ इशांक धाकड़ ने बिना नोटिस दिये और उन्हें निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद 3 माह तक बहाली के नाम पर नगरपालिका के अलग-अलग बाबुओं द्वारा उनसे रिश्वत मांगी जाती रही है। इस मामले में उन्होंने संचालनालय में भी शिकायत की थी। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और उल्टा उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया गया।
चंदौरिया के मुताबिक 16 अप्रैल को स्थापना बाबू भगवानलाल करोलिया ने सीएमओ के नाम पर 60 हजार रूपये की मांग की थी। उसी दिन 20 हजार रूपये देकर बात तय की गयी और इसकी शिकायत लोकायुक्त में दर्ज करायी गयी। शनिवार का जब उन्होंने करोलिया को उनके घर के आंगन में शेष 40 हजार रूपये दिये, तभी लोकायुक्त टीम ने घटनास्थल पर ही दविश देकर आरोपी को रंगे हाथों दबोचा।
लापरवाही की वजह से हुआ निलंबन
सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया बताया कि एआरआई हरिवल्लभ चंदौरिया को लापरवाही के चलते निलंबित किया गया था। सीएमओ के अनुसार नामांतरण की एक फाइल को चंदौरिया ने लगभग 1 साल तक लंबित रखा। जिसकी शिकायत मिलने पर कार्यवाही की गयी। इसके अलावा टैक्स में गड़बड़ी के भी आरोप सामने आये थे। जिसके आधार पर आरोप पत्र जारी किया गया। सीएमओ धाकड़ ने यह भी दावा किया है कि उन्हें स्थापना बाबू द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी पहले ही मिल गयी थी। जिसके चलते 16 अप्रैल को ही उन्हें उस पद से हटाकर दूसरे बाबू की नियुक्ति कर दी गयी थी। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बे-बुनियाद बताया है।
ऑडियो टेप में सीएमओ का नाम, जांच जारी
लोकायुक्त ग्वालियर के निरीक्षक और दल प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि 16 अप्रैल को शिकायत दर्ज की गई थी और आज ट्रैप कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास मौजूद ऑडियो टेप में सीएमओ इशांक धाकड़ को पैसे देने की बात रिकॉर्ड है। फिलहाल भगवान लाल करोलिया को आरोपी बनाया गया है, जबकि ऑडियो की जांच और पुष्टि के बाद सीएमओ का नाम भी एफआईआर में जोड़ा जा सकता है।

