बिजली गुल होने पर आधी रात को सड़क पर उतरे लोग, 3 बजे सप्लाई बहाल होने पर खत्म किया जाम

भिण्ड. भीषण गर्मी के दौरान हो रही लगातार बिजली कटौती से परेशान लोगो ने बुधवार-गुरूवार की मध्यरात्रि सड़कों पर उतर कर चक्काजाम कर दिया। बार-बार बिजली गुल होने, लाइन टूटने और ट्रांसफार्मर खराब होने से उत्तेजित शहरवासियों ने नगरपालिका के पास ग्वालियर-इटावा मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शन की वजह हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लम्बी लाइनें लगगयी। यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।
रात को लगभग 11 बजे से ही लोगों में बिजली गुल होने को लेकर आक्रोश बढ़ने लगा था। रात का 12 बजते-बजते वीरेन्द्र नगर और आसपास की कई कॉलोनियों की रहवासी बड़ी संख्या में घरों से बाहर आ गये। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमार्ग पर जाम लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में घंटों बिजली बन्द रहने की वजह से घरों अन्दर रहना मुश्किल हो गया है।
SDM के पहुंचने के 2 घंटे बाद आयी बिजली
रात लगभग 1 हंगामे की सूचना मिलने पर SDM अखिलेश शर्मा चक्काजाम स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि लोगों ने 2 टूक कह दिया जब तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं होगी। वह प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। इसके बाद प्रशासन और बिजली कम्पनी के अधिकारियों ने तत्काल फॉल्ट सुधारने के प्रयास शुरू किये। लगभग 2 घंटे की मशक्कत के पश्चात रात को 3 बजे सप्लाई बहाल की जा सकी। बिजली आने के बाद ही लोगों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया और घरों को लौटे। शहरवासियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि बिजली व्यवस्था में स्थाई सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आन्दोलन को और उग्र रूप दिया जायेगा।
पार्षद ने लगाए घटिया केबल और भ्रष्टाचार के आरोप
चक्काजाम की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद दीपक शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शहर में पिछले वर्षों में बिछाई गई केबल लाइनें, ट्रांसफार्मर और इंसुलेटर बेहद घटिया गुणवत्ता के लगाए गए हैं। बिजली कंपनी में भारी भ्रष्टाचार हुआ है, जिसके कारण लाइनें जरा सा भी लोड नहीं झेल पा रही हैं और बार-बार जल रही हैं।
दीपक शर्मा, क्षेत्रीय पार्षद

