Author: Mahesh Jha

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एक सप्ताह बढ़ सकती है तबादलों की अवधि

भोपाल. मानसून के पहले प्रशसनिक जमावट के लिए सरकार ने तबादलों से प्रतिबंध हटाकर 15 जून तक व्यवस्था बनाने के लिए नीति जारी की थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिए थे कि वे निर्धारित अवधि में यह कार्य पूर्ण कर लें लेकिन अधिकतर विभागों में तैयारी ही चल रह है जबकि सोमवार को इसकी अंतिम तिथि है। ऐसे में संभावना है कि मंगलवार को तबादला अवधि एक सप्ताह के लिए फिर बढा दी जाए। मंत्रियों, विधायकों सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार तबादले पर लगा प्रतिबंध शिथिल करने की मांग की जा रही थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने तबादला नीति जारी कर 15 जून तक जिला और राज्य स्तर पर तबादले करने की छूट दी। जिले के भीतर तबादले के अधिकार प्रभारी मंत्रियों को दिए गए तो प्रथम श्रेणी के अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए मुख्यमंत्री समन्वय से अनुमोदन की अनिवार्यता की गई।
पुलिस कर्मियों के लिए अलग नीति
अधिकतर विभागों ने अभी तक तबादला आदेश जारी नहीं किए है। शिक्षक, पटवारी और पुलिस कर्मियों के लिए अलग नीति है। स्कूल शिक्षा विभाग में तैयार चल रही है तो राजस्व विभाग ने तबादला अवधि समाप्त होने से तीन दिन पहले पटवारियों के लिए नीति जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया कि किसी पटवारी को गृह तहसील नहीं मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी में बडे तबादले
उधर लोक निर्माण विभाग ने प्रभारी मुख अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, अनुविभागीय अधिकारियों के तबादले कर दिए। सडक विकास निगम में केपीएस राण को प्रमुख अभियंता बनाने के बाद वहां से प्रभारी मुख्य अभियंता गोपाल सिंह की सेवाएं विभाग ने प्रतिनियुक्ति से वापस लेकर प्रमुख अभियंता कार्यालय में पदस्थ की है।

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पुलिस-पटवारी समेत इन विभागों की लिस्ट तैयार, 15 जून से होंगे तबादले

भोपाल. कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए सरकार द्वारा हटाए गए बैन के बाद प्रमुख जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने स्तर पर लिस्टें बनवाने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री के समक्ष जमा करा दी है। ऐसे में शिक्षा विभाग को छोडकर बाकी विभागों की सूचियां आज से जारी होना शुरू हो सकती है जबकि शिक्षा विभाग की लिस्टें 28 जून के आसपास निकलने का अनुमान है।
प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के ट्रांसफर किए जाने है
जानकारी के अनुासर मप्र शासन द्वारा हर साल की तरह इस बार भी जून में 15 जून तक ट्रांसफरों से बैन हटाया गया है। जिसके तहत इस अवधि में स्वैच्छिक से लेकर प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के ट्रांसफर किए जाने है। जो कर्मचारी पसंदीदा स्थानों पर जाना चाहते है उन्हें भी बैन हटने का बेसब्री से इंतजार था जबकि जिन्हें बेवजह यहां से वहां करने की आशंका है उन्हें डर सता रहा है।
जैसे ही ट्रांसफरों से बैन हटा तो पसंदीदा स्थानों पर पदस्थ होने के लिए बाट जोह रहे अधिकारी-कर्मचारियों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधते हुए अपने-अपने नाम प्रशासनिक लिस्टों में दिलवाने का प्रयास किया है। जबकि कई ऐसे अधिकारी-कर्मचारी है जिन्हें जनप्रतिनिधि इधर से उधर करेंगे वह बचने के लिए संपर्क साधे हुए है। उन सभी की लिस्टें तैयार होने के बाद जिले के प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप के समक्ष जमा करा दी गई है। अब विभागवार लिस्टें निकलने की शुरूआत होगी। शिक्षा विभाग में प्रशासनिक व स्वैच्छिक लिस्टें एक साथ निकाली जाएंगी। इसलिए स्वैच्छिक वालों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की है। 28 तक पूरी होने पर एक साथ आदेश निकाले जाएंगे।

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संविदा कर्मियों को नियमित, संविलयन करें, आउट सोर्स कार्मिकों को 50% आरक्षण दे- राकेश डी पी पाठक

ग्वालियर -मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन इंटक के मध्य क्षेत्र प्रभारी एवं जोनल सचिव आरके कौशिक ने बताया कि बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी बिजली कंपनियों में 50 हजार से ज्यादा पदो पर नई भर्ती की स्वीकृति प्रदान करने हेतु फेडरेशन के महामंत्री राकेश डीपी पाठक ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री का स्वागत, अभिनंदन एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय निश्चित रूप से बिजली कंपनियों के लिए नये जीवन दान जैसा है। ऊर्जा मंत्री से अनुरोध किया कि लम्बे समय से ये परिवार और कर्मचारी अपनी नियमित नियुक्ति के लिए इंतजार कर रहे है।
2000 से 2012 के बीच मध्यप्रदेश राज्य विधुत मंडल में, बिजली कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की असामयिक निधन के बाबजूद अभी तक उनके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति नहीं दी गई है। ऐसे सभी मृतक कर्मचारी आश्रित परिवार को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान बिना शर्त नियमित पद पर दी जाएं। सभी संविदा कर्मियों को नियमित, संविलयन किया जाएं। आउट सोर्स कर्मचारियों को नई भर्ती में 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएं। बैठक में नियमित कर्मचारियों की, कंपनी कैडर कार्मिकों और पेंशनर्स की समस्यायों के समाधान हेतु सभी की सहमति से मांगें निर्धारित की गई।
विद्युत कंपनीयों में वर्ष 2009 से वर्ष 2018 के पूर्व तक नियुक्त कर्मचारियों परीक्षण सहायक , संयन्त्र सहायक व कार्यालय सहायक श्रेणी -03 की वेतन विसंगती दूर की जावे, जिसमें सातवें वेतन आयोग के ग्रेड पे 1900 के स्थान पर 2500 ग्रेड पे अथवा मूल वेतन 20200 की जगह 25300 करते हुऐ वर्तमान में 03 वेतन
वृद्धि प्रदान कर, उक्त वेतन विसंगति दूर की जायें।
उत्तरवर्ती कंपनियों में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी, संविदा कर्मचारियों को वन टाईम गृह जिला स्थानांतरण हेतु नीति लागू करते हुऐ उनके गृह जिला में स्थानांतरण किया जावें।
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में 1991 वर्ष के कर्मचारियों द्वारा उच्चतम न्यायालय में वेतन विसंगती से संबद्ध याचिका लगाई गई थी ।
तकनीकी, कुशल काम के लिए पूर्ण शिक्षित और प्रशिक्षित व्यक्ति को ही आउट सोर्स के माध्यम से नौकरी में रखा जाएं। इससे दुघर्टना कम होगी व इन कर्मचारियों का शोषण नहीं होगा। कंपनी में कार्यरत संविदा/नियमित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं पेंशनर्स को बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट पूर्व की भांति देने की कृपा करें।

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आग की अफवाह यात्री पातालकोट की चपेट में 3 महिलायें 1 बच्चे की घटनास्थल पर हुई मौत

आग की अफवाह के बाद ट्रैक पर उतरे यात्री हादसे का शिकार (Photo: ITG)मुरैना. एमपी के मुरैना में ट्रेन से कटने से 4 यात्रियों की मौत हो गयी है। आग लगने की अफवाह के बाद उदयपुर इंटरीसिटी एक्सप्रेस से नीचे उतर रहे 4 यात्रियों दूसरी ट्रेन की चपेट आने की वजह से कट गये। मृतकों में 3 महिलायें और एक बच्चा शामिल है।
ग्वालियर की तरफ से मुरैना जा रही उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में किसी वजह से आग लगने की अफवाह फैल गयी। इसी बीच पास के ट्रैक पर धौलपुर की तरफ से पातालकोट एक्सप्रेस गुजर रही थी, ट्रेन से उतरे यात्रियों को दूसरी लाइन पर तेज रफ्तार से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस का अंदाजा नहीं था 3 महिलायें और एक बच्चा ट्रेन की चपेट में आ गये और घटनास्थल पर उनकी मौत हो गयी।
मृतकों के नाम
▪️ आफरीन (35 वर्ष)
▪️ अशद (4 वर्ष)
▪️ सकुंतला (60 वर्ष)
▪️ वीरमा देवी (58 वर्ष)
मोबाइल ब्लास्ट की सूचना के बाद घबराए यात्री
बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा के अनुसार, कोच में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही यात्री घबराकर नीचे उतर गए और ट्रैक की ओर भागने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही RPF, GRP और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों की तलाश और राहत कार्य शुरू किया गया। रेलवे ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और प्रारंभिक कारणों की पुष्टि की जा रही है।
ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री ने क्या बताया?
ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री ने बताया, “अचानक किसी ने चेन खींच दी और चिल्लाने लगा कि आग लग गई है, आग लग गई है. इसके बाद लोग तुरंत ट्रेन से उतरने लगे. जब यात्री दूसरी तरफ पटरी पार कर रहे थे, तभी उधर से पातालकोट एक्सप्रेस आ रही थी. इसी दौरान कुछ लोग उसकी चपेट में आ गए और हादसा हो गया. एक पूरा परिवार भी इसमें फंस गया. परिवार में पति-पत्नी और उनके दो बच्चे थे.”

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यूएस-ईरान के शांति समझौते के बाद खुलेगा होर्मुज, ईरान को मिलेंगे 25 अरब डॉलर

नई दिल्ली. अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील को लेकर महीनों चल रही खींचतान अब खत्म होने वाली है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते (पीस डील) का एक ड्राफ्ट सामने आया है। जिसमें परमाणु कार्यक्रम से लेकर तेल व्यापार, होर्मुज स्ट्रेट और अरबों डॉलर फ्रीज किये हुए तक कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है।
एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने बताया है कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान ने यह वादा किया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनायेगा और न ही किसी अन्य तरीके से उन्हें हासिल करने का प्रयास करेगा। यह अमेरिका की सबसे बड़ी मांगों में से एक रही हैं। ड्राफ्ट के अनुसार ईरान के पास मौजूद उच्चस्तर पर सवंर्धित (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम का संवर्धन स्तर भी कम किया जायेगा। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी। इस पर अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है। दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के अंदर इसकी तकनीकी रूपरेखा तय करेगी।
पीस डील होने के बाद ईरान को फ्रीज्ड 25 अरब डॉलर मिलेंगे
इस समझौते का सबसे बड़ा आर्कषण ईरान के फ्रीज्ड फंड को लेकर ईरानी अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका लगभग 25 अरब डॉलर फ्रीज किये गये फंड को जारी करने पर सहमत हो गया है। इसमें डायरेक्ट कैश ट्रांसफर, क्षेत्रीय देशों के सहयोग और वित्तीय क्रेडिट लाइन जैसी व्यवस्थायें शामिल हो सकती है। इसके अलावा अमेरिका कुछ वक्त के लिये ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में भी छूट देगा। इससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा तेल बेच सकेगा। तेल से होने कमाई अपने पास रख सकेगा।

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22 सांसद है हमारे साथ, TMC की बागी सांसद काकोली घोष का दावा, अलग गुट के लिये स्पीकर से करेंगे मांग

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 से अधिक सांसद पार्टी छोड़ने के लिये तैयार है। यह सांसद अब स्वयं को एक अलग गुट बनाना चाहते है। एनडीए (बीजेपी) का साथ देने की बात कह रहे हैं। सोमवार को यह सब लोकसभा स्पीकर से मिलने जा रहे है। टीएमसी यानी ममता बनर्जी की पार्टी इस समय बड़ा घमासान चल रहा है। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ती जा रही है। टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार जो इस बागी गुट की लीडर बन गयी है। उन्होंने कहा है कि उनके साथ अब 22 सांसद हैं इससे पहले उन्होंने 20 का दावा किया था अब 2 नये सांसद और जुड़े है। लेकिन उनके नाम अभी नहीं बताये गये है। काकोली घोष ने कहा है कि जब वह लोग औपचारिक रूप से शामिल होंगे। तभी नये नाम सामने आयेंगे।
क्यों स्पीकार से मुलाकात
सेमवार को यह सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले है। मांग यह है कि उन्हें एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता दी जाये। यानी कि वह टीएमसी से अलग एक नया पार्लियामेंट्री ब्लॉक बनाना चाहते है। काकोली ने स्वयं कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहीं।
19 सांसदों के दस्तखत वाला दस्तावेज
शुक्रवार को एक कागज सामने आया जिस पर 19 TMC सांसदों के दस्तखत हैं।  इन नामों में काकोली घोष दस्तीदार, सताब्दी रॉय, बापी हल्दर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी यानी देव, जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं।   इस बागी गुट ने यह भी कहा है कि वो केंद्र में BJP की अगुवाई वाली NDA सरकार को समर्थन देंगे । यानी यह सिर्फ पार्टी से अलग होना नहीं है, बल्कि सीधे विरोधी खेमे में जाने की तैयारी है।

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तिघरा डैम में डूबे 2 छात्र जिसमें एक शव रात को दूसरे 19 घंटे बाद मिला शव

रविवार सुबह गोपाल के परिजन ग्वालियर पहुंचे।
ग्वालियर. गजराराजा मेडीकल कॉलेज के एमबीबीएस सेकेंड ईयर के 2 स्टूडे़ट्स शनिवार की शाम तिघरा डैम में पिकनिक मनाने के दौरान पैर फिसलने से डूब गये थे। जहां लगभग 40-50 फीट गहरे पानी में समा गये थें प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिये है। जिसमें एक शव रात को लगभग 11 बजे दूसरे शव सुबह गांव वालों ने खोज निकाला।
यह सभी बोट क्लब से लगभग 3 किमी दूर ‘कच्ची पार’’ इलाके में चले गये गये थे। जहां पर आम लोगों आवाजाही पर प्रतिबंध लगा हुआ है। शाम का लगभग 7 बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया से संतुलन बिगड़ने की वजह से वह सीधे गहराई में चले गये।
परिवार का लाड़ला था गोपाल
मृतक छात्रों में से एक गोपाल अग्रवाल (बीना, सागर) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके जीजा प्रदीप अग्रवाल ने बताया- गोपाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा और सबका लाड़ला था। वह पढ़ाई में होशियार था। साल 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने ग्वालियर आया था।
पिता कोई खास काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष ही उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अकसर कहता था कि डॉक्टर बनकर वह भाई का सहारा बनेगा, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया। दूसरे मृतक छात्र आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले थे। दोनों ही छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे शव लेने ग्वालियर पहुंच चुके हैं।
यह मेडिकल कॉलेज के लिए बहुत बड़ी क्षति है-डीन
इस हादसे के बाद गजराराजा मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर है। कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा- यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है। हमारे होनहार छात्र पिकनिक पर गए थे और वहां यह हादसा हो गया। यह ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इस समय संस्थान और छात्रों के परिवारों पर क्या गुजर रही है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

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MP में अब पेट्रोल-डीजल नहीं गन्ने की मिठास से दौड़ेंगी गाड़ियां

भोपाल. सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने के बाद अब मध्य प्रदेश भी इस क्रांति में बडी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। आने वाले समय में प्रदेश की सडकों पर गाडियां पेट्रोल-डीजल से नहीं बल्कि खेतों में लहलहाने वाले गन्ने के रस से बने एथेनॉल से दौडती नजर आएंगी। भारत सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खुलने जा रहे है।
प्रदेश के इन जिलों को होगा फायदा
एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने की फसल और चीनी उत्पादन के बाद बचे उप-उत्पाद मोलासेस से तैयार होने वाला एक प्रकार का अल्कोहल है। मध्य प्रदेश का एक बडा हिस्सा गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है।

महाकौशल और निमाड क्षेत्रः नरसिंहपुर प्रदेश् का सबसे बडा गन्ना उत्पादक जिला, छिंदवाडा, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जैसे जिलों में गन्ने की बंपर पैदावार होती है।
मालवा और चंबल क्षेत्रः उज्जैन, धार और ग्वालियर-दतिया के बेल्ट में भी किसान बडे पैमाने पर गन्ना उगाते है। अब तक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए केवल चीनी मिलों या स्थानीय गुड और खांडसारी उद्योग पर निर्भर रहना पडता था जहां अक्सर भुगतान में देरी और सही दाम न मिलने की समस्या होती थी लेकिन एथेनॉल की मांग 100 प्रतिशत होने से अब गन्ने की सीधी खपत एथेनॉल प्लांटों में होगी।

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भारत के ऑपरेशन सिन्दूर के अटैक से पाकिस्तान हुई भारी तबाही, खत्म हो गया पाक का परमाणु ब्लफ का हुआ खुलासा

नई दिल्ली. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की जून 2026 में जारी नयी रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की रणनीतिक सुरक्षा में एक ऐतिहासिक बदलाव को उजागर किया है। मई 2025 में हुए भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान के उस परमाणु सुरक्षा कवच के भ्रम को तोड़ दिया है। जिसके पीछे वह दशकों से छिपाता आया था।
इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना और सेना ने सीधे पाकिस्तान क उन चुनिंदा एयरबेस और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। जो उसके परमाणु हथियारों के बुनियादी ढांचे से जुड़े माने जाते हैं। वैश्विक स्तर पर हथियारों और सैन्य सुरक्षा पर नजर रखने वाली संस्था सिपरी की इस आधिकारिक पुष्टि ने यह साफ कर दिया है कि भारत ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग की नीति को हमेशा के लिये ध्वस्त कर दिया है।
परमाणु हथियारों में भारत आगे
सिपरी की रिपोर्ट में केवल सैन्य टकराव ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के परमाणु हथियरों की संख्या के ताजा आंकड़े भी जारी किये गये हैं। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का परमाणु हथियरों का भंडार अब बढ़कर 190 वॉरहेड्स तक पहुंच गया है। जबकि इसके मुकाबले पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार है। भारत ने अपने परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम को चीन और पाकिस्तान दोनों की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए तेज किया है। जिसकी वजह पिछले एक वर्ष में भारत के बेड़े में 10 नये परमाणु हथियार शामिल हुए है। हथियारों की संख्या में बए़त ने भारत की रणनीतिक स्थिति के इलाके में और ज्यादा मजबूत बना दिया है।
साइबर वॉरफेयर का पहली बार खुला इस्तेमाल
सिपरी 2026 की रिपोर्ट में एक और बेहद आधुनिक पहलू का जिक्र किया गया है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली बार सक्रिय सैन्य संघर्ष के साथ-साथ ‘साइबर ऑपरेशन्स’ को भी पूरी तरह से शामिल किया था.88 घंटे चले इस संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य टकराव में पारंपरिक मिसाइल हमलों (जैसे ब्रह्मोस मिसाइल) के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी एक-दूसरे की सैन्य संचार प्रणालियों को ठप करने की कोशिशें की गईं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहले भी यह संकेत दिया था कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु डर के गुब्बारे को फोड़ दिया है. अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘सिपरी’ की स्वतंत्र रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आधुनिक दौर की जंग में भारत का पलड़ा हर मोर्चे पर भारी रहा है.

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बजरंग दल के नेता की हत्या के बाद बवाल, आगजनी, पत्थरबाजी, आरोपियों के घर का बुलडोजर गिराया, हत्या के 4 आरोपी गिरफ्तार

मौत की खबर फैलते ही भीड़ ने जगह-जगह पर आग लगा दी।
देहरादून. उत्तराखंड के देहरादून में हिन्दू-मुस्लिम पक्ष के बीच हुए विवाद में बजरंग दल से जुड़े युवक की हत्या के बाद विकासनगर के सहसपुर थाना इलाके के बैरागीवाला गांव में तनाव भड़क गया। आक्रोशित लोगों ने आरोपियों के घरों का आग के हवाले कर दिया है। जबकि कई जगह पथरिाव की घटनाये भी सामने आई है।
हालात विगड़ने पर प्रशासन ने एहतियातन इलाके में इंटरनेट सेवा बन्द कर दी थी। जिसे लगभग 3 घंटे के बाद फिर शुरू कर दिया गया। घटनास्थल पर कई थानों का पुलिस बल और पीएसी तैनात की गयी है। पुलिस ने हत्या के मामले में 12 नामजद और 30-35 अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अभी तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना के बाद प्रशासन ने आरोपियों के घर बुलडोजर से गिरा दिये है। फिलहाल बैरागीवाला गांव में भारी पुलिस बल तैना है। प्रशासन ने बताया है कि स्थिति काबू में है। हालांकि एहतियात के तौर पर दसुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गयी है।
पूरा विवाद…
खेत में पानी लगाने और पैसे को लेकर हुआ विवाद- विकासनगर के सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में एक विशेष समुदाय के परिवार और पीड़ित परिवार के बीच विवाद चल रहा था। मृतक के पिता के अनुसार, घटना से एक दिन पहले सेटरिंग के 14 हजार रुपए के लेन-देन को लेकर बातचीत हुई थी।
शनिवार शाम को जब उनके बेटे ने पैसे दिए, तो वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों को भड़काया गया। इसी दौरान खेत के कुलावे (ट्यूबवेल) से पानी डालने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।
एक की मौत, 3 घायल- हमले में सिर पर हथौड़ा लगने से विनोद कुमार की मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद रविवार सुबह इलाके में तैनाव फैल गया।
भारी तनाव और PAC- घटना के बाद सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है।

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