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पीएम मोदी की मंत्रियों के साथ 4 घंटे तक चली महाबैठक, मुद्दा मिडिल ईस्ट संकट सहित इन मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरूवार की शाम 5 बजे सभी मंत्रियों के साथ बड़ी बैठक की। यह बैठक लगभग 4.30 घंटे तक चली। इसमें देश की तरक्की से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी । मंत्रालयों का काम देखा गया और आगे की प्लानिंग तय की गयी। यह बैठक शाम 5 बजे सेवातीर्थ में शुरू हुई। इसमें केन्द्र सरकार के सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और बाकी राज्यमंत्री भी शामिल हुए। यह इस साल की पहली पूरी कैबिनेट बैठक थी। यह उस समय हुई जब मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के 2 वर्ष पूरे होने वाले हैं।
बैठक क्यों बुलाई
यह बैठक सरकार का एक तरह का मिड टर्म रिव्यू था। अलग-अलग मंत्रालयों ने क्या किया है। पिछले कुछ महीनों में कौन से बड़े फैसले लिये गये। उनका नतीजा क्या रहा और आगे क्या करना है। यह सब पर चर्चा की गयी है। 9 मंत्रालयों ने अपना -अपना काम बैठक में पेश किया है। सबसे पहले कॉमर्स मत्रालय ने प्रेजेंटेशन दिया और इसके बाद पेट्रोलियम, गृह मंत्रालय, वित्त और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों के काम का भी रिव्यू किया गया। मंत्रालयों से पहले ही कहा गया था कि वह अपने सुधारों को 4 हिस्सों में बांटकर बतायें। पहला, कानून में बदलाव, दूसरा -नियमों में बदलाव, तीसरा-नीति में बदलाव और चौथा-काम करने के तरीके में बदलाव। यह भी बताना था कि इन बदलावों का आम लोगों पर क्या असर पड़ा।
पीएम ने मंत्रियों से क्या कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को साफ निर्देश दिये है कि 2047 को ध्यान में रखकर काम करें। यानी भारत को 2047 तक एक विकसित देश बनाने का जो लक्ष्य है। उसे सदैव सामने रखें। उन्होंने ‘‘ईज ऑफ लिविंग’’ यानी आम लोगों की जिन्दगी को आसान बनाने पर और सुधारों पर जोर दिया है। बड़ी सरकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस रहा है कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं और मंत्रालयों के बीच तालमेल कैसा है।
पश्चिम एशिया संकट पर भी हुई बात
इस समय मिडिल ईस्ट यानि पश्चिम एशिया में जो तनाव चल रहा है, उसका असर भारत की इकोनॉमी पर भी पड़ रहा है।  बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा हुई।  प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को कहा कि ऐसे कदम उठाए जाएं जिससे इस संकट की वजह से आम नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।  खासतौर पर एनर्जी, खेती, खाद, एविएशन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर खास ध्यान दिया गया ।   पहले से ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में मंत्रियों का एक ताकतवर अनौपचारिक समूह इस मिडिल ईस्ट संकट पर नजर रख रहा है।  हालांकि राजनाथ सिंह गुरुवार की बैठक में नहीं थे क्योंकि वे साउथ कोरिया के दौरे पर हैं।  इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी जिनेवा में होने के चलते बैठक में नहीं आ सके।
विदेश मंत्री ने पीएम के 5 देशों के दौरे की जानकारी दी
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बैठक में पीएम मोदी की हाल की पांच देशों की विदेश यात्रा के बारे में सभी मंत्रियों को जानकारी दी।  इस दौरे में क्या हासिल हुआ और आगे के लिए क्या रास्ता बना, यह सब बताया गया।

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