Author: Mahesh Jha

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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमजा बुरहान की हत्या

नई दिल्ली. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हमला बुरहान को पाकिस्तान के अज्ञात युवकों ने गोली मार कर हत्या कर दी है। सूत्रों के अनुसार हमले में इस आतंकी की मौत हो गयी है। आतंकी हमजा बुरहान को पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में गाली मारी गयी है। हमला बुरहान पिछले साल पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक शख्स था। यह शख्स पाकिस्तान में स्वयं का टीचर बताता था।पुलवामा हमला 14 फरवरी 2019 को हुआ था। जब आतंकियों ने सेना के काफिल का टारगेट किया था। इस आतंकी हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हो गये थे।

पुलवामा अटैक में 40 CRPF जवान शहीद हुए थे

ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।
ये तस्वीर पुलवामा हमले के कुछ देर बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाबलों की है। तस्वीर में दिख रही गाड़ी पर सवार होकर ही आतंकियों ने इस दर्दनाक हादसे को अंजाम दिया था।

जानकारी के मुताबिक आतंकी हमजा बुरहान को अज्ञात शख्स ने मुजफ्फराबाद में गोली मारी।  ये घटना तब हुई जब ये आतंकी अपने ऑफिस में बैठा हुआ था।  हमजा बुरहान पुलवामा हमले के साजिशकर्ताओं में शामिल था।  वह खुद को पाकिस्तान में टीचर बताता था।  2019 के बाद से कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था। वह PoK के इलाके में कई आतंकी संगठनों को ट्रेनिंग दे रहा था।  साथ ही बॉर्डर इलाके में वह आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद करता था।

पुलवामा हमला और भारत का ऑपरेशन बालाकोट
14 फरवरी 2019 को दोपहर करीब 3:15 बजे जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर एक भयानक आतंकी हमला हुआ। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी और स्थानीय कश्मीरी युवक आदिल अहमद डार ने 300-350 किलो IED से भरी SUV को CRPF के काफिले की एक बस में घुसा दिया।  इसमें 40 CRPF जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए।  यह 1989 के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर सबसे घातक हमला था।  जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ट्रेनिंग कैंप पर सर्जिकल एयर स्ट्राइक किया। इसमें बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए।

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नीट पेपर लीक होने के विरोध में कांग्रेस और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की, वाटर कैनन चलाई गयी, प्रदेशाध्यक्ष को कंधों पर बैठाया

जयपुर. नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की चल रही है। दरअसल, कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने भाजपा मुख्यालय की तरफ कूच किया है। पुलिस ने पानी की बौछार बैरिकेड्स पर चढ़ रहे औरे आगे बढ़ रहे कांग्रेसी कार्यकर्त्ताओं को रोका है। इस बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा को कार्यकर्त्ताओं ने कंधे पर बैठा लिया।
विधायक मनीष यादव बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह की अगुआई में कांग्रेस नेता और कार्यकर्त्ता प्रदेश मुख्यालय से पैदल मार्च कर शहीद स्मारक होते हुए भाजपा मुख्यालय तक पहुंचेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान को देना चाहिए इस्तीफा-डोटासरा
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- पिछले तीन साल से नीट पेपर लीक हो रहा है। नीट करवाने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर लोगों का विश्वास नहीं रहा है, इसलिए इस संस्था को भंग कर देना चाहिए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। डोटासरा ने कहा- केंद्र सरकार नीट पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। 22 लाख बच्चों का भविष्य खराब करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है। मामले में सरकार ने CBI को जांच दी है, लेकिन इसकी जांच कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

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डिप्लोमैसी इतनी चॉकलेटी कैसे बनी, मेलोडी ने बताया

नई दिल्ली. 2 ग्लोबल लीडर्स, एक भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और दूसरी इटली की फायरब्रांड पीएम जॉर्जिया मेलोनी। बैठक में सीरियस टॉक्स चल रहे हैं। ट्रेड, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एआई। फिर उन्ही बातों को ज्वॉइंट प्रेस कॉफ्रेंस में आकर दोहराया जाये। कुछ डिप्लोमैटिक सर्कल्स में बैठे लोगों और फॉरेन पॉलिसी कवर करने वाले मीडिया की ही उसमें रूचि हो सकती है।
लेकिन इन सब रस्मो-रिवाज को परे रखकर अचानक मोदी 50 रूपये का मेलोडी चॉकलेट पैकेट निकालकर मेलौनी को गिफ्ट कर देते हैं। मेलोनी मुस्कुराते हुए कहती है प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गिफ्ट दिया… बहुत अच्छी टॉफी मेलोडी और यह वीडियो पोस्ट सोशल मीडिया पर सनसनी बन जाती है।
मोदी-मेलोनी मास्टरक्लास
आज का टाइम है जहां लीडर्स सिर्फ पॉलिसी नहीं, पर्सनालिटी का भी ट्रांजेक्शन करते है। मोदी जी दशकों से कर रहे है।  चाय पर चर्चा, मन की बात, सोशल मीडिया. मेलोनी भी उसी क्लास में. अगली बार जब कोई कहे कि ‘पॉलिटिक्स बोरिंग है।’, #मेलोडी मोमेंट याद दिला दो. ₹50 का चॉकलेट पैकेट इंटरनेशनल हेडलाइंस बना सकता है. डिप्लोमेसी कभी इतनी स्वीट नहीं थी।
मेलोडी मीम्स में रोमांटिक फिल्टर्स, बॉलीवुड डायलॉग, ‘इंगेजमेंट फार्मिंग’ जोक्स। एक तरफ बोला गया ‘डिप्लोमेसी स्वीट हो गई’, दूसरी तरफ ‘मोदी जी पारले प्रमोट कर रहे’। पारले बिक भी जाता तो मोदी और मेलोनी जैसे इन्फ्लुएंसर को अपने ब्रांड प्रमोशन के लिए हासिल नहीं कर पाता। असली बात ये है कि दोनों समझते हैं कि पर्सनल केमिस्ट्री से दो देशों के बीच ब्रिज बनता है।  फॉर्मल टॉक्स जरूरी हैं, लेकिन ह्यूमन टच रिलेशन को लॉन्ग-लास्टिंग बनाता है। चॉकलेट गिफ्ट सिर्फ मीम के लिए नहीं है, ये सिग्नल भी था। ‘हम फॉर्मल भी हैं, कैजुअल भी, और भारत-इटली की दोस्ती स्वीट है।’.

 

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अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रक के ड्राइवर और हेल्परों तक कार्यवाही सीमित नहीं रखे, बड़ी मछलियों को भी पकड़ो

भोपाल. राष्ट्रीय चम्बल घडि़याल अभ्यारण में अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मप्र सरकार को सख्त संकेत दिये है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कार्यवाही सिर्फ ट्रकों के चालकों और हेल्परों तक सीमित नहीं रहनी चाहिये। बल्कि अवैध खनन में शामिल बड़ी मछलियों तक पहुंचना आवश्यक है।
दरअसल, अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है। बुधवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एमपी, राजस्थान और यूपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों के पालन पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखने के लिये कहा है कि 26 मई को विस्तृत आदेश जारी किया जायेगा। मप्र सरकार की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि जंगल इलाके में बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों की निगरानी बढ़ाई है। कई वाहनों के चालान काटे गये हैं। अवैध खनन रोकने के लिये कार्यवाही की जा रही है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ ड्रायवरों और हेल्परों पर कार्यवाही पर्याप्त नहीं है। बल्कि अवैध खनन में शामिल बड़ेे नेटवर्क और मुख्य आरोपियों तक पहुंचना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि तनों राज्यों ने जीपीएस सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने का रोडमैप पेश किया है। अमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट निखिल गोयल ने कहा है कि राज्यों ने अनुपालन रिपोर्ट दाखिल कर दी है। लेकिन निगरानी और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिये कुछ और वक्त चाहिये।
राजस्थान सरकार पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले राजस्थान में वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भारी कमी पर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि प्रशिक्षित वनकर्मियों की जगह होमगार्ड से काम लिया जा रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उसे जानकारी मिली है कि होमगार्ड वन विभाग की गाड़ियां तक चला रहे हैं।राजस्थान सरकार ने कोर्ट को बताया कि अवैध रेत खनन में इस्तेमाल होने वाले 40 संवेदनशील रास्तों की पहचान कर ली गई है। वहां हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाने के लिए फंड मंजूर हो चुका है। राज्य सरकार के मुताबिक यह काम एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। कैमरों की लाइव फीड ‘अभय कमांड कंट्रोल सेंटर’ से जोड़ी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फॉरेस्ट गार्ड भर्ती प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के निर्देश भी दिए।
मुरैना बॉर्डर पर पुल को लेकर NHAI से भी सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी पक्षकार बनाया है। कोर्ट ने NHAI से मुरैना-धौलपुर बॉर्डर के पास बने पुल की सुरक्षा पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, क्योंकि उसके आसपास लगातार अवैध खनन हो रहा है।

 

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विदेश यात्रा से लौटते ही आज पीएम मोदी की महत्वपूर्ण बैठक, सभी मंत्रियों को दिल्ली में ही रूकने का निर्देश

नई दिल्ली विदेश यात्रा से लौटते ही पीएम नरेन्द्र मोदी एक बार फिर बड़े एक्शन मोड में नजर आने वाले है। गुरूवार की शाम 4 बजे दिल्ली के सेवा तीर्थ में केन्द्रीय मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गयी है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि इसमें सभी केन्द्रीय मंत्रियों का दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश है। यानी साफ है कि सरकार इस बैठक का किसी सामान्य बैठक की तरह नहीं देख रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जैसे ही अपनी विदेश यात्रा से वतन वापिस लौटेंगे। वह सीधे इस हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में कैबिनेट के तमाम बड़े चेहरों से लेकर सभी जूनियर मंत्री भी शामिल होने वाले है। अचानक मंत्रियों का दिल्ली में ही रूकने के लिये कहा गया है। उसने इस बैठक को लेकर सस्पेंस काफी बढ़ा दिया है। इस समय देश और दुनिया के हालात को देखते हुए सरकार के अन्दर कई बड़े मुद्दों पर मंथन चल रहा है। जिसके चलते यह बड़ा कदम उठाया गया है।
इस बैठक में देश से जुड़े अहम राजनीतिक और अंर्तराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। जिनका असर आम लोगों की जिन्दगी और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और पीएम देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति से जुड़े अहम पहलुओं पर मंत्रियों के सामने विस्तृत जानकारी रख सकते हैं। इस बैठक के समय को लेकर भी कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। क्योंकि इस वक्त दुनिया के एक बड़े हिस्से में तनाव का माहौल बना हुआ है।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के विदेश दौरे पर जाने के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में एक हाई-पावर ग्रुप बनाया गया था, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. यह ग्रुप चौबीसों घंटे हालात पर नजर रख रहा है।  राजनाथ सिंह ने हाल ही में भरोसा भी दिया था कि हमारे पास कच्चे तेल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं  है।

 

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पश्चिम बंगाल से घुसपैटियों का डिपोर्ट करने वाली प्रक्रिया शुरू, शुभेंदु सरकार ने किया लागू CAA

कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार से राज्य में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act- CAA) लागू करने का फैसला किया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने इसके साथ ही CAA के तहत अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ तत्काल डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदू ने कहा है कि पिछली सरकार ने CAA  का विरोध किया था। हमने आज बुधवार 20 मई से इस कानून का लागू कर दिया है। CAA  के मुताबिक 6 समुदायों या धर्मो के लोगों को नागरिकता मिलेगी। जो लोग इसके दायरे में नहीं आयेंगे। उन्हें राज्य की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जायेगा। उन्हें BSF के हवाले कर दिया जायेगा। BSF उन्हें वापिस भेजने की व्यवस्था करेगी। CM  ने कहा है कि पता लगाओ, हटाओ, वापिस भेजो यानी कि Detect, Delete, Deportation  फ्रेमवर्क का हिस्सा है।

 

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बंगाल में कुर्बानी के लिये गाय पालने वाले पछता रहे, शुभेंदु सरकार ने की सख्ती

हावड़ा. पश्चिम बंगाल में पशु-वध कानून का सख्ती से लागू किया जाने के बाद सांकराइल इलाके खटाल संचालकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। नयी सरकार क शपथग्रहण के तत्काल बाद वर्ष 1950 के पशु वधन कानून का सख्ती से लागू किये जाने से उन लोगों की परेशानी बढ़ गयी है जो वर्षो से गाय और भैंसों का पालन कर अपने व्यवसाय का संचालन करते रहे है। खटाल मालिकों ने बताया है कि कानून के अचानक सख्ती से लागू होने के कारण वह इसके लिये पहले से तैयार नहीं थे और अब उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सांकराइल ब्लॉक के यदुनाथ हाथी महाश्मशान इलाके आसपास लम्बे समय से कई खटाल संचालित किये जा रहे थे। यहां के संचालकों के अनुसार हर साल बकरीद से पहले ऐसे पशुओं को बेचा जाता था। जो दूध देना बन्द कर चुके होते थे या जिनकी प्रजनन क्षमता समाप्त हो चुकी होती थी। इन पशुओं की बिक्री से मिलने वाली रकम से नये पशु खरीदे जाते थे और इसी चक्र से उनका व्यवसाय चलता था।
भविष्य की संभावित समस्या और उम्मीदें
खटाल मालिकों का कहना है कि यदि सरकार इन पशुओं के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करती और वे आर्थिक बोझ के कारण पशुओं को सड़क पर छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं, तो इससे नई समस्या पैदा हो सकती है. उनका मानना है कि इस स्थिति से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या बढ़ सकती है।
इसी कारण उन्होंने सरकार से विशेष व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और पशुओं के लिए भी उचित समाधान निकाला जा सके है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के फैसले पर टिकी हुई है कि सरकार खटाल मालिकों की इस अपील पर क्या कदम उठाती है।

 

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खेड़ापति बावड़ी में चला जल गंगा संवर्धन अभियान बावड़ी को किया स्वच्छ

ग्वालियर – जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आज खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास स्थित प्राचीन बावड़ी को साफ किया गया। इस अभियान में नगर निगम के साथ आमजनों ने सहयोग किया। जिसके चलते बावड़ी में से कई टन कचरे को साफ किया गया।
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शहर में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नगर निगम द्वारा शहर के कुओं बावड़ियों को साफ करने का अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पार्षद विवेक सोनू त्रिपाटी, जीडीए उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, नोडल अधिकारी सीवर शिशिर श्रीवास्तव सहित आमजनों ने बावडी की सफाई कर स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।
बावडी से निकले कचरे को तत्काल किया साफ
नगर निगम द्वारा चलाए गए सफाई अभियान के दौरान कई टन कचरा बावड़ी से निकला। इसके साथ ही बावड़ी की सीढ़ियों पर सालों से जमा मिट्टी को हटाया गया। पहले इस कचरे को एक ओर एकत्रित करने के बाद अभियान की समाप्ति पर ट्रैक्टर ट्रॉली एवं डंपर से कचरे को साफ कराया गया, जिससे मौके पर गंदगी एकत्रित नहीं हो पाई।

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PWD कार्यालय का सामान कुर्क, पूर्व कर्मचारी का एरियर, वेतन का भुगतान नहीं करने फरवरी में भी हुई थी कुर्की

बुधवार को कोर्ट की टीम ने कुर्की की। - Dainik Bhaskar

गुना. लोक निर्माण विभाग द्वारा एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के लगभग 36 लाख रूपये के एरियर का भुगतान नहीं करने पर बुधवार को जिला न्यायालय के आदेश पर पुनः कुर्की की कार्यवाही की गयी है। पीडब्ल्यूडी ने 25फरवरी को हुई पिछली कार्यवाही के बीच जिला न्यायालय से लिखित में 2 माह का समय मांगा था। तय समय सीमा निकलने के बाद भी एरियर का पेमेंट नहीं होने पर जिला न्यायालय की टीम को फिर से यह कदम उठाना पड़ा।
पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी कौशलकिशोर राठौर को विभाग ने लम्बे वक्त तक उनके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने अदालत में याचिका दायर की थी। इस मामले में निचली न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सभी जगह फैसला कर्मचारी के पक्ष में आया था। अदालतों ने विभाग को बकाया वेतन और एरियर भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश दिये थे।


2014 से रिटायरमेंट तक की राशि है लंबित
विभाग ने न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया था, लेकिन 2014 से लेकर सेवानिवृत्ति तक की करीब 36 लाख रुपए की राशि रोक ली गई। लगातार आदेशों के बावजूद जब भुगतान नहीं हुआ, तो फरियादी ने अवमानना और इजरा याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने वसूली और कुर्की के आदेश जारी किए।
फरियादी कौशल किशोर राठौर ने बताया कि, “फरवरी में हुई कार्रवाई के दौरान विभाग ने कोर्ट में लिखित में देकर दो महीने में पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।” इसी लापरवाही के चलते कोर्ट की टीम को दोबारा कुर्की की कार्रवाई करनी पड़ी है।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 31 दिसंबर 2026 तक कुर्की के माध्यम से राशि वसूलकर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। बुधवार को कोर्ट की टीम ने विभागीय संपत्तियों का आकलन किया और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं होता है, तो विभाग की अन्य संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

 

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विकास प्राधिकरण और जनप्रतिनिधिगण समन्वय बनाकर ग्वालियर के विकास की योजना करें तैयार -राज्य वित्तआयोग

ग्वालियर – स्थानीय निकायों के नियोजित एवं सर्वांगीण विकास के लिए समेकित कार्य योजना जरूरी है। ग्वालियर निवासी होने के नाते हम सभी का दायित्व है कि संबंधित विभाग, विकास प्राधिकरण और जनप्रतिनिधिगण आपसी समन्वय बनाकर ग्वालियर के समवेत विकास की योजना तैयार करें। यह बात राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभानसिंह पवैया ने बुधवार को व्हीआईपी सर्किट हाउस, मुरार में आयोजित बैठक में कही। बैठक में राज्य वित्त आयोग द्वारा ग्वालियर जिले की पंचायतों, नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकायों के विकास से संबंधित विषयों पर जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।
राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि स्थानीय निकायों में वित्तीय संसाधनों के सदुपयोग एवं विकास कार्यों में गुणवत्ता के लिए मजबूत व पारदर्शी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। उन्होंने निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही ग्वालियर शहर और उसके आसपास पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए आसान पहुंच वाले पर्यटन स्थलों का चयन करने की आवश्यकता बताई। सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करने पर भी बल दिया। नगर निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शहर के आसपास के गांवों में सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां विकसित करने का सुझाव भी उन्होंने दिया। बैठक में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की वित्तीय स्थिति, पारदर्शिता, विकास कार्यों की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था और आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जनप्रतिनिधियों ने दिए अहम सुझाव
बैठक में मौजूद वरिष्ठ जनप्रतिनिधिगणों ने ग्वालियर में रिंग रोड एवं रोपवे निर्माण में तेजी लाने, घर में पार्किंग होने के बावजूद सड़कों पर वाहन खड़े करने वालों से शुल्क वसूलने, शहर की साफ-सफाई के लिए स्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति करने तथा पॉलीथिन के उपयोग को हतोत्साहित करने जैसे सुझाव दिए। इसके अलावा समाप्त किए जा चुके करों की भरपाई शासन से निकायों को किए जाने की मांग भी रखी ।
संभागीय आयुक्त व कलेक्टर ने किया आत्मीय स्वागत
उल्लेखनीय है कि नवगठित छठवां राज्य वित्त आयोग अध्यक्षता में ग्वालियर एवं चंबल संभाग के दौरे पर है। इसी क्रम में यह बैठक आयोजित की गई। सर्किट हाउस आगमन पर संभागीय आयुक्त मनोज खत्री एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

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