भोपाल ATS ने आतंकी फराज और साथी नईम को पकड़ा
भोपाल. मध्य प्रदेश एटीएस ने राजधानी भोपाल से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आतंकी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह को गिरफ्तार किया। फराज पर आरोप है कि वह 2047 तक देश में शरिया कानून लागू कराने के लिए नेटवर्क खड़ा कर रहा था। इसके लिए वह पाकिस्तान में बैठे हेंडलर्स के भी संपर्क में था।
उसकी गिरफ्तारी के बाद परिवार के सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए हैं। वह जिस क्लीनिक में 15 साल से काम कर रहा था था, वहां भी ताला लटका मिला।
15 वर्षों से भोपाल में रह रहा था
जानकारी के अनुसार फराज पिछले करीब 15 वर्षों से भोपाल के कांग्रेस नगर क्षेत्र में रह रहा था। वह खुशबू मेडिकल क्लीनिक में कंपाउंडर का काम करता था। क्लीनिक का संचालन डॉ. परवेज अली करते हैं। फराज अपने परिवार के साथ कांग्रेस नगर स्थित दो मंजिला मकान में रहता था।
घर और क्लीनिक बंद
शुक्रवार को एटीएस द्वारा गिरफ्तारी के बाद शनिवार को उसके घर और क्लीनिक दोनों पर ताला मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक फराज की पत्नी पहले ही बच्चों के साथ कहीं चली गई थी। गिरफ्तारी के बाद परिवार के अन्य सदस्य भी घर छोड़कर चले गए। हर मंगलवार को घर में कुरान क्लास भी आयोजित होती थी।
आतंकी नईम अब्दुल्ला से भी जुड़ाव
जांच में सामने आया है कि फराज का संबंध आतंकवादी नईम अब्दुल्ला से भी था। एटीएस ने नईम को भी गिरफ्तार किया है। नईम पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद की थी। भारत में नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। उसने ही फराज को पाकिस्तानी हेंडलरों से मिलवाया था।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों की जांच
एटीएस ने अदालत से फराज का मोबाइल जब्त करने की अनुमति प्राप्त की है। मोबाइल की फोरेंसिक जांच कर उसके संपर्कों, गतिविधियों और नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे। वह किन गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
2047 तक भारत में शरिया कानून का सपना
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फराज और उसके सहयोगी वर्ष 2047 तक देश में शरिया कानून लागू करने के विचार से प्रभावित थे। एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क, उसके वित्तीय स्रोतों और संभावित सहयोगियों की गहन जांच कर रही है।

