भितरवार के केरूआ गांव में दिखाई दिया चीता KGP-1, कूनो की टीम कर रही मॉनिटरिंग
ग्वालियर. कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-1 का मूवमेंट इन दिनों ग्वालियर इलाके की है। वह भितरवार इलाके के देवगढ़ गांव की पहाडियों से होते हुए केरूआ गांव के खेतों तक पहुंच गया है। जहां ग्रामीणों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो में चीते के पीछे वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम दिखाई दे रही है। KGP-1 पिछले लगभग 45 दिनों से अलग-अलग इलाकों में घूम रहा है। वह कूनो से निकलने के बाद आरोन, सिमरिया, तिघरा डैम, मुरैना के जंगलों और घाटीगांव इलाके तक पहुंच चुका है। उसके लगातार बदलते मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग और कूनो पार्क की टीम अलर्ट मोड़ पर है।
15 अप्रैल का चीते की लोकेशन तिघरा डैम के लखनपुरा जंगल इलाके मेें ट्रैक की गयी थी। उस वक्त माना गया था। वह पानी और सुरक्षित कॉरिडोर की तलाश में वहां पहुंचा है। इसके बाद 20 अप्रैल को घांटीगांव इलाके के ऊआखेड़ा गांव और आसपास के खेतों में भी उसकी मौजदूगी रिकॉर्ड की गयी। 30 अप्रैल को ग्रामीणों ने उसे खेतों के बीच आराम करते देखा था। शुरुआत में लोगों में डर और दहशत का माहौल था, लेकिन बाद में कई ग्रामीण मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। वीडियो में चीता शांत दिखाई दे रहा है और उसने किसी प्रकार की आक्रामक गतिविधि नहीं दिखाई।
ट्रैकिंग कॉलर से रख रहे लगातार नजर
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार चीते KGP-1 के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगा हुआ है, जिसकी मदद से उसकी हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। अब तक KGP-1 ने किसी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है, जिससे राहत की स्थिति बनी हुई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि घाटीगांव और आसपास के जंगलों में पर्याप्त शिकार उपलब्ध होने के कारण चीता आबादी वाले क्षेत्रों में आक्रामक व्यवहार नहीं कर रहा। खुले जंगल, पानी के स्रोत और सुरक्षित मूवमेंट कॉरिडोर की तलाश में वह लगातार नए इलाकों में पहुंच रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने आसपास के गांवों में एडवाइजरी जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। ग्रामीणों को अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाने, चीते के पास न पहुंचने और उसे घेरकर फोटो-वीडियो बनाने से बचने की सलाह दी गई है।

