तिघरा डैम में डूबे 2 छात्र जिसमें एक शव रात को दूसरे 19 घंटे बाद मिला शव

ग्वालियर. गजराराजा मेडीकल कॉलेज के एमबीबीएस सेकेंड ईयर के 2 स्टूडे़ट्स शनिवार की शाम तिघरा डैम में पिकनिक मनाने के दौरान पैर फिसलने से डूब गये थे। जहां लगभग 40-50 फीट गहरे पानी में समा गये थें प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिये है। जिसमें एक शव रात को लगभग 11 बजे दूसरे शव सुबह गांव वालों ने खोज निकाला।
यह सभी बोट क्लब से लगभग 3 किमी दूर ‘कच्ची पार’’ इलाके में चले गये गये थे। जहां पर आम लोगों आवाजाही पर प्रतिबंध लगा हुआ है। शाम का लगभग 7 बजे आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पथरीले किनारे पर अचानक उनका पैर फिसल गया से संतुलन बिगड़ने की वजह से वह सीधे गहराई में चले गये।
परिवार का लाड़ला था गोपाल
मृतक छात्रों में से एक गोपाल अग्रवाल (बीना, सागर) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके जीजा प्रदीप अग्रवाल ने बताया- गोपाल अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा और सबका लाड़ला था। वह पढ़ाई में होशियार था। साल 2024 में पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने ग्वालियर आया था।
पिता कोई खास काम नहीं करते थे, इसलिए बड़े भाई पीयूष ही उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रहे थे। गोपाल अकसर कहता था कि डॉक्टर बनकर वह भाई का सहारा बनेगा, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया। दूसरे मृतक छात्र आयुष श्रीवास्तव मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले थे। दोनों ही छात्रों के परिजनों को सूचना दे दी गई है और वे शव लेने ग्वालियर पहुंच चुके हैं।
यह मेडिकल कॉलेज के लिए बहुत बड़ी क्षति है-डीन
इस हादसे के बाद गजराराजा मेडिकल कॉलेज में शोक की लहर है। कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने दुख व्यक्त करते हुए कहा- यह बेहद दर्दनाक और दुखद घटना है। हमारे होनहार छात्र पिकनिक पर गए थे और वहां यह हादसा हो गया। यह ग्वालियर मेडिकल कॉलेज के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती। इस समय संस्थान और छात्रों के परिवारों पर क्या गुजर रही है, इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।

