महाकालेश्वर अब कॉशी-अयोध्या की तर्ज हो रहा निर्माण, बढेंगी सुविधायें
उज्जैन. ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर का नया कॉरिडोर तैयार किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर 300 मीटर में बनेगा। जबकि महाकाल कॉरिडोर 900 मीटर क्षेत्र में तैया किया जा रहा है। यानि महाकाल कॉरिडोर काशी से भव्य बनेगा। 2 चरणों में हो रहे यात्रियों के लिये दर्शनीय क्षेत्र में निर्माण और सुविधायें विकसित करने पर 558 करोड़ रूपये खर्च किये जा रहे है।
पहले चरण में 310 करोड़ रूपये के महाकाल कॉरिडोर के कामों को 15 मई तक पूरा करने का टारगेट है। अधिकांश काम 80 प्रतिशत से अधिक पूरे हो चुके है। इन कामों से मंदिर परिसर 2 हेक्टेयर से बढ़कर 40 हेक्टेयर का हो जायेगा जिसमें रूद्रसागर सम्मिलित होगा। इसके बन जाने से यात्रियों को भगवान महाकालेश्वर के दर्शन सुरक्षित और आसान होंगे। प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और प्रबंधन में सुविधा होगी।
रुद्रसागर तट
पौराणिक रुद्रसागर में साफ पानी भरने का बंदोबस्त किया है। इसके किनारे एक घाट भी बनाया है, जहां यात्री बैठ कर रुद्रसागर के नजारे देख सकेंगे।
यात्री संकुल
रुद्रसागर के किनारे दो नए द्वार नंदी द्वार व पिनाकी द्वार के मध्य विकसित किए जा रहे यात्री संकुल में 20 हजार से ज्यादा यात्रियों का आवागमन हो सकेगा।
दर्शन कॉरिडोर
नंदी द्वार से 900 मीटर लंबा दर्शन कॉरिडोर बनाया गया है। 400 से ज्यादा वाहनों के पार्किंग क्षेत्र, धर्मशाला व अन्नक्षेत्र परिसर से यात्री सीधे नंदी द्वार में प्रवेश करेंगे।
खुला परिसर
मंदिर के आसपास से सभी भवन हटाए जा रहे हैं। श्रद्धालु दूर से ही शिखर दर्शन कर सकेंगे। आगे और पीछे की तरफ शिखर दर्शन क्षेत्र बनाया जा रहा है। परिसर क्षेत्र बढ़ेगा।
