PWD कार्यालय का सामान कुर्क, पूर्व कर्मचारी का एरियर, वेतन का भुगतान नहीं करने फरवरी में भी हुई थी कुर्की

गुना. लोक निर्माण विभाग द्वारा एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के लगभग 36 लाख रूपये के एरियर का भुगतान नहीं करने पर बुधवार को जिला न्यायालय के आदेश पर पुनः कुर्की की कार्यवाही की गयी है। पीडब्ल्यूडी ने 25फरवरी को हुई पिछली कार्यवाही के बीच जिला न्यायालय से लिखित में 2 माह का समय मांगा था। तय समय सीमा निकलने के बाद भी एरियर का पेमेंट नहीं होने पर जिला न्यायालय की टीम को फिर से यह कदम उठाना पड़ा।
पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी कौशलकिशोर राठौर को विभाग ने लम्बे वक्त तक उनके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया गया था। इसके खिलाफ उन्होंने अदालत में याचिका दायर की थी। इस मामले में निचली न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक सभी जगह फैसला कर्मचारी के पक्ष में आया था। अदालतों ने विभाग को बकाया वेतन और एरियर भुगतान करने के स्पष्ट निर्देश दिये थे।

2014 से रिटायरमेंट तक की राशि है लंबित
विभाग ने न्यायालय के आदेश पर वर्ष 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया था, लेकिन 2014 से लेकर सेवानिवृत्ति तक की करीब 36 लाख रुपए की राशि रोक ली गई। लगातार आदेशों के बावजूद जब भुगतान नहीं हुआ, तो फरियादी ने अवमानना और इजरा याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने वसूली और कुर्की के आदेश जारी किए।
फरियादी कौशल किशोर राठौर ने बताया कि, “फरवरी में हुई कार्रवाई के दौरान विभाग ने कोर्ट में लिखित में देकर दो महीने में पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया था। लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।” इसी लापरवाही के चलते कोर्ट की टीम को दोबारा कुर्की की कार्रवाई करनी पड़ी है।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 31 दिसंबर 2026 तक कुर्की के माध्यम से राशि वसूलकर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। बुधवार को कोर्ट की टीम ने विभागीय संपत्तियों का आकलन किया और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं होता है, तो विभाग की अन्य संपत्तियों पर भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

