Author: Mahesh Jha

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सयानी घोष का फ्लैट अभिषेक के साथ, भाजपा के आरोप पर आया टीएमसी, MP का बयान


नई दिल्ली बंगाल भाजपा ने 43 ऐसी प्रॉपर्टीज की एक सूची जारी की है। जिनका कथित तौर पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से संबंध है। इनमें से कई प्रॉपर्टीज ऐसी बताई जा रही है जो उनक सहयोगियों और परिवार क सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से उनके नाम पर है। बंगाल की नयी भाजपा सरकार इन संपत्तियों के मालिकाना हक से जुड़े मामलों की विस्तृत जांच करेगी। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब टीएमसी के कंट्रोल वाली कोलकाता नगरनिगम ने ममता बनर्जी के भतीजे से जुड़ी 17 प्रॉपर्टीज को लेकर नोटिस जारी किया है।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस लिस्ट को झूठा और अविश्वनीय बताकर खारिज कर दिया है। लेकिन जिस बात पर खासतौर पर सबका ध्यान गया है। वह है ‘‘सयोनी घोष’’ से जुड़ी एक संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति सोशल मीडिया के कई यूजर्स ने यह अनुमान लगाया है कि यह जाधवपुर की सांसद, सयोनी घोष हो सकती है। भाजपा की तरफ से जारी दस्तावेज से एक संपतित ऐसी है। जिसके मालिक संयुक्त रूप से अभिषेक बनर्जी नाम शख्स और श्रीमति सयानी घोष नाम की महिला है।
BJP ने TMC के नंबर 2 नेता पर शिकंजा कसा
यह नया विवाद KMC द्वारा अभिषेक से जुड़े 17 पतों पर कथित तौर पर बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को लेकर नोटिस भेजे जाने के एक दिन बाद सामने आया है।  इन पतों में हरीश मुखर्जी रोड पर स्थित ‘शांतिनिकेतन’ भी शामिल है, जो उनका आवास भी है।  इस नोटिस में KMC VS बिल्डिंग प्लान की मंज़ूरी से जुड़े दस्तावेज़ मांगे है।  KMC ने लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी चीजों को लगाने से जुड़ी जानकारी भी मांगी है।  KMC ने निर्देश दिया है कि बिना मंजूरी के किए गए निर्माण को सात दिनों के भीतर गिरा दिया जाए। अभिषेक को निशाना बनाते हुए CM शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को ज़ोर देकर कहा कि सरकार “सभी भ्रष्ट लोगों” को जेल भेजेगी। अधिकारी ने दावा किया कि अभिषेक की 14 संपत्तियां उनकी कंपनी, ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर रजिस्टर्ड थीं।
अधिकारी ने दावा किया, “अभिषेक बनर्जी के पास ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ के नाम पर 14 संपत्तियां हैं, 4 उनके अपने नाम पर और 6 उनके पिता के नाम पर हैं।  ” इन आरोपों का जवाब देते हुए अभिषेक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।  जिसमें उन्होंने बेबाकी से दावा किया कि अगर सरकार उनका घर भी गिरा देती है, तो भी वह “झुकेंगे नहीं”. उन्होंने कहा, “उन्हें जो करना है, करने दो… मेरा घर गिरा दें, नोटिस भेज दें।  मैं इन बातों के आगे झुकूंगा नहीं।  चाहे कुछ भी हो जाए, BJP के खिलाफ मेरी लड़ाई जारी रहेगी। ” अभिषेक की कथित संपत्तियों को लेकर यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब BJP पिछली ममता बनर्जी सरकार के दौरान बड़े पैमाने पर हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर अपना शिकंजा कस रही है।

 

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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस और डम्पर के बीच हुई टक्कर में 2 की मौत, 15 घायल

फिरोजाबाद. उत्तरप्रदेश के फिरोजाबाद के थाना मटसेना इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार की सुबह यह दुःखद हादसा हुआ है। फिरोजाबाद के थाना मटसेना इलाके में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के पिलर नम्बर 46 किमी के पास कानपुर से ग्रुरूग्राम जा रही एक प्रायवेट बस की टैंकर से टक्कर हो गयी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी बस में अचानक आग लग गयी। जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गयी। महिला यात्री की मानें तो आगे सड़क पर एक डम्पर पलट गया था और हमारी बस डम्पर से टकरा गयी।
दुर्घटना में घायल डेढ दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गये। जिसमें 2 की मौत हो गयी। नगर मजिस्ट्रेट ने बताया कि इसमें ड्रायवर और कंडक्टर की मौत हुई है। 5 घायलों को मेडीकल कॉलेज फिरोजाबाद एम्बूलेंस से भेजा है। 15 घायलों को सैफई मेडीकल कॉलेज भेजा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने राहत कार्य शुरू किया है।
चश्मदीदों ने क्या बताया?
घायल महिला यात्री उषा ने बताया कि बस कानपुर से गुरुग्राम जा रही थी।  रोड पर डंपर पलट गया था हमारी बस उसी में टकरा गई। बस में 40 से 45 लोग सवार थे बस प्राइवेट थी, हमें शीशा तोड़ कर पीछे से निकाला गया । बस पर सफर करने वाले यात्री सत्य बिश्नोई कहते हैं, “हम सो रहे थे। लोगों ने हिलाया कि बस में आग लग रही है। हमने देखा कि पहले बस लहराई और उसके बाद डिवाइडर से टकरा गई। सबको नीचे उतारा, बस में आग लग गई।”
फिरोजाबाद के नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडे ने कहा कि ऐक्सप्रेस-वे पर डबल डेकर प्राइवेट बस का एक्सीडेंट हुआ है, जिसमें आग लग गई। करीब 20 लोग घायल हुए हैं। 5 घायलों को फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज और 15 को सैफई मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए भेजा गया है। ड्राइवर और कंडक्टर की मौत हो गई है।

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कटोराताल 15 लाख पानी से होगा लबालब, फिर से शुरू होगा म्यूजिकल फाउंटेन शो

ग्वालियर. स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कार्पोरेशन ने कटोराताल में छाई काई को साफ करने के साथ कटोराताल को भरने की तैयारी शुरू कर दी है। स्मार्ट सिटी ने इसका लेकर नगरनिगम, पीएचई के कार्यपालन यंत्री (ग्वालियर पूर्व) और पार्क विभाग के नोडल अधिकारी को पत्र लिखा है। स्मार्ट सिटी ने कटोराताल में छाई काई को साफ करने के साथ ही 15 लीटर पानी करने के लिये कहा है। कटोराताल में म्यूजिकल फाउंटेन शो संचालित होता है। यहां पानी साफ करने की व्यवस्था स्मार्ट सिटी ने नहीं की है। इस वजह से 5-6 माह में पानी के अंदर काई छा जाती है।
म्यूजिकल फाउंटेन शो हुआ बंद
ताल के अंदर 50%पानी भी कम है। इस कारण से म्यूजिकल फाउंटेन-शो का संचालन नहीं हो पा रहा है। इसे ध्यान में रखकर स्मार्ट सिटी ने पीएचई को कटोराताल में पानी भरने के लिए पत्र भेजा है। पत्र में जल स्तर कम का जिक्र है। काई को साफ करने के लिए पार्क विभाग के नोडल अधिकारी को कहा है।

 

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पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ 4 घंटे तक चली महाबैठक, मुद्दा मिडिल ईस्ट संकट सहित इन मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार की शाम 5 बजे सभी मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक की। यह बैठक लगभग 4.30 घंटे तक चली। इसमें देश की तरक्की से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी । मंत्रालयों का काम देखा गया और आगे की प्लानिंग तय की गयी। यह बैठक शाम 5 बजे सेवातीर्थ में शुरू हुई। इसमें केन्द्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और बाकी राज्यमंत्री भी शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूरी कैबिनेट बैठक थी। यह उस समय हुई जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने वाले हैं।
बैठक क्यों बुलाई
यह बैठक सरकार का एक तरह का मिड टर्म रिव्यू था। अलग-अलग मंत्रालयों ने क्या किया है। पिछले कुछ महीनों में कौन से बड़े फैसले लिये गये। उनका नतीजा क्या रहा और आगे क्या करना है। यह सब पर चर्चा की गयी है। 9 मंत्रालयों ने अपना -अपना काम बैठक में पेश किया है। सबसे पहले कॉमर्स मत्रालय ने प्रेजेंटेशन दिया और इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम का भी रिव्यू किया गया। मंत्रालयों से पहले ही कहा गया था कि वह अपने सुधारों को 4 हिस्सों में बांटकर बतायें। पहला, कानून में बदलाव, दूसरा -नियमों में बदलाव, तीसरा-नीति में बदलाव और चौथा-काम करने के तरीके में बदलाव। यह भी बताना था कि इन बदलावों का आम लोगों पर क्या असर पड़ा।
पीएम ने मंत्रियों से क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिये है कि 2047 को ध्यान में रखकर काम करें। यानी भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य है। उसे सदैव सामने रखें। उन्होंने ‘‘ईज ऑफ लिविंग’’ यानी आम लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने पर और सुधारों पर जोर दिया है। बड़ी सरकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहा है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं और मंत्रालयों के बीच तालमेल कैसा है।
पश्चिम एशिया संकट पर भी हुई बात
इस समय मिडिल ईस्ट यानि पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसका असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है।  बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई।  प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।  खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर खास ध्यान दिया गया ।   पहले से ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों का एक ताकतवर अनौपचारिक समूह इस मिडिल ईस्ट संकट पर नजर रख रहा है।  हालांकि राजनाथ सिंह गुरुवार की बैठक में नहीं थे क्योंकि वे साउथ कोरिया के दौरे पर हैं।  इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी जिनेवा में होने के चलते बैठक में नहीं आ सके।
विदेश मंत्री ने पीएम के 5 देशों के दौरे की जानकारी दी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में पीएम मोदी की हाल की पांच देशों की विदेश यात्रा के बारे में सभी मंत्रियों को जानकारी दी।  इस दौरे में क्या हासिल हुआ और आगे के लिए क्या रास्ता बना, यह सब बताया गया।

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रेत से भरी नाव जला देना किस नियम के तहत, लेडी इंस्पेक्टर पर साक्ष्य मिटाने का आरोप

जलती नाव को निहारती टीआई - Dainik Bhaskar
मुरैना. सबलगढ़ में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्यवाही के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गयी। सबलगढ़ थाना टीआई राजकुमारी परमार और उनकी टीम चम्बल के कलर घाटी पर अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्यवाही करने पहुंची थी। इस बीच पुलिस ने रेत से भरी एक नाव को पकड़ा, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसका वीडियो गुरूवार को सामने आया है।
ऐसा बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने नाव से रेत हटवाने के बाद मौके पर ही नाव में आग लगवा दी। वायरल वीडियो में टीआई राजकुमारी परमार जलती हुई नाव के पास बैठी दिखाई दे रही है। एक अन्य वीडियो में पुलिसकर्मी नाव से रेत हटाते हुए दिखाई दे रहे है। जबकि तीसरे वीडियो में र्टीआइ अपने स्टाफ को निर्देश देती सुनाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहे है। अवैध रेत पर कार्यवाही करना सही है। लेकिन जब्त की जाने वाली नाव को आग लगा देना किस नियम के तहत किया गया है।
जलाना कानूनन गलत
माइंस एंड मिनरल्स डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन एक्ट 1957 के तहत अवैध रेत परिवहन में उपयोग किए गए वाहन या नाव को जब्त किया जाता है। ऐसे में नाव को जलाने की कार्रवाई गलत है।ग्वालियर हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रद्युम्न प्रताप सिंह परिहार का कहना है कि अगर नाव को आग लगाई गई है तो यह कानूनन गलत माना जा सकता है। उनके अनुसार पुलिस को नाव और रेत दोनों को जब्त करना चाहिए था। नाव नष्ट होने की स्थिति में रेत तस्करी से जुड़े साक्ष्य भी प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, सबलगढ़ एसडीओपी और प्रशिक्षु आईपीएस राजकृष्णा ने कहा कि वीडियो में टीआई आग लगाते हुए नजर नहीं आ रही हैं। उनके मुताबिक संभव है कि आरोपियों ने खुद नाव में आग लगाई हो। हालांकि पुलिस की मौजूदगी में आग कैसे लगी और उसे बुझाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया, इसका जवाब थाना प्रभारी ही बेहतर तरीके से दे सकती हैं।

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बरसात के दौरान कहीं पर भी जल भराव की स्थिति न हो- प्रभारी मंत्री

ग्वालियर – प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजनों के लिये पेयजल के पुख्ता प्रबंधन किए जाएं। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में नागरिकों को पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा है‍ कि नागरिकों के साथ-साथ पशुधन को भी गर्मी के मौसम में पानी उपलब्ध हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी हैंडपंप चालू हालत में रहें, इसकी भी मॉनीटरिंग की जाए। प्रभारी मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को ग्वालियर प्रवास के दौरान मुरार सर्किट हाउस में प्रशासन, पुलिस एवं नगर निगम के अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए।
बरसात के दौरान कहीं पर भी जल भराव की स्थिति न हो। गत वर्षों में जहां भी जल भराव की स्थिति आई हो वहां पर समय रहते सभी प्रबंधन किए जाएं। एलीवेटेड रोड निर्माण के कारण स्वर्ण रेखा में जो मिट्टी जमा है उसको हटाने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में किया जाए ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए।
यातायात प्रबंधन के लिये किए जाएं विशेष प्रयास 
ग्वालियर में बेहतर यातायात के लिये सभी विभाग संयुक्त रूप से प्रयास करें, ताकि यातायात बेहतर हो सके। इसके लिये एक संयुक्त बैठक भी आयोजित की जाए। यातायात में बाधक सभी अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी सख्ती के साथ की जाए। नशा करके वाहन चलाने वालों के विरूद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही परिवहन विभाग के माध्यम से ऐसे वाहन चालकों के लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी कराई जाए। यातायात प्रबंधन के लिये पुलिस विभाग एवं नगर निगम के माध्यम से भी जो आवश्यक कार्रवाई हो, वह अवश्य की जाए।
प्रभारी मंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में इन बिंदुओं पर भी विस्तार से समीक्षा की गई –  एलीवेटेड रोड निर्माण फेस-1 व 2, आगरा ग्वालियर एक्सप्रेस-वे, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पुनर्विकास, शासकीय प्रेस का नवीनीकरण, अम्बेडकर स्मारक, सड़कों की मरम्मत, अंतर्राष्ट्रीय बस टर्मिनल,स्वच्छता अभियान, कानून व्यवस्था , प्राचीन बावड़ियों का जीर्णोद्धार, द्वारिका योजना की समीक्षा ।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से अपनी बात रखी गई।
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यातायात पुलिस चलाकर बसों के खिलाफ की गई कार्यवाही

ग्वालियर  – यातायात पुलिस द्वारा वरिष्ट पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह एवं उप पुलिस अधीक्षक यातायात  अजीत सिंह चौहान थाना यातायात गोला का मंदिर द्वारा यात्री बसों में सुरक्षा मानकों के शत् प्रतिशत सत्यापन एवं आपातकालीन निकास व्यवस्था के आभाव में कठोर दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करनें हेतु 21 से 27 मई तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है उक्त अभियान के तहत विना परमिट, विना फस्ट एड, विना अग्नि शमन यंत्र के पायी गई बसों पर प्रभावी कार्यवाही की गई।
 थाना प्रभारी यातायात गोला का मंदिर सूबेदार अभिषेक रघुवंशी द्वारा थाना क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर चैकिंग पॉइंट लगाकर भिण्ड-ग्वालियर एवं ग्वालियर- मुरैना के बीच चलने वाली बसों की प्रभावी चैकिंग कराई गई। उक्त अभियान के तहत चैकिंग के दोैरान पकडी गई बसों पर पुलिस द्वारा दिनांक 21  मई को बसों में पात्रता से अधिक सवारी, विना अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट न होने पर बसों  के
विरूद्ध चालानी कार्यवाही की गई। उक्त कार्यवाही में यातायात पुलिस गोला का मंदिर ग्वालियर द्वारा 25 बसों के चालान बनाये गये जिसमें 35,000 रूपये शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। तथा हिदायत दी गई कि बसों में उपरोक्त कमियों को तत्काल दुरूस्त करायें। बसों के विरूद्ध अभियान चलाकर उक्त कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।
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बिजली गुल होने पर आधी रात को सड़क पर उतरे लोग, 3 बजे सप्लाई बहाल होने पर खत्म किया जाम

भिण्ड. भीषण गर्मी के दौरान हो रही लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगो ने बुधवार-गुरूवार की मध्यरात्रि सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर दिया। बार-बार बिजली गुल होने, लाइन टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने से उत्तेजित शहरवासियों ने नगरपालिका के पास ग्वालियर-इटावा मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन की वजह हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लम्बी लाइनें लगगयी। यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
रात को लगभग 11 बजे से ही लोगों में बिजली गुल होने को लेकर आक्रोश बढ़ने लगा था। रात का 12 बजते-बजते वीरेन्द्र नगर और आसपास की कई कॉलोनियों की रहवासी बड़ी संख्या में घरों से बाहर आ गये। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमार्ग पर जाम लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली बन्द रहने की वजह से घरों अन्दर रहना मुश्किल हो गया है।
SDM के पहुंचने के 2 घंटे बाद आयी बिजली
रात लगभग 1 हंगामे की सूचना मिलने पर SDM अखिलेश शर्मा चक्काजाम स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि लोगों ने 2 टूक कह दिया जब तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं होगी। वह प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इसके बाद प्रशासन और बिजली कम्पनी के अधिकारियों ने तत्काल फॉल्ट सुधारने के प्रयास शुरू किये। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के पश्चात रात को 3 बजे सप्लाई बहाल की जा सकी। बिजली आने के बाद ही लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और घरों को लौटे। शहरवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में स्थाई सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आन्दोलन को और उग्र रूप दिया जायेगा।
पार्षद ने लगाए घटिया केबल और भ्रष्टाचार के आरोप
चक्काजाम की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शहर में पिछले वर्षों में बिछाई गई केबल लाइनें, ट्रांसफार्मर और इंसुलेटर बेहद घटिया गुणवत्ता के लगाए गए हैं। बिजली कंपनी में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण लाइनें जरा सा भी लोड नहीं झेल पा रही हैं और बार-बार जल रही हैं।
दीपक शर्मा, क्षेत्रीय पार्षद

 

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गर्मी की सबसे गर्म रात में 29 डिग्री और दिन में 44.3 डिग्री सेल्सियस, लू का ऑरेंज अलर्ट जारी

ग्वालियर. बुधवार की रात इस मौसम की सबसे गर्म रात दर्ज की गयी है। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड की गयी। गुरूवार की सुबह से ही तेज धूप और गर्भ हवाओं का असर बढ़ गया है। मौसम विभाग ने जिले में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। गुरूवार की सुबह 8.30 बजे ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के ऊपर निकल गया है। तेज धूप की वजह से लोगों का भारी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को शहर में दिन का ज्यादातर तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 9 बजे ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया था। मौसम विभाग के मुताबिक रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना रहा है। रात 8 बजे तक तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जिससे लोगों को राहत नहीं मिली।
शहर की सड़कों पर सन्नाटा
भीषण गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। इधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लोगों को अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव की अपील की गई है।

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भितरवार के केरूआ गांव में दिखाई दिया चीता KGP-1, कूनो की टीम कर रही मॉनिटरिंग

ग्वालियर. कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-1 का मूवमेंट इन दिनों ग्वालियर इलाके की है। वह भितरवार इलाके के देवगढ़ गांव की पहाडियों से होते हुए केरूआ गांव के खेतों तक पहुंच गया है। जहां ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो में चीते के पीछे वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम दिखाई दे रही है। KGP-1  पिछले लगभग 45 दिनों से अलग-अलग इलाकों में घूम रहा है। वह कूनो से निकलने के बाद आरोन, सिमरिया, तिघरा डैम, मुरैना के जंगलों और घाटीगांव इलाके तक पहुंच चुका है। उसके लगातार बदलते मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग और कूनो पार्क की टीम अलर्ट मोड़ पर है।
15 अप्रैल का चीते की लोकेशन तिघरा डैम के लखनपुरा जंगल इलाके मेें ट्रैक की गयी थी। उस वक्त माना गया था। वह पानी और सुरक्षित कॉरिडोर की तलाश में वहां पहुंचा है। इसके बाद 20 अप्रैल को घांटीगांव इलाके के ऊआखेड़ा गांव और आसपास के खेतों में भी उसकी मौजदूगी रिकॉर्ड की गयी। 30 अप्रैल को ग्रामीणों ने उसे खेतों के बीच आराम करते देखा था। शुरुआत में लोगों में डर और दहशत का माहौल था, लेकिन बाद में कई ग्रामीण मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। वीडियो में चीता शांत दिखाई दे रहा है और उसने किसी प्रकार की आक्रामक गतिविधि नहीं दिखाई।
ट्रैकिंग कॉलर से रख रहे लगातार नजर
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चीते KGP-1 के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगा हुआ है, जिसकी मदद से उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक KGP-1   ने किसी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है, जिससे राहत की स्थिति बनी हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि घाटीगांव और आसपास के जंगलों में पर्याप्त शिकार उपलब्ध होने के कारण चीता आबादी वाले क्षेत्रों में आक्रामक व्यवहार नहीं कर रहा। खुले जंगल, पानी के स्रोत और सुरक्षित मूवमेंट कॉरिडोर की तलाश में वह लगातार नए इलाकों में पहुंच रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों में एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाने, चीते के पास न पहुंचने और उसे घेरकर फोटो-वीडियो बनाने से बचने की सलाह दी गई है।

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