CM शिवराज के बुलावे से मंत्री बेचैन, राजनीतिक हलचल बढ़ी
भोपाल. प्रदेश के सभी मंत्रियों को रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल बुलाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से दो दिन पहले भेजे गए संदेश में उनसे कहा गया कि सभी जरूरी काम छोड़कर 19 फरवरी की सुबह 9 बजे तक भोपाल पहुंचे। मुख्यमंत्री के इस संदेश ने मंत्रियों को बेचैन कर दिया है, तो उनके समर्थकों की नींद भी उड़ा दी है।
विकास यात्राएं छोड़कर बुलावा आया
दरअसल, संदेश में यह नहीं बताया गया है कि उन्हें किस लिए बुलाया जा रहा है। कुछ लोग इसे विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में फेरबदल से जोड़कर देख रहे हैं क्योंकि पिछले दिनों मुख्यमंत्री दिल्ली की यात्रा पर थे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिलकर आए थे। बता दें कि शिवराज मंत्रिमंडल में चार और मंत्रियों के लिए जगह है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के अलावा मंत्रिमंडल में 30 मंत्री हैं। बेचैनी की एक वजह यह भी है कि प्रदेश में भाजपा की ओर से विकास यात्राएं निकाली जा रही हैं, उसे छोड़कर बुलावा आ गया। दरअसल, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसमें मंत्री, सांसद, महापौर, विधायक, जिला-जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्य, निकाय अध्यक्ष और पार्षदों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। यात्रा का नेतृत्व जिले के प्रभारी मंत्री कर रहे हैं।
इस दौरान ऐसे लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है, जो पात्र होते हुए भी वंचित रह गए हैं। ऐसे में मंत्रियों को बुलाया जाना, किसी के समझ नहीं आ रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की अटकल लंबे समय से चल रही हैं। विंध्य क्षेत्र के पार्टी नेता और विधायक इस बात से नाराज हैं कि मंत्रिमंडल में उनके क्षेत्र को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। तो निगम-मंडलों में भी स्थान नहीं मिलने से नेताओं में नाराजगी है।
