डिप्लोमैसी इतनी चॉकलेटी कैसे बनी, मेलोडी ने बताया
नई दिल्ली. 2 ग्लोबल लीडर्स, एक भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी और दूसरी इटली की फायरब्रांड पीएम जॉर्जिया मेलोनी। बैठक में सीरियस टॉक्स चल रहे हैं। ट्रेड, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एआई। फिर उन्ही बातों को ज्वॉइंट प्रेस कॉफ्रेंस में आकर दोहराया जाये। कुछ डिप्लोमैटिक सर्कल्स में बैठे लोगों और फॉरेन पॉलिसी कवर करने वाले मीडिया की ही उसमें रूचि हो सकती है।
लेकिन इन सब रस्मो-रिवाज को परे रखकर अचानक मोदी 50 रूपये का मेलोडी चॉकलेट पैकेट निकालकर मेलौनी को गिफ्ट कर देते हैं। मेलोनी मुस्कुराते हुए कहती है प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गिफ्ट दिया… बहुत अच्छी टॉफी मेलोडी और यह वीडियो पोस्ट सोशल मीडिया पर सनसनी बन जाती है।
मोदी-मेलोनी मास्टरक्लास
आज का टाइम है जहां लीडर्स सिर्फ पॉलिसी नहीं, पर्सनालिटी का भी ट्रांजेक्शन करते है। मोदी जी दशकों से कर रहे है। चाय पर चर्चा, मन की बात, सोशल मीडिया. मेलोनी भी उसी क्लास में. अगली बार जब कोई कहे कि ‘पॉलिटिक्स बोरिंग है।’, #मेलोडी मोमेंट याद दिला दो. ₹50 का चॉकलेट पैकेट इंटरनेशनल हेडलाइंस बना सकता है. डिप्लोमेसी कभी इतनी स्वीट नहीं थी।
मेलोडी मीम्स में रोमांटिक फिल्टर्स, बॉलीवुड डायलॉग, ‘इंगेजमेंट फार्मिंग’ जोक्स। एक तरफ बोला गया ‘डिप्लोमेसी स्वीट हो गई’, दूसरी तरफ ‘मोदी जी पारले प्रमोट कर रहे’। पारले बिक भी जाता तो मोदी और मेलोनी जैसे इन्फ्लुएंसर को अपने ब्रांड प्रमोशन के लिए हासिल नहीं कर पाता। असली बात ये है कि दोनों समझते हैं कि पर्सनल केमिस्ट्री से दो देशों के बीच ब्रिज बनता है। फॉर्मल टॉक्स जरूरी हैं, लेकिन ह्यूमन टच रिलेशन को लॉन्ग-लास्टिंग बनाता है। चॉकलेट गिफ्ट सिर्फ मीम के लिए नहीं है, ये सिग्नल भी था। ‘हम फॉर्मल भी हैं, कैजुअल भी, और भारत-इटली की दोस्ती स्वीट है।’.

