भारत के ऑपरेशन सिन्दूर के अटैक से पाकिस्तान हुई भारी तबाही, खत्म हो गया पाक का परमाणु ब्लफ का हुआ खुलासा
नई दिल्ली. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (एसआईपीआरआई) की जून 2026 में जारी नयी रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की रणनीतिक सुरक्षा में एक ऐतिहासिक बदलाव को उजागर किया है। मई 2025 में हुए भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तान के उस परमाणु सुरक्षा कवच के भ्रम को तोड़ दिया है। जिसके पीछे वह दशकों से छिपाता आया था।
इस सैन्य अभियान के दौरान भारतीय वायुसेना और सेना ने सीधे पाकिस्तान क उन चुनिंदा एयरबेस और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है। जो उसके परमाणु हथियारों के बुनियादी ढांचे से जुड़े माने जाते हैं। वैश्विक स्तर पर हथियारों और सैन्य सुरक्षा पर नजर रखने वाली संस्था सिपरी की इस आधिकारिक पुष्टि ने यह साफ कर दिया है कि भारत ने पाकिस्तान की परमाणु ब्लैकमेलिंग की नीति को हमेशा के लिये ध्वस्त कर दिया है।
परमाणु हथियारों में भारत आगे
सिपरी की रिपोर्ट में केवल सैन्य टकराव ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के परमाणु हथियरों की संख्या के ताजा आंकड़े भी जारी किये गये हैं। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार भारत का परमाणु हथियरों का भंडार अब बढ़कर 190 वॉरहेड्स तक पहुंच गया है। जबकि इसके मुकाबले पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार है। भारत ने अपने परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम को चीन और पाकिस्तान दोनों की सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए तेज किया है। जिसकी वजह पिछले एक वर्ष में भारत के बेड़े में 10 नये परमाणु हथियार शामिल हुए है। हथियारों की संख्या में बए़त ने भारत की रणनीतिक स्थिति के इलाके में और ज्यादा मजबूत बना दिया है।
साइबर वॉरफेयर का पहली बार खुला इस्तेमाल
सिपरी 2026 की रिपोर्ट में एक और बेहद आधुनिक पहलू का जिक्र किया गया है. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों ने पहली बार सक्रिय सैन्य संघर्ष के साथ-साथ ‘साइबर ऑपरेशन्स’ को भी पूरी तरह से शामिल किया था.88 घंटे चले इस संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य टकराव में पारंपरिक मिसाइल हमलों (जैसे ब्रह्मोस मिसाइल) के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी एक-दूसरे की सैन्य संचार प्रणालियों को ठप करने की कोशिशें की गईं.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पहले भी यह संकेत दिया था कि भारत ने पाकिस्तान के परमाणु डर के गुब्बारे को फोड़ दिया है. अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘सिपरी’ की स्वतंत्र रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि आधुनिक दौर की जंग में भारत का पलड़ा हर मोर्चे पर भारी रहा है.

