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फिल्म अभिनेता मनोजकुमार 87 वर्ष की आयु में निधन

नई दिल्ली. बॉलीवुड से एक दुःखद खबर सामने आयी है। दिग्गज अभिनेता मनोजकुमार का निधन हो गया है। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्होंने अपने फिल्मी केरियर में कई देशभक्ति पूर्ण फिल्में बनाई थी। इसलिये फेंस उन्हें प्यार से भारत कुमार भी बुलाते थे। वह क्रांति, उपकार जैसी देशभक्ति पूर्ण फिल्मों के लिये मशहूर थे।
मनोज के निधन की खबर ने फैंस को गमगीन कर दिया। सोशल मीडिया पर सभी अपने चहेते कलाकार का ेनम आंखों से विदाई दे रहे है। सेलेब्स ने भी दिग्गज अभिनेता के निधन पर शोक जताया है। अभिनेता मनोज कुूमार ने सहारा, चांद, हनीमून, पूरब और पश्चिम, नसीब, मेरी आवाज सुनो, नीलकमल, उपकार, पत्थर के सनम, पिया मिलन की आस, सुहाग सुन्दूर, रेश्मी रूमाल जैसी फिल्मों में काम किया है। वह नेशनल अवॉर्ड, पद्म श्री और दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित थे।
अभिनेता ने 1957 में फिल्म फैशन से एक्टिंग डेब्यू किया था। 1965 उनके करियर के लिये बड़ा गेमचेंजर था। इसी वर्ष आई शहीद मूबी ने उनके करियर का मायलेज दी। बस इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। रोल चाहे कैसा भी हो, वह उसमें पूरी तरह ढल जाते थे। मनोज कुमार की फिल्में ही हिट नहीं हुई, बल्कि इसके गाने भी लोगों के जुवां पर चढ़े। उपकार मूवी का गाना ’मेरे देश की धरती‘ बच्चा बच्चा गुनगुनाता है।

 

 

 

 

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वक्फ संशोधन बिल राज्यसभा में भी पास, कानून बनने से अब एक कदम दूर

नई दिल्ली. वक्फ संशोधन बिल 2025 लोकसभा से पास होने के बाद अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है। बिल के पक्ष में 128 वोट पड़े। जबकि 95 सदस्यों ने इसके विरोध में वोट दिया। वक्फ काकनून बनने से बस एक कदम दूर है। अब इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जायेगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद से यह कानून बन जायेगा।
राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि वक्फ बोर्ड एक वैधानिक निकाय है और इसे धर्म निरपेक्ष होना चाहिये। इस बिल से एक भी मुस्लिम का नुकसान नहीं होगा। करोड़ों मुसलमानों का लाभ होने वाला है।
क्या बोले किरेन रिजिजू
राज्यसभा में वक्फ बिल पर चर्चा पूरी होने के बाद अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भरोसा दिलाया है कि मुस्लिमों के धार्मिक कार्यकलापों में किसी तरह का हस्तक्षेप कोई गैर मुस्लिम नहीं करेगा। रिजिजू ने कहा-आप चाहते हैं कि वक्फ बोर्ड में बस मुस्लिम ही बैठे। हिन्दू या किसी दूसरे धर्म के लोगों के साथ कोई विवाद होगा तो कैसे तय होगा। इस तरह की बॉडी जो है, वह सेक्यूलर होना चाहिये। इसमें 4 लोग है तो वह निर्णय कैसे बदल सकते है। वह तो बस अपने एक्सपर्टाइज का उपयोग कर सकता है। आपको कभी भी यह नहीं भूलना चाहिये कि अगर आप एक बार वक्फ डिक्लेयर कर देते है तो उसका स्टेटस नहीं बदल सकते । वंस अ वक्फ, ऑलवेज अ वक्फ।

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सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अपनी संपत्ति घोषित करेंगे, CJI सहित 30 जजों की ने सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइटपर डाली डिटेल

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों ने अपनी संपत्ति सार्वजनिक करने का ऐलान किया है। चीफ जस्टिस संजीव खन्ना को भी अपनी संपत्ति का विवरण सार्वजनिक करना होगा। सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट ने यह तय किया है कि जजों को पद संभालते ही अपनी संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिय। सीजेआई और जजअपनी संपत्तियों का पूरा विवरण स्वेच्छा से सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सार्वैजनिक करेंगे। मौजूदा समय में सीजेआई समेत सुप्रीम कोर्ट में कुल 30 जजों ने अपनी संपत्तियों का ब्यौरा सार्वजनिक किया है। इनमें सीजेआई संजीव खन्न से लेकर जस्टिस बीआर गवई, र्जिस्टस सूर्यकांत, जस्टिस अभय एस ओक, जस्टिस जेके महेश्वरी जस्टिस बीवी नागरत्ना जैसे जज शामिल है।
आपको बता दें कि यह खबर ऐसे वक्त पर सामने आयी है। जब हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा, के आवास से नगद कैस बरामद किया गया था। नगद मिलने के मामले की जांच के लिये सीजेआई संजीव खन्ना ने 22 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ 3 सदस्यीय आतंरिक जांच शुरू की थी।
आरोप है कि जस्टिस वर्मा के आधिकारिक आवासीय परिसर में नोटों की गड्डियां पायी गयी थी। जहां 14 मार्च को आग लग गयी थी। नोंटों की यह गड्डिया आग बुझाने वाली फायर ब्रिगेड की टीम ने स्टोर रूम में देखी थी। आग की चपेट में आने से बहुत सारे नोट जल गये थे।

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लोकसभा में ओवैसी ने वक्फ संशोधन बिल फाड़ा, इसका मकसद मुसलमानों को जलील करना

नई दिल्ली. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पेश किया। किरन रिजिलू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट) इफिशिएंसी एंड डवलपमेंट) नाम दिया है। बिल को केन्द्र की सरकार में शामिल टीडीपी, जेडीयू और एलजेपी ने समर्थन दिया। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू चर्चा का जवाब दे रहे है। उनके भाषण के बाद वोटिंग होगी। चचा्र के दौरान एआईएमआईएम के सांसद असदुदीन ओवैसी ने कहा है कि इस बिल का मकसद मुसलमानों को जालील करना है। मैं गांधी की तरह वक्फ बिल को फाड़ता हूं।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- वक्फ में गैर इस्लामिक नहीं आएगा। ऐसा कोई प्रोविजन भी नहीं है। वोट बैंक के लिए माइनॉरिटीज को डराया जा रहा है। शाह ने कहा- एक सदस्य ने कह दिया कि यह बिल माइनॉरिटीज स्वीकार नहीं करेगी। क्या धमकी दे रहे हो भाई। संसद का कानून है, स्वीकार करना पड़ेगा।
बिल पर चर्चा में रिजिजू ने 58 मिनट अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार ने 5 मार्च 2014 को 123 प्राइम प्रॉपर्टी को दिल्ली वक्फ बोर्ड को ट्रांसफर कर दीं। ऐसा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अल्पसंख्यक वोटों के लिए किया गया, पर चुनाव हार गए। रिजिजू ने कहा- अगर हमने आज यह संशोधन बिल पेश नहीं किया होता, तो जिस इमारत में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था। अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में नहीं आती तो कई अन्य संपत्तियां भी गैर-अधिसूचित हो गई होतीं। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा- वक्फ के खौफ से भारत के लोग आजादी चाहते हैं।

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1500 वर्ष पुराना पूर्व शिवजी को दान की गयी तिरूचेंथुरई गांव की जमीन कैसे बनी वक्फ की जमीन विवाद का हिस्सा

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने संसद में गुरूवार का वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया है। वक्फ पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच, तमिलनाडू का एक गांव भी चर्चा के केन्द्र में है। आपको बता दें कि त्रिची के श्रीरंगम निर्वाचन क्षेत्र में स्थित तिरूचेंथुरई गांव का उल्लेख केन्द्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिलू ने संसद में विधेयक पेश करते समय किया था। जब विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। विधेयक के खिलाफ उठ रही आवाजों के बीच, एनडीए सरकार ने इसे जेपीसी को आवश्यक सिफारिशों के लिये भेज दिया था। तब अपने संबोधन में रिजिजू ने कहा था कि ‘त्रिची के तिरूचेंथुरई गांव में कई एकड़ जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित किया गया है।
2 हजार वर्ष है पुराना त्रिची के तिरूचेंथुरई का इतिहास
त्रिची के तिरूचेंथुरई गांव का यह मामला उलझा हुआ क्यों है और वक्फ की तरफ से की गयी मनमर्जी का कैसे उदाहरण् ब्न जाती है। इन सवालों का जवाब इस गांव का इतिहास देता है। समय के पहिये पर सवार होकर अगर हम लगभग 1500 वर्ष पीछे जाये तो कावेरी नदी के तटीय डेल्टा क्षेत्र के किनारे बसा यह गांव लगभग 2 हजार वष्र का लिखित इतिहास समेटे हुए है। 1500 वर्ष का जिक्र इसलिये। क्योंकि इस गांव में मौजूद पौराणिक ऐतिहासिक मनें डियावल्ली चन्द्रशेखर स्वामी मंदिर करीब इतना ही पुराना है।
ऐसा माना जाता है कि चोल शासकों ने दक्षिण विजय के बाद, जीत का श्रेय महादेव शिव के आर्शीवाद को देते हुए। उनके नाम से जमीन समर्पित करते हुए इस मंदिर का निर्माण कराया था। तिरूचेंथुरई का पौराणिक महत्व मुख्य रूप से कावेरी नदी और इसके तट पर स्थित चन्द्रशेखर स्वामी मंदिर से जुड़ा है। हिन्दू पौराणिक कथाओं में कॉवेरी को एक पवित्र नदी माना जाता है। जिसकी उत्पत्ति ऋषि अगस्त्य के कमंडल से हुई थी। पुराणों के अनुसार जब एक कौवे ने ऋषि अगस्त्य के कमंडल का उलट दिया। तब कावेरी नदी का जन्म हुआ था। इस नदी के त टपर बसे गांवों को धार्मिक दृष्टि से महत्वपपूर्ण समझा जाता और तिरूचेंथुरई भी इससे अलग नहीं है।
शिव को समर्पित है चंद्रशेखर स्वामी मंदिर
चंद्रशेखर स्वामी मंदिर, जो भगवान शिव को समर्पित है, गांव का केंद्रीय धार्मिक स्थल है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का शिवलिंग स्वयंभू (प्रकृति से उत्पन्न) है. एक लोक कथा कहती है कि प्राचीन काल में एक ग्वाले को इस स्थान पर एक चमकदार पत्थर मिला, और स्वप्न में भगवान शिव ने उसे मंदिर बनाने का निर्देश दिया था. इसके अलावा, तमिल शैव भक्ति परंपरा में नयनार संतों (अप्पर, सुंदरर, संबंदर) ने कावेरी तट के शिव मंदिरों का यशोगान किया है और भक्ति भाव वाले भजन गाए है।
चोल साम्राज्य के दौरान हुआ था मंदिर का निर्माण
यह समय राजराज चोल प्रथम और राजेंद्र चोल प्रथम के शासनकाल से मेल खाता है. चोल शासक शैव धर्म के प्रबल अनुयायी थे और उन्होंने अपने साम्राज्य में अनेक शिव मंदिरों का निर्माण और संरक्षण किया. मंदिर के शिलालेखों से पता चलता है कि चोलों ने इसे भूमि और धन दान दिया था, जिससे यह स्थानीय समुदाय का धार्मिक और सामाजिक केंद्र बन गया. एतिहासिक तथ्यों की मानें तो मंदिर को राजाराजे चोल की बहन ने बनवाया था.
इस गांव का नामकरण भी मंदिर के ही नाम पर है. जिसमें तिरु का अर्थ श्री या पवित्र और चेंथुराई का अर्थ है स्थल. तीनों लोकों में सबसे पवित्र स्थल के रूप में ही इस गांव को तिरुचेंथुरई नाम मिला, जो इसे इसकी पौराणिकता से जोड़ता है और इस तथ्य को बढ़ावा देता है कि चोलों ने इस गांव की भूमि को पहले ही महादेव शिव को समर्पित किया था ।

 

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वक्फ संशोधन पर एनडीए एकजुट, विपक्ष की रणनीति फेल, बुधवार की सुबह लोकसभा पेश किया जायेगा बिल, सभी दलों ने कमर कसी

नई दिल्ली. अब से कुछ घंटे के बाद से ही देश की सियासत में संसद के अन्दर समय बदलने वाला है। अब 8 घंटे की बहस शुरू होगी। तय होगा कि देश की सबसे बड़ी और ताकतवर मुस्लिम संस्था वक्फ बोर्ड का समय अब बीते दौर की बात है या नहीं। कल लोकसभा में दोपहर 12 बजे वक्फ संशोधन बिल सरकार ला रही है। कल ही मतदान भी हागा और यह मय माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के बसे अहम बिल पर कल जीत हासिल कर सकती है। अभी तक नीतीश कुमार, चन्द्रबाबू नायडू , चिराग पासवान, मांझी जयंत चौधरी, की पार्टी ने बिल के समथ्रन में हरी झंडी दे दी है। कर्नाटक में सहयोगी जेडीएस के दोनों सांसद भी कल वक्फ संशोधन बिल का समर्थन करेंगे।
भले ही तीसरी बार में अपने दम पर बहुमत से भाजपा 32 सीट दूर रह गयी हो। लेकिन कुछ ही घंटे के बाद संसद में वक्फ संशोधन बिल पर सरकार अपना शक्ति प्रदर्शन दिलायेगी। भले 63 सीट पिछली बार के मुकाबले लोकसभा में भाजपा की घटी हो। लेकिन सरकार बनाने जा रही है कि हम सीटें घटने से बड़े फैसले लेने में पीछे नहीं हटते। भले तीसरे कार्यकाल में मोदी सरकार 14 सहयोगीह दलों के 53 सांसदों के समर्थन पर टिकी हो लेकिन सरकार कुछ ही घंटे में बताने जा रही है कि बहुमत से बढ़स सर्वमत होता है । ऐसे में आज इस सवाल को समझना है कि क्या देश में धर्म निरपेक्षता के नाम पर हाती आयी राजनीति का समय अब वक्फ बिल के साथ बदलने जा रहा है।
क्या बदलने वाली है मुस्लिम वोट की सियासत?
‘धर्मनिरपेक्षता की राजनीति’ ये वो शब्द है जो 90 के दशक की सियासत में बीजेपी के खिलाफ विपक्ष की तरफ से गढ़ा जाता था. जहां बीजेपी को सांप्रदायिक बताकर विरोधी धर्मनिरपेक्षता का दावा करके एकजुट हो जाता था और तब बीजेपी सत्ता में रहते हुए भी धर्मनिरपेक्षता का छाता लगाकर होती विरोधियों की राजनीति के आगे बड़े फैसले लेने में हिचकिचाती थी. लेकिन 21वीं सदी में मोदी स्टाइल सियासत अलग है. जहां धर्मनिरपेक्षता के तराजू पर बीजेपी के खिलाफ एकजुट होने वाले विरोधियों के मंसूबे बुधवार को वक्फ संशोधन बिल के मुद्दे पर हवा में लटके रह सकते हैं क्योंकि गठबंधन सरकार होने के बावजूद नीतीश-नायडू, चिराग, मांझी के समर्थन के साथ मोदी सरकार का पलड़ा भारी लग रहा है।
सरकार जिस वक्फ बिल के जरिए बदलाव ला रही है वो केवल वक्फ बोर्ड को ही नहीं बदलने वाला है, बल्कि देश की मुस्लिम वोट की सियासत और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर होती राजनीति को भी बदल रहा है. क्योंकि विपक्ष के तमाम तानों, उलाहनों के बावजूद ना तो नीतीश, ना चंद्रबाबू नायडू, ना चिराग पासवान, ना ही जयंत चौधरी का स्टैंड बिल के विरोध में आया है. वक्फ संशोधन बिल बुधवार को लोकसभा में पास होता है तो ये राहुल गांधी की राजनीति के लिए झटका होगा ।

 

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TDP के तीनों सुझाव माने सरकार ने, कल विधेयक में सपोर्ट में मतदान करेगी चन्द्रबाबू नायडू की पार्टी

नई दिल्ली. वक्फ (संशोधन) विधेयक में तेलुगु देश पार्टी (टीडीपी) द्वारा सुझाये गये तीनों संशोधनों को स्वीकार कर लिया गया है और इसके साथ ही टीडीपी ने विधेयक को पूरा संमर्थन देने का निर्णय लिया है। बुधवार को लोकसभा में पार्टी बिल के समर्थन में मतदान करेगी। इसी के साथ जेडीयू के प्रस्तावों को भी स्वीकार कर लिया गया है। लिहाजा अब माना जा रहा है नीतीश कुमार की पार्टी भी लोकसभा में बिल का समर्थन कर सकती है।
क्या थे टीडीपी के सुझाव
टीडीपी ने वक्फ बाय यूजर से संबंधित प्रावधान में संशोधन का प्रस्ताव रखा था। जिसके अनुसार जो भी वक्फ बॉय यूजर संपत्तियां वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के लागू होने से पहले पंजीकृत हो चुकी है। वहव क्फ संपत्तियां बनी रहेंगी। जब तक कि संपत्ति विवादित न हो या संरकारी संपत्ति न हो। इस संशोधन को विधेयक में शामिल कर लिया गया है।
कलेक्टर नहीं होगा अंतिम प्राधिकारी
इसके अलावा टीडीपी ने यह भी प्रस्ताव दिया था कि वक्फ मामलों में कलेक्टर को अंतिम प्राधिकारी न मानते हुए। राज्य सरकार एक अधिसूचना जारी कर कलेक्टर से ऊंचे पद के अधिकारी को नामित कर सकती है। जो कानून के अनुसार जांच करेगा। यह संशोधन भी विधेयक का हिस्सा बन गया है।
कल दोपहर 12 बजे पेश होगा बिल
वक्फ संशोधन बिल को लेकर अब तस्वीर साफ हो गई है।ये बिल दो अप्रैल को दोपहर 12 बजे लोकसभा में आएगा। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस पर मुहर लग गई है।  सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर सदन में मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कहेगी. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि आठ घंटे चर्चा का समय तय किया गया है. इस समय को बढ़ाया जा सकता है लेकिन सदन की सहमति लेकर के. आजतक से खास बातचीत में किरेन रिजिजू ने कहा कि अब अगर कोई वॉकआउट करके बहाना करना चाहता है।  चर्चा से भागना चाहता है तो उसको हम रोक नहीं सकते. उन्होंने कहा कि चर्चा तो करें. हर दल को अपना पक्ष रखने, अपनी बात रखने का मौका मिलेगा  है।
दस्तावेज जमा करने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय
तीसरा प्रमुख संशोधन डिजिटल दस्तावेजों की समय-सीमा बढ़ाने से संबंधित था. अब, यदि ट्रिब्यूनल को देरी का उचित कारण संतोषजनक लगता है।  तो वक्फ को डिजिटल दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त 6 महीने का समय मिल सकेगा। टीडीपी के संशोधनों को स्वीकार किए जाने के बाद, पार्टी ने इस विधेयक के समर्थन में मतदान करने का निर्णय लिया है।

 

 

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पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में सिलेंडर विस्फोट से पटाखों में लगी आग से 7 लोगों की मौके पर ही मौत

कोलकाता. पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के ढोलाहाट इलाके में एक भीषण धमाके में 7 लोगों की मौत हो गयी। यह धमाका एक घर में सिलेंडर फटने के बाद वहां रखे पटाखों में धमाका होने से हुआ है। जिससे पूरा घर तहस-नहस हो गया।
सिलेंडर धमाका से पटाखों में लगी आग
शुरूआती जानकारी के अनुसार, सुदरवन के डोलाआहट इलाके में विस्फोट बनिक परिवार के घर में हुआ। यह परिवार यहां कई वर्षो से पटाखा बनाने का काम करते थे। घर में कल 11 सदस्य रहते थे। जिनमें से 4 अभी तक लापता है। इस विस्फोट की वजह से घर में रखे पटाखों ने आग पकड ली और बड़ा धमाका हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरा घर ध्वस्त हो गया। आसपास के इलाके में अफरा-फरी मच गयी। इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें घटनास्थल पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।

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कठुआ में सुरक्षाबलों ने चारों ओर से आतंकियों घेरा, एनकाउंटर जारी

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है। अब इस ऑपरेशन को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है। खबर यह है कि जम्मू कश्मीर पुलिस और आतंकवादियों के बीच फिर से गोलीबारी शुरू हो गयी है। कठुआ के ऊपरी इलाकों में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकवादियों को घेर लिया है। लगभग 1 हफ्ते में कठुआ में यह तीसरा एनकाउंटर है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने कठुआ के जिले दूर-दराज के रामकोट इलाके में आतंकवादियों ने फिर से गोलीबारी की है। जहां सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर हुआ है। वहां सुरक्षाबलों को भेजा गया है।
3 आतंकी कठुआ में देखे गये
वहीं, कठुआ के एक दूर दराज के गांव में पिछली रात फिर से 3 आतंकी देखे गये। आतंकवादी गांव में घुस आये और हिन्दू परिवार के घर में भोजन की मांग करने लगे। हालांकि परिवार ने खाना देने से मना कर दिया और चुपके से थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी। पीडि़त परिवार का दावा है कि आतंकवादियों में से एक घायल हालत में था। दरअसल, घाटी-’जुथाना और कठुआ के अन्य पहाड़ी इलाकों में सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। 2 दिन पहले ही कठुआ जिले में सुरक्षाबलजों ने 2 आतंकवादियों को मार गिराया था। उनके हथियार बरामद किये थे। संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों ने उन्हें पकड़ने के प्रयास तेज कर दिये है और जम्मू कश्मीर पुलिस ने उन रिपोर्टो को खारिज कर दिया। जिसमें दावा किया गया था कि आतंकवादियों ने गोलीबारी में मारे गये पुलिस कर्मियों से हथियार छीन लिये थे।

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सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर में 17 नक्सलियों को मार गिराया

सुकुमा. छत्तीसगढ़ के सुकुमा जिले में 17 नक्सलियों को मुठभेड का लाइव वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में जवान पोजीशन लेकर बैठे दिखाई दे रहे है। दोनों ओर से गोलीबारी की आवाज आ रही है लगभग 2.30 घंटे के अन्दर ही जवानों ने 25 लाख रूपये के इनामी नक्सली जगदीश सहित 17 नक्सलियों को मार गिराया।
दरअसल, 29 मार्च को केरलापाल थाना इलाके में उपमपल्ली के जंगल में एनकाउंटर हुआ था। डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों नक्सलियों को घेर रखा था। वही एनकाउंटर के दौरान किसी जवान ने गागेलीमारी का वीडियो अपने मोबाइल में शूट कर लिया। अब यह वीडियो मीडिया के हाथ लगा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जवान पेड़ के पीछे पोजीशन लेकर बैठे हैं।
आगे बढ़ो घेरों जवानों की आयी आवाज
जवान एक दूसरे से कह रहे थे कि आगे बढ़ें, नाले के पास से घेरें। उधर, नक्सली जवानों पर फायरिंग कर रहे हैं। दोनों ओर से गोलियां बरसाई जा रही है। वहीं डीआरजी और सीआरपीएफ के जवानों ने कुछ ही देर में पहले 8, फिर 7 और थोड़ी देर बाद 2 नक्सलियों को मुठभेड में मार गिराया। जैसे-जैसे नक्सलियों को मारते गये जवाने आगे बढ़ते गये।
मौके से हथियार समेत अन्य सामान बरामद
सभी के शव समेत मौके से AK-47, SLR, इंसास समेत अन्य हथियार भी बरामद किए। मारे गए नक्सलियों में 11 महिला और 6 पुरुष नक्सली है। खास बात है कि नक्सली कमांडर जगदीश को भी एनकाउंटर में ढेर किया गया है। ये SZCM कैडर का है। इसपर 25 लाख रुपए का इनाम घोषित है।

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