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मुर्शिदाबाद हिंसा-ममता सरकार का झुकाव पीडितों के बजाय  हमलावरों की ओर है?

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर के दौरान जमकर हिंसा हुई है। लगभग 3 लोगों के मारे जाने की खबर आ रही है। हिंसा के दौरान ही जान बचाकर लगभग 500 हिन्दुओं ने मालदा जैसे दूसरे इलाकों में शरण ली है। बहुत से लोग और लोग यहां पलायन के मूड में है। शायद इसलिये ऐसा कहा जा रहा है कि मुर्शिदाबाद में हुई घटना में दंगा करना या लिखना सरासर गलत है। क्योंकि दंगा शब्द का अर्थ यह है कि जब दो समुदायों के बीच नफरती हिंसा हो।
यहां तो मामला ही एक तरफा दिख रहा है। साफ दिखता है कि यह वक्फ बिल विरोधियों की प्रायोजित हिंसा है। जब प्रदेश की सीएम ममता बनर्जी स्वयं कह रही है कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य में वक्फ संशोधन अधिनियम का ेवह लागू नहीं करेगी तो फिर हिंसक प्रदर्शन की जरूरत क्यों पड़ गयी? कहीं ऐसा तो नहीं हुआ है कि सीएम के बयान के बाद हिंसा करने वालों को नैतिक समर्थन मिल गया और वह अपना काम करने के लिये सड़कां पर आ गये। उन्होंने निर्दोष स्थानीय हिन्दू रहवासियों को निशाना बना दिया। भाजपा का कहना है कि ममता सरकार ने टीचर्स भर्ती घोटाले से ध्यान भटकाने के लिये ऐसा किया है। क्या वास्तव में मुर्शिदाबाद हिंसा की दोषी मामला सरकार है।

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पीने के पानी मिलाया जहर और घर जला दिये, मुर्शिदाबाद से भाग कर 500 लोगों ने मालदा के स्कूल में ली शरण

मुर्शिदाबाद

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में फिलहाल तनावपूर्ण शांति है। लेकिन 2 दिन पहले जिस तरह की हिंसा भड़की है। उसकी भयावहता का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है। अब तक 500़ लोगों ने मुर्शिदाबाद छोड़ दिया है। पलायन कर मालदा में आ गये हैं। यह सिलसिला थमा नहीं है। पलायन करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह शरणार्थी ग्रामीण मालदा के एक स्कूल में शरण लिये है। पलायन करने वाले ग्रामीणों के पास पहुंची और उनसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। यह ग्रामीण मालदा के पारलालपुर हाईस्कूल में शरण लिये है। इस स्कूल में कम से कम 500 लोग शरण लेकर ठहरे है। इनमें मुख्य रूप् से महिलायें और बच्चे शामिल है।
नदी पार की और पहुंचे मालदा
गांव वालों ने बताया है कि वह लोग अपने घरों को छोड़कर आये है। नाव से नदी पार कर पहुंचे इन लोगों में 3 दिन से नवजात से लेकर बुजुर्ग महिलायें तक शामिल है। स्थानीय लोगों ने इन लोगों को शरण दी है। वह उन्हें खाना भी खिला रहे है। लोगों के आने का सिलसिला थमा नहीं है।
पीने के पानी में मिलाया जहर
यह शरणार्थी मालदा के हाईस्कूल के क्लास रूम में डेरा जमाये हुए है। उनके साथ बच्चे भी है। स्थानीय डॉक्टर भी शरणार्थी केम्प पहुंचे और चेकअप कर रहे है। इन लोगों का कहना है कि मालदा के स्थानीय लोगों ने हमारी मदद की है। वह धूलियान से भागकर आये है। नाव के जरिये मालदा तक पहुंचे है। शरणार्थियों ने बताया है कि पानी की टंकी में जहर डाल दिया है। पानी हमारा जीवन है अगर ऐसा पानी पीयेंगे तो हम मर जायेंगे। जान बचाकर घर से भागे है। हमारे घरों में लूट की गयी है उन्हें जला दिया गया है।

 

 

 

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26/11 हमलों के मास्टरमाइंड साजिद के संपर्क में था तहव्वुर राणा

नई दिल्ली. वर्ष 2008 मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को दूसरे दिन भी पूछताछ की, राणा ने पूछताछ में बताया कि ग्लोबल टेररिस्ट साजिद मीर से लगातार संपर्क में था। जो 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है। इसके अलावा पूछताछ में राणा ने ‘दुबई मैन’ का नाम लिया है। जिसे हमले की पूरी प्लानिंग पता थी। एजेंसी को शक है यह व्यक्ति पाकिस्तान और दुबई के बीच नेटवर्क संभालता था, हमलों की फायनेंसिंग, लॉजिस्टिक सपोर्ट में अहम भूमिका निमा रहा था।
यह भी पता चला है कि राणा का पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से भी नजदीकी संपर्क में था। उसे पाकिसतानी सेना की वर्दी सेस खास लगाव था। इससे पहले एनआईए ने पूछताछ के पहले दिन शुक्रवार को 3 घंटे पूछताछ की। एजेंसी ने बताया कि वह कोऑपरेट नहीं कर रहा है। एनआईए की कोशिश है कि तहव्वुर राणा के परिवार और दोस्तों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राणा को 18 दिन की एनआईए कस्टडी में भेजा है। कस्टडी के दोरान एनआईए प्रतिदिन राणा से पूछताछ की एक डायरी तैयार करेगीं। अंतिम दौर में पूछताछ के बाद डिस्क्लोजर स्टेटमेंट में उसे रिकॉर्ड पर लिया जायेगा। यह केस डायरी का हिस्सा होता है।

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श्रीआनंदपुर धाम में युद्ध, संघर्ष, मानवीय मूल्यों से जुडी चिंतायें हमारे सामने-नरेन्द्र मोदी

अशोकनगर. ईसागढ़ स्थित श्रीआनंदपुर धाम पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आनंदपुर धाम में आकर मन अभिभूत है। हृदय आनंद से भर गया। जिस भूमि का कण-कण संतों की तपस्या से सींचा गया हो, जहां परमार्थ परंपरा बन गया है। वह धरती साधारण नहीं है, हमारे संतों ने अशोकनगर के बारे में कहा था कि यहांशोक आने से डरता है।
पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि दुनिया में भौतिक उन्नति के बीच मानवता के लिये युद्ध, संघर्ष और माननीय मूल्यों से जुडी कई चिंतायें हमारे सामने है। इनकी जड़ में क्या है, इनकी जड़ में अपने और पराये की मानसिकता है। यह मानसिकता मानव से मानव को दूर करती है। आज विश्व भी सोच रहा है इनका समाधान कहां मिलेगा। इनका समाधान अद्वैत के विचार में मिलेगा। अद्वैत यानी यहां कोई द्वैत नहीं है। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव, केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद हैं।
श्री आनंदपुर धाम की स्थापना की कहानी
कहा जाता है कि जब परमहंस दयाल जी महाराज (प्रथम पादशाही) आगरा में सत्संग दे रहे थे, तब ईसागढ़ निवासी सेठ पन्नालाल मोदी ने उनसे गांव आने का निवेदन किया। बाद में, द्वितीय पादशाही श्री परमहंस स्वरूप आनंद जी महाराज ने सन् 1929 में ग्वालियर राज्य में पदार्पण किया और ईसागढ़ क्षेत्र को परमार्थ का उपयुक्त स्थल माना। सन् 1930 में भक्तों ने कठिन परिश्रम से उबड़-खाबड़ भूमि को हरे-भरे उद्यान में परिवर्तित किया और यहीं पर श्री आनंदपुर धाम की स्थापना हुई, जिसने क्षेत्रीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को नया स्वरूप दिया। आनंदपुर धाम की स्थापना आध्यात्मिक और परोपकारी उद्देश्यों के लिए की गई है। 315 हेक्टेयर में फैले इस क्षेत्र में 500 से अधिक गायों के साथ एक आधुनिक गौशाला है और श्री आनंदपुर ट्रस्ट परिसर के अंतर्गत कृषि गतिविधियां संचालित की जाती हैं।

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26/11 हमले का आरोपी तहव्वुर राणा गुरूवार की सुबह स्पेशल प्लेन से भारत पहुंचने की संभावना

नई दिल्ली. 26/11 मुंबई आतंकी हमले का आरोपी तहव्वुर राणा को स्पेशल प्लेन से अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। संभवतः गुरूवार की तड़के सुबह तक भारत पहुंचने की संभावना है। अमेरिका से प्रत्यर्पित कर राणा को आज देर शाम या कल तड़के भारत लाया जा सकता है। सूत्रों की माने तो इस बीच उनके साथ इंटेलीजेंस और इन्वेस्टिगेटिव अधिकारियों की एक विशेष टीम होगीं तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के लिये सभी तरह की कानूनी कार्यवाही पूरी कर ली गयी है।
तहव्वुर राणा की कस्टडी के लिये उसे कल एनआईए के न्यायालय में पेश किया जायेगा। मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार तहव्वुर राणा के खिलाफ एनआईए का केस दिल्ली में दर्ज है। इसलिये राणा को सबसे पहले दिल्ली लाया जायेगा। यहां एनआईए के न्यायालय में पेश किया। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच बाद में उसकी कस्टडी लेगा।

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फैक्ट्री मालिक के ड्रायवर ने कार से 9 को कुचला, 3 की मौत, नशे में दौडाई कार पुलिस की मदद से पकड़ा ड्राइवर

जयपुर. तेज रफ्तार एसयूीव कार ने सड़कों पर कोहराम मचा दिया गया। नशे में धुत फैक्ट्री मालिक ने शहर के भीड़ भरे इलाके में 7 किमी तकरफ्तार में एसयूीव कार दौड़ाई। बेकाबू कार ने पैदल चल रहे और गाड़ी सवार 9 लोगों को कुचल दिया। हादसे में एक महिला सहित 3 लोगों की मौत हो गयी है। 6 लोग नाजुक हालत है। घटना सोमवार की रात लगभग 9.30 बजे की है।
प्ुलिस के मुताबिक सबसे पहले शहर की एमआई रोड पर एक तेज रफ्तार कार के वाहनों को टक्कर मारने की जानकारी मिली थी। इसके बाद कार शहर की तंग गलियों में घुस गयी ।सबसे अधिक कहर कार ने नाहरगढ़ थाना इलाके में बरपाया । यहां से लगभग 1 किमी दूर कार संकरी गलियों में फंसी तो लोगों की सहायता से पुलिस ने आरोपी ड्रायवर को पकड़ लिया गया है।
ड्रायवर नशे में था, घायलों की नाजुक हालत
नहरगढ़ रोड पर कार की चपेट में आने वाले 7 घायलों की हालत काफी गंभीर है। उन्हें सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहीं, आरोपी उस्मान खान का भी देर को ही मेडीकल कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह काफी नशे में था। आरोपी जयपुर के शास्त्रीनगर की राणा कॉलोनी का रहने वाला है। उसकी विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया में लोहे के पलंग बनाने की फैक्ट्री है, आरोपी के खिलाफ मृतक महिला ममता कंवर के पति एफआईआर दर्ज कराई है। सोमवार की शाम हुए इस हादसे में स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा हे। इसी के चलते नाहरगढ रोड व आसपास के एरिया में 4 थानों की पुलिस तैनात की गयी है।

देखिए- घटना से जुड़े फोटो-वीडियो

ड्राइवर उस्मान नाहरगढ़ रोड पर लोगों को कुचलने के बाद भी नहीं रुका। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
ड्राइवर उस्मान नाहरगढ़ रोड पर लोगों को कुचलने के बाद भी नहीं रुका। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
भीड़ को उग्र होता देख ड्राइवर लगातार गलियों में कार को दौड़ाता रहा। उसने दुकानों के बाहर रखे सामानों को भी तोड़ डाला।
भीड़ को उग्र होता देख ड्राइवर लगातार गलियों में कार को दौड़ाता रहा। उसने दुकानों के बाहर रखे सामानों को भी तोड़ डाला।
पुलिस ने संतोषी माता मंदिर के पास हादसे वाली जगह से कुछ दूरी पर कार को रोक लिया। लेकिन वो यहां से भी भाग निकला।
पुलिस ने संतोषी माता मंदिर के पास हादसे वाली जगह से कुछ दूरी पर कार को रोक लिया। लेकिन वो यहां से भी भाग निकला।
संतोषी माता मंदिर के करीब एक किलोमीटर दूर संजय सर्किल थाने के पास आखिर कार को रोककर आरोपी को पकड़ा गया।
संतोषी माता मंदिर के करीब एक किलोमीटर दूर संजय सर्किल थाने के पास आखिर कार को रोककर आरोपी को पकड़ा गया।

 मौत बनकर दौड़ी कार

एडि. डीसीपी (नॉर्थ) बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी ड्राइवर उस्मान खान (62) ने सबसे ज्यादा टक्कर करीब 500 मीटर के एरिया में मारी गई है। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में संतोष माता मंदिर के पास आरोपी ड्राइवर ने पहले स्कूटी-बाइक को टक्कर मारी, फिर सड़क पर गिरे लोगों को कुचलते हुए भाग गया। आरोपी ने थाने के बाहर खड़ी गाड़ियों को भी टक्कर मारी है।

एक महिला सहित 3 लोगों की मौत

हादसे में शास्त्री नगर निवासी वीरेंद्र सिंह (48), ममता कंवर (50), नाहरगढ़ रोड निवासी मोनेश सोनी (28), मानबाग खोर शारदा कॉलोनी निवासी मोहम्मद जलालुद्दीन (44) घायल हुए।वहीं, संतोषी माता मंदिर के पास निवासी दीपिका सैनी (17), गोविंदराव जी का रास्ता निवासी विजय नारायण (65), जेबुन्निशा (50), अंशिका (24) व लालदास का खाड़ा निवासी अवधेश पारीक (37) को भी घायल स्थिति में हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टर्स ने ममता कंवर और अवधेश को मृत घोषित कर दिया। मंगलवार सुबह एक और घायल वीरेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया।

कार ड्राइवर उस्मान खान (62) से फिलहाल पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके बैकग्राउंड को लेकर भी जानकारी जुटा रही है।
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पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर पहुंचे मां पीताम्बरा की शरण में, वनखंडेश्वर महादेव का किया अभिषेक

दतिया. सोमवार की शाम को पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर प्रसिद्ध मां पीताम्बरा सिद्धपीठ पहुंचे। उन्होंने मां बगलामुखी देवी के दर्शन किये। इस बीच गंभीर ने पीला कुर्ता और सफेद धोती पहनी थी। उन्होंने पीठ परिसर स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक भी किया और दर्शन के बाद वह ग्वालियर के लिये रवाना हो गये।
गौतम गंभीर इससे पहले भी पीताम्बरा माई के दर्शन कर चुके है। इस बार उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी उनके साथ मौजूद रहे। गंभीर ने पत्रकारों से दूरी बनाये रखी और पूरी तरह भक्ति में लीन रहे। आपको बता दें कि प्रदेश का पीताम्बरा पीठ मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। यहां अक्सर बड़े-बड़े सितारे दर्शन के लिये आते रहते हैं।

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एयर टैक्सी बेंगलुरू के बाद दिल्ली-मुंबई में शुरू की जायेगी , 6 लोग बैठ सकेंगे और किराया होगा सस्ता

नई दिल्ली. सरला एवियेशन शुनाया एयर टैक्सी- एयरस्पेस स्टार्ट अप सरला एविएशन ने इस साल की शुरूआती में दिल्ली में आयोजित भारत मोबिलिटी ग्लोबस एक्सपो के दौरान दुनिया के सामने अपनी एयर टैक्सी को शोकेस किया था। अब कम्पनी जल्द ही देश के कुछ बड़े शहरोंमें हवा में उड़ने वाली एयर टैक्सी का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने जा रही है। कम्पनी पहले इसे बेंगलुरू में शुरू करेगी। इसके बाद अन्य शहरों में शुरू की जायेगी।
कम्पनी के सीईओ और को-फाउंडर एड्रियन श्मिट ने बताया है कि सबसे पहले यह सर्विस बेंगलुरू में शुरू की जायेगी। इसके कुछ माह बाद मुंबई और दिल्ली में भी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी लांच की जायेगी। स्टार्टअप महाकुंभ के मौके पर मीडिया को दिये अपने एक बयान में एड्रियन ने कहा है कि कंपनी का लक्ष्य है कि बेंगलुरू में लांच करने के 5 साल के अन्दर प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी एयर टैक्सी की सर्विसेज शुरू की जाये।

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बंद हो गये एक झटके में 11 हजार बैंक, डूब गये लोगों के पैसे

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 2 अप्रैल का ऐलान दुनियाभर के लिये नयी मुसीबत लेकर आया है। ट्रम्प ने 180 से अधिक देशों पर ताबड़तोड़ रियायती रेसिप्रोकल टैरिफ लगा दिया है। इससे सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि एशियाई बाजारों से लेकर यूरोपीय बाजारों तक में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दुनिया भर के शेयर बाजारों में त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। ऐसा कहा जाने लगा है कि दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही हे। इस वातावरण में लोगों को 1929 की महामंदी का खौफ सताने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ बम से उस ब्लैक टयूज्डे यानी अशुभ मंगल की याद आ गयी है। जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचा दी थी। हम आपको बतायेंगे कि आखिर 96 वर्ष पूर्व उस मंगलवार को क्या हुआ था। जिसकी आहट भर से हलचल मच जाती है। जिसे लेकर आज भी दुनियाभर के दिग्गज व्यापारी और आर्थिक विश्लेषक शेयर बाजार पर चेताते रहते हैं।
बैड टेस्ट से पहले का फीलगुड
अगर हममें से अधिकांश लोगों से पूछा जाये कि मस्ती, रईसी और खुशहाली वाली जिन्दगी जीने के लिये दुनिया में कहां जाया जा सकता है तो सबके मन में अमेरिकन ड्रीम फट से झलक दिखला जायेगा। अमेरिका यानी दुनिया के अंकल सैम की रईसी की यह कहानी कोई नयी नहीं है। आज से लगभग एक शताब्दी पहले यानी साल 1928 के पतझड़ में अमेरिका के भावी राष्ट्रपति हर्बर्ट हूवर ने घोषणा की-हम आज अमेरिका में इतिहास में पहली बार गरीबी पर अंतिम विजय के काफी करीब है। अधिकांश अमेरिका नागरिक उनसे सहमत थे। लोगों ने इससे अच्छी जिन्दगी को इसस ेपहले कभी नहीं जिया था। बेरोजगारी दर केवल 4प्रतिशत तक थी यानी हर 100 में 96 लोगों के पास कमाई का जरिया था।

 

 

 

 

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वक्फ बिल को लेकर राजनीतिक दल सुप्रीम कोर्ट की शरण में, क्या सुप्रीम कोर्ट रोक सकता है संसद से बना कानून?

नई दिल्ली. वक्फ संशोधन बिल के कानून बनने का रास्ता अब साफ हो चुका है। लोकसभा और फिर राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद इस बिल पर सिर्फ राष्ट्रपति की मुहर लगने का इंतजार हे। संसद और सड़क पर विपक्षी दलों दलों के विरोध के बावजूद सरकार दोनों सदनों से इस बिल को पारित कराने में कामयाबी रही है। अब मुस्लिम संगठनों से लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस बिल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। इस मामले में पहली रिट याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा चुकी है। बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेदन ने कोर्ट में रिट पिटीशन दी है।
वक्फ बिल पर कानूनी लड़ाई शुरू
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा है कि कांग्रेस पार्टी जल्द ही इस बिल की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। उन्होंने बताया कि पार्टी पहले ही नागरिकता कानून सीएए, आरटीआई कानून, चुनाव नियमों से जुड़े कानून को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दे चुकी है। यह सभी मामले कोर्ट में चल रहे हैं। इसके अलावा पूजास्थल अधिनियम को भी कांग्र्रेस की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी है। इस कड़ी में अगला नाम वक्फ संशोधन बिल का जुड़ने वाला है।
सुप्रीम कोर्ट के पाले में है गेंद
संसद का कम कानून बनाना है और लोकसभा-राज्यसभा ने अपना काम कर दिया है। अब यह बिल संविधान के अनुसार है या नहीं यह तय करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट के पास है। बिल को चुनौती देने वाले और इसका विरोध करने वाले बहुत है। लेकिन सुप्रीम कोई इस बिल को संविधान की कसौटी पर तौलेगा। फिर तय करेगा कि यह बिल संवैधानिक है या फिर नहीं है। बिल की खिलाफत करने वाले भी इसे संवैधानिक आधार पर ही कोर्ट में चुनौती देने वाले हैं।
सुप्रीम कोर्ट कानून को रोक सकती है क्या
अगर सुप्रीम कोर्ट के अतिधकारों की बात करें तो वह संसद की ओर से बनाये गये किसी कानून की व्ख्याख्या कर सकता है। लेकिन अगर वह कानून किसी को मौलिक अधिकारों का उल्लंघन मानता है। ऐसी स्थिति में सर्वोच्च अदालत के पास उस पर रोक लगाने का अधिकार भी है। लेकिन ऐसा तभी हो सकता है। जब संसद से पारित कानून संवैधानिक को हनन करता हो। कोर्ट ही यह तय करेगा। इस कानून से संविधान में निहित अधिकारों का कैसे हनन हो रहा है। हालांकि इसके बाद संसद के पास दो तिहाई बहुमत के जरिये संविधान संशोधन लाकर उस बिल को फिर से पास कराने का अधिकार भी है।

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