न्यायिक जांच के आधार पर बड़ी कार्यवाही 6-7 पुलिस कर्मियों पर FIR दर्ज, पुलिस हिरासत में हुई थी देवा पारदी की मौत

गुना. पुलिस हिरासत में हुई देवा पारदी की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। इसमें म्याना थाने के अज्ञात 6-7 पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया है। इन पर गैर इरादतन हत्या, मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि 14 जुलाई को कनारी के रहने वाले देवा पारदी 25, पुत्र राधेष्याम पारदी की शादी होना तय थी। रविवार को उसकी बारात गांव से गुना शहर के गोकुल सिंह चक्क पर आने वाली थी। इस मामले की न्यायिक जांच की गई थी। कुछ दिन पहले ही न्यायिक जांच की रिपोर्ट SP कार्यालय भेजी गई थी। इसी जांच के आधार पर म्याना थाने में FIR दर्ज की गई है। SDOP युवराज सिंह चौहान को फरियादी बनाया गया है। म्याना थाने के 6- 7 अज्ञात पुलिसकर्मियों पर मामला दर्ज किया गया है। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105(गैर इरादतन हत्या), धारा 111(2)(मारपीट) और धारा 3(5)के तहत FIR दर्ज की गई है। SP संजीव कुमार सिंहा ने बताया कि न्यायिक जांच के आधार पर म्याना थाने में अज्ञात 6- 7 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है।
उसके हाथों में मेहंदी लगी हुई थी। घर में शादी की तैयारी चल रही थी। इसी बीची शाम को करीब 4.30 बजे पुलिस गांव में पहुंची और किसी डकैती के संबंध में देवा और उसके चाचा गंगाराम को उठाकर ले आयी। जिस ट्रैक्टर से देवा की बारात जानी थी। उसी ट्रैक्टर से पुलिस दोनों को पूछताछ के लिये ले गयी।
छेवा की चाची और गंगाराम पारदी की पत्नी सूरज बाई ने बताया है कि पुलिस दोनों को उठाकर ले गयी। परिवार के लोग पुलिस चौकी पहुंचे, तब तक देवा जिन्दा था। पुलिस ने कहा है कि एक गाड़ी की बरामदगी करनी है। इसलिये उसे लेकर आये है। सूरजबाई ने बताया कि रविवार की देर रात को जिला अस्पताल से सूचना मिली कि एक पारदी युवक को पीएम रूम में लाया गया है और इसके बाद सभी इकट्ठे होकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पता चला कि पुलिस हिरासत में देवा की मौत हो गयी है।
कुछ ही समय में बड़ी संख्या में पारदी महिलायें जिला अस्पताल में इकट्ठे हो गयी। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में जिला अस्पताल में पहुंच गया। इसी बीच एक मिनी ट्रक से देवा पारदी की चाचाी, उसकी मंगेतर समेत अन्य महिलायें जिला अस्पताल पहुंची। उसकी मंगेतर ने अपने पूरे शरीर पर पेट्रोल या डीजल डाल लिया था। वह आत्मदाह की कोशिश करने लगी। इस दौरान पुलिस ने उसे पकड़ा और अस्पताल चौकी में बिठा लिया। कुछ ही देर में उसकी चाची सूरज बाई ने अपने ऊपर पेट्रोल या डीजल डालकर आग लगा ली। इसमें वह झुलस गयी। घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने आग को बुझाया। अगले दिन 15 जुलाई को मजिस्ट्रेट के पहुंचने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम किया गया। पीएम के बाद भारी पुलिस बल के साथ उसकी बॉडी को गांव के लिये रवाना किया जहां पर उसका अंतिम संस्कार किया गया।

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