Author: Mahesh Jha

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भोपाल ATS ने आतंकी फराज और साथी नईम को पकड़ा

भोपाल. मध्य प्रदेश एटीएस ने राजधानी भोपाल से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया। फराज पर आरोप है कि वह 2047 तक देश में शरिया कानून लागू कराने के लिए नेटवर्क खड़ा कर रहा था। इसके लिए वह पाकिस्तान में बैठे हेंडलर्स के भी संपर्क में था।
उसकी गिरफ्तारी के बाद परिवार के सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए हैं। वह जिस क्लीनिक में 15 साल से काम कर रहा था था, वहां भी ताला लटका मिला।
15 वर्षों से भोपाल में रह रहा था
जानकारी के अनुसार फराज पिछले करीब 15 वर्षों से भोपाल के कांग्रेस नगर क्षेत्र में रह रहा था। वह खुशबू मेडिकल क्लीनिक में कंपाउंडर का काम करता था। क्लीनिक का संचालन डॉ. परवेज अली करते हैं। फराज अपने परिवार के साथ कांग्रेस नगर स्थित दो मंजिला मकान में रहता था।
घर और क्लीनिक बंद
शुक्रवार को एटीएस द्वारा गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उसके घर और क्लीनिक दोनों पर ताला मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक फराज की पत्नी पहले ही बच्चों के साथ कहीं चली गई थी। गिरफ्तारी के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी घर छोड़कर चले गए। हर मंगलवार को घर में कुरान क्लास भी आयोजित होती थी।
आतंकी नईम अब्दुल्ला से भी जुड़ाव
जांच में सामने आया है कि फराज का संबंध आतंकवादी नईम अब्दुल्ला से भी था। एटीएस ने नईम को भी गिरफ्तार किया है। नईम पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद की थी। भारत में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। उसने ही फराज को पाकिस्तानी हेंडलरों से मिलवाया था।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों की जांच
एटीएस ने अदालत से फराज का मोबाइल जब्त करने की अनुमति प्राप्त की है। मोबाइल की फोरेंसिक जांच कर उसके संपर्कों, गतिविधियों और नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। वह किन गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
2047 तक भारत में शरिया कानून का सपना
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फराज और उसके सहयोगी वर्ष 2047 तक देश में शरिया कानून लागू करने के विचार से प्रभावित थे। एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय स्रोतों और संभावित सहयोगियों की गहन जांच कर रही है।

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पाटलिपुत्र स्टेशन पर बवाल के बाद रेलवे का बड़ा एक्शन, 10 नई एग्जाम स्पेशल ट्रेन का ऐलान

पटना. ईस्ट सेंट्रल रेलवे के दानापुर रेलवे डिवीज़न ने बिहार पुलिस प्रोहिबिशन कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए 10 अतिरिक्त ‘एग्जाम स्पेशल’ ट्रेनें चलाने की आधिकारिक घोषणा की है। यह फैसला पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर उम्मीदवारों द्वारा किए गए भारी हंगामे और रेल रोको आंदोलन के बाद लिया गया है। स्टेशनों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ चलाने का फैसला किया है, ताकि छात्रों को यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो। अभ्यर्थियों की भीड़ बढ़ने पर ‘ट्रेन ऑन डिमांड’ रवाना करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

छात्रों ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर जमकर हंगामा किया। पुलिस को हालात काबू करने के लिए हवाई फायर करना पड़ा। - Dainik Bhaskar
10 एग्जाम स्पेशल ट्रेनों का ऐलान
ईस्ट सेंट्रल रेलवे के दानापुर डिवीजन ने कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए पहले दो स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया था, एक पटना जंक्शन से और दूसरी पाटलिपुत्र स्टेशन से। हालांकि, उम्मीदवारों द्वारा किए गए हंगामे के बाद दानापुर रेलवे डिवीजन ने अब रविवार को 10 अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। ये ट्रेनें रास्ते में पड़ने वाले सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकेंगी।
500 अज्ञात लोगों पर एफआईआर
इस बीच जिला प्रशासन और रेलवे पुलिस ने पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई हिंसा, तोड़-फोड़ और पुलिस बल पर पत्थरबाजी की घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों पर हमला करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक छह नामजद लोगों और 500 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हंगामे में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं। पहचान किए गए उपद्रवियों के खिलाफ रेलवे एक्ट औरगैर जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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सहायक कुल सचिव के कक्ष पर लिखा था चोर, NSUI छात्रनेता पर एफआईआर दर्ज

ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अधिकारियों के कक्षों और शासकीय संपत्ति पर आपत्तिजनक शब्द लिखने तथा कार्यालयीन कार्य में बाधा डालने के आरोप में विश्वविद्यालय पुलिस ने एनएसयूआई छात्रनेता राजवंश पंडित के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत सहायक कुलसचिव (प्रशासन) कुलदीप सिंह चौहान ने दर्ज कराई है। पुलिस ने छात्र नेता के खिलाफ बीएनएस की धारा 132 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में कुलसचिव ने बताया कि 9 जून की शाम लगभग 4:40 बजे राजवंश पंडित प्रशासनिक भवन स्थित सहायक कुलसचिव के कक्ष क्रमांक-110 के बाहर पहुंचा और दरवाजे पर काली स्याही से आपत्तिजनक टिप्पणियां लिख दीं। राजवंश ने खुद को किंग बताते हुए कक्ष के बाहर की दीवार पर “चोर” भी लिखा था। विवि प्रशासन का कहना है कि घटना के दौरान कई कर्मचारी काम छोड़कर बाहर निकल आए, जिससे कार्यालयीन कार्य प्रभावित हुआ। शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि आरोपी उन प्रतिबंधित कक्षों तक पहुंच गया, जहां विवि के दस्तावेज सुरक्षित रखे हैं और सामान्य लोगों का प्रवेश वर्जित है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर
शिकायत में उल्लेख किया है कि राजवंश पंडित का नाम पहले भी एक अन्य प्रकरण में सामने आ चुका है। प्रशासन के अनुसार विश्वविद्यालय में कार्यरत रहे कर्मचारी सुनील सिंह चौहान से जुड़े आगजनी के मामले में भी उनके खिलाफ पूर्व में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

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अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर नजर रखने के लिये 4 तहसीलों में बनाये कोटवार

मुरैना. अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और स्टोरेज पर नकेल कसने के लिये पुलिस और प्रशासन ने मिलकर सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर लोकेश जांगिड ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न गांवों के कोटवारों को विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा केक अनुरोध पर लिया गया है। ताकि ग्रामीण स्तर पर पुलिस और प्रशासन का सूचना तंत्र मजबूत हो सके। कलेक्टर ने पुलिस अधिनियम 1861 और मध्यप्रदेश कोटवार नियमों के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले की अम्बाह, जौरा, मुरैना और सबलगढ तहसीलों के चयनित ग्रामों को कोटवारों को यह विशेष जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
गश्त और निगरानी में पुलिस का करेंगे सहयोग
यह कोटवार केवल खनन रोकने तक ही सीमित नहीं रहेंगे। बल्कि गांव में अपराध और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करने का काम भी करेंगे। वह ग्रामीण इलाकों में खुफिया सूचनायें एकत्र करने के साथ-साथ पुलिस की निगरानी और गश्त में सहयोग करेंगे। जिससे इलाके में कानून और व्यवस्था बनी रहे।
मजबूत सूचना तंत्र से रुकेगा अवैध खनन
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के अनुसार, ग्राम स्तर पर कोटवारों की इस सक्रिय भागीदारी से एक बेहद मजबूत सूचना तंत्र विकसित होगा। इससे प्रशासन को अवैध खनन गतिविधियों की सटीक जानकारी सही समय पर मिल सकेगी। कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि जिले में अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।

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जिंदा मिसाइल के साथ भारत पहुंचा ऑयल टैंकर

नई दिल्ली. इंडियन नेवी ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह से कोच्चि आए एक ऑयल टैंकर से जिंदा मिसाइल को सुरक्षित निकालकर बड़ा समुद्री हादसा टाल दिया है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि 26 मई को ओमान तट के पास एमटी ओलम्पिक ऑयल टैंकर पर हमला हुआ था। इस शिप पर मार्शल आइलैंड का झंडा था। हमले के बाद मिसाइल का वारहेड फटा नहीं, बल्कि टैंकर के बाहरी हिस्से को भेदते हुए फ्यूल टैंक में जाकर फंस गया। टैंकर अरब सागर में करीब 2,000 किलोमीटर का सफर तय करके कोच्चि पहुंचा। 11 जून को इंडियन नेवी ने हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाकर मिसाइल वारहेड को बाहर निकाला।

ऑयल टैंकर के बाहरी हिस्से को भेदते हुए मिसाइल फ्यूल टैंक के अंदर जाकर फंस गई थी। - Dainik Bhaskar
हमले से तेल रिसा, फिर भी चलता रहा टैंकर
26 मई को ओमान की राजधानी मस्कट से करीब 1.8 किलोमीटर दूर टैंकर के बाएं हिस्से में पानी के पास धमाका हुआ था। हालांकि टैंकर का कामकाज देखने वाली कंपनी स्प्रिंगफील्ड शिपिंग ने कहा था कि किसी अज्ञात चीज ने टैंकर को टक्कर मारी है। बाद में टैंकर ने अधिकारियों को बताया कि उसके अंदर एक जिंदा मिसाइल वारहेड फंस गया है। धमाके के कारण टैंकर से कुछ तेल भी समुद्र में बह गया था। लेकिन टैंकर ने अपना सफर जारी रखा। इस बीच इंडियन नेवी को भी टैंकर में मिसाइल फंसे होने की जानकारी दी गई।
कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान ने विस्फोटक निष्क्रिय करने में माहिर एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल टीम को मौके पर भेजा। इस पूरे ऑपरेशन का को-ऑर्डिनेशन गुरुग्राम स्थित भारतीय नौसेना के इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन ने किया।

 

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जीवाजी विश्वविद्यालय का ऑक्सीजन ट्रैक बना डंपिंग यार्ड, लोग घरेलू कचरे से भरे बोरे दीवार के ऊपर से ट्रैक के भीतर फेंक रहे

ग्वालियर. जीवाजी विश्वविद्यालय परिसर में शहरवासियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए तैयार किया गया 2.40 किलोमीटर लंबा ऑक्सीजन ट्रैक अब असामाजिक तत्वों की लापरवाही और प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होता नजर आ रहा है। शहर के विभिनन इलाकों से लोग जहां सुबह-शाम सैर और व्यायाम के लिए इस ट्रैक पर पहुंचते है वहीं कुद लोग इसे डंपिंग यार्ड में तब्दील करने पर आमादा है।
लोग घरेलू कचरे से भरे बोरे दीवार के ऊपर से ट्रैक के भीतर फेंक रहे
स्थिति यह है कि विश्वविद्यालय परिसर की सात फीट से अधिक ऊंची बाउंड्री वॉल भी कचरा फेंकने वालों को नहीं रोक पा रही है। सड़क की ओर से लोग घरेलू कचरे से भरे बोरे और पोटलियां दीवार के ऊपर से ट्रैक के भीतर फेंक रहे हैं। इससे ट्रैक का प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित हो रहा है और यहां आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शराब की खाली बोतलें भी फेंकी जा रही
चिंताजनक बात यह है कि ट्रैक पर केवल घरेलू कचरा ही नहीं, बल्कि शराब की खाली बोतलें भी फेंकी जा रही हैं। कई स्थानों पर कांच की टूटी बोतलें बिखरी पड़ी हैं, जिससे मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक करने आने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑक्सीजन ट्रैक शहर के चुनिंदा ऐसे स्थलों में शामिल है, जहां लोग प्रकृति के बीच शुद्ध हवा का आनंद लेने पहुंचते हैं। बावजूद इसके, इसकी साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
कार्रवाई का आश्वासन
जेयू के जनसंपर्क अधिकारी विमलेंद्र राठौर ने बताया कि ट्रैक पर निगरानी के लिए सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। जो लोग परिसर में कचरा फेंकते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि जेयू प्रबंधन के ये आश्वासन जमीन पर कब उतरते हैं और शहर को स्वच्छ हवा देने वाला यह ऑक्सीजन ट्रैक दोबारा अपनी पहचान हासिल कर पाता है या नहीं।

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तिघरा जलाशय में दो छात्रों के डूबने की घटना, एक छात्र का शव मिला, दूसरे छात्र की खोज जारी

ग्वालियर, तिघरा जलाशय में गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों के डूबने की दुःखद घटना सामने आई है। घटना की सूचना मिलते पर प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी  मौके पर पहुँचे. साथ ही डेम में छात्रों को खोजने का  तेजी से ऑपरेशन शुरू किया गया।
प्रशासन द्वारा एसडीआरएफ की टीम व स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से जलाशय में दोनों छात्रों की तलाश के लिए सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। डूबने वाले छात्रों की पहचान आयुष श्रीवास्तव एवं गोपाल अग्रवाल के रूप में हुई है। दोनों छात्र एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र बताए गए हैं।
जिला प्रशासन द्वारा बचाव एवं खोज कार्य में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।  मेडिकल छात्र गोपाल अग्रवाल का शव मिल गया है। समाचार लिखे जाने तक दूसरे छात्र की तलाश जारी थी। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा खोज अभियान को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।

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भोपाल में नशीले कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़, 5 इनामी आरोपी गिरफ्तार

भोपाल. मध्य प्रदे श एसटीएफ को नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ बडी सफलता मिली है। टीम ने भोपाल के गांधीनगर स्थित पटेल सिटी में संचालित अवैध फैक्ट्री मामले में फरार चल रहे 5 इनामी आरोपियों को शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे नेटवर्क से अब तक करीब 2.5 करोड रुपए का मामल जब्त किया जा चुका है।


49 हजार से ज्यादा बोतले जब्त
एसटीएफ ने 28 से 29 मई की रात छापामार कार्रवाई कर पटेल सिटी स्थित फैक्ट्री का खुलासा किया था। यहां से 49920 ऑनरेक्स कफ सिरप की बोतलें बरामद हुई थीं। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर मुबारकपुर स्थित गोदाम से 23125 और नशीले सिरप की बोतलें जब्त की गई थीं।

सिरप बनाने में प्रयोग की गई मशीन भी जब्त की है।
आरोपियकी अलग-अलग जगहों से गिरफ्तारी
मामले में शामिल मुख्य आरोपी अर्जुन मालवीय 30 हजार इनाम आरोपी को बैतूल से, शिवांग टिटोरिया 20 हजार आनाम आरोपी को दिल्ली से, नीरज चेलानी 20 हजार इनाम आरोपी को इंदौर-भोपाल मार्ग से गिरफ्तार किया गया। वहीं सप्लाई नेटवर्क संभालने वाले नवाब खान और शरीफ खान को सीहोर से पकडा गया।

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यूएस-ईरान डील 14 जून को होगी, ट्रम्प का तुरंत खुलेगा होर्मुज ऑफ स्ट्रेट

नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है कि ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित समझौते पर 14 जून को हस्ताक्षर होने वाले है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों में एक ऐतिहासिक बदलाव करार देते हुए कहा है कि डील के बाद होर्मुज स्ट्रैट को तत्काल प्रभाव से खोल दिया जायेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि प्रस्तावित समझौते का सबसे अहम पहलू ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा है। उनके अनुसार यह डील इस बात की गारंटी देगी कि ईरान भविष्य में परमाणु हथियार नहीं बनायेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस समझौते को न्यूक्लीयर हथियार नहीं बनाने की दीवार बताया। उन्होंने कहा हैकि ईरान अब किसी भी माध्यम से परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ने कहा है कि समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार खरीदने, विकसित करने या किसी अन्य तरीके से हासिल करने की अनुमति नहीं होगी। उनका दावा है कि इस व्यवस्था से इलाके में स्थिरता बढ़ेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि समझौते पर हस्ताक्षर होने के तत्काल बाद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिये दोबारा खोल दिया जायेगा।

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पिकनिक मनाने गये जीआरएमसी के 2 छात्र तिघरा डैम में डूबे, किनारे पर मिले जूते और कपड़े, रेस्क्यू जारी

तिघरा डैम में रात तक रेस्क्यू चल रहा है।
ग्वालियर. तिघरा डैम के प्रतिबंधित जगली इलाके में शनिवार की शाम एक हादसा घटित हुआ है। यहां दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आये गजराराजा मेडीकल कॉलेज (जीआरएमसी)के 2 एमबीबीएस छात्र नहाने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में समा गये। घटना ‘‘वोट क्लब’’से लगभग 3 किमी दूर कच्ची पार इलाके की है। शनिवार की रात स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। लेकिन अभी तक दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं पाया है।
तिघरा डैम में डूबे 2 छात्रों में से एक बिहार के मुजफ्फजर व दूसरा मध्यप्रदेश के बीना का बताया जा रहा है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी तिघरा पहुंच गये।

सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस और मेडिकल कॉलेज के कई छात्र पहुंचे।
पिकनिक मनाने 8 दोस्तों का ग्रुप था
मेडीकल कॉलेज के 8 छात्र-छात्राओं का एक दल शहर से 35 किमी दूर तिघरा डैम पर पिकनिक मनाने गया था। इस ग्रुप में 4 छात्राये और 4 छात्र शामिल थे। यह सभी छात्र तिघरा के बोट क्लब से लगभग 3 किमी दूर कच्ची पार नामक एक सुनसान और जंगली इलाके में पहुंच गये। जहां पानी काफी गहरा है। आमतौर पर पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित है। यहां पहुंचने के बाद 6 छात्र-छात्रायें ऊपर की ओर पिकनिक स्पॉट पर रूककर आपस में बातचीत और खाने-पीने में व्यस्त थे। वहीं दो मेडीकल छात्र आयुष श्रीवास्तव और निवास मुजफ्फपुर बिहार और गोपाल अग्रवाल पुत्र विष्णु अग्रवाल निवासी बीना सागर मध्य्रप्रदेश नीचे पानी की ओर चले गये और नहाने के लिये डैम में उतर गये।
डैम के किनारे मिले जूते और कपड़े
पिकनिक मना रहे बाकी साथियों को काफी देर तक जब आयुष और गोपाल दिखाई नहीं दिये तो उन्हें चिंता हुई। साथियों ने उन्हें आवाज दी और आसपास ढूंढना शुरू किया। काफी तलाश करने के बाद कच्ची पार के पथरीले किनारे पर आयुष और गोपाल के जूते सलीके से रखे हुए मिले। किनारे पर जूते और कपड़े देखकर साथियों के होश उड़ गये। वह तत्काल समझ गये कि दोनों पानी में नहाने उतरे थे और अचानक गहरे पानी की ओर चले जाने की वजह से डूब गये ।छात्रों ने बिना समय गंवाये तत्काल तिघरा थाना पुलिस को घटना के संबंध में सूचना दी।
अंधेरे के बीच टॉर्च की रोशनी में शुरू हुआ रेस्क्यू
मामले की गंभीरता और हाईप्रोफाइल मेडिकल छात्रों से जुड़ा होने के कारण ग्वालियर सीएसपी कृष्ण पाल सिंह और तिघरा थाना प्रभारी शिवराम सिंह कंषाना भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फौरन आपदा प्रबंधन (SDRF) की टीम और तिघरा के स्थानीय कुशल गोताखोरों को आपातकालीन कॉल कर मौके पर तैनात किया।

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