ग्वालियर क्रेन हादसे में बड़ा खुलासा, फायर अफसर ने सुपर हाईड्रोलिक क्रेन पर ट्रैक्टर ड्राइवर को बैठाया था, उसे न क्रेन चलाने और न खड़ी करने का अनुभव था
ग्वालियर. ग्वालियर में सुपर हाइड्रोलिक क्रेन हादसे में एक बड़ा खुलासा हुआ है। घटना के समय क्रेन को विशेषज्ञ ड्राइवर नहीं, बल्कि टैंकर में लगने वाले ट्रैक्टर का चालक चला रहा था उसे क्रेन को चलाने और खड़ी करने का जरा भी अनुभव नहीं था। ट्रॉली में चढ़ने वाले भी ट्रेंड नहीं थे। ट्रैक्टर चालक क्रेन के हाइड्रोलिक जैक को ढंग से कस नहीं पाया और वजन बढ़ने पर क्रेन उखड़ गई। इस हादसे में 3 नगर निगम कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को हुए इस दर्दनाक हादसे में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने लापरवाही बरतने पर ट्रैक्टर ड्राइवर धर्मेन्द्र वर्मा, फायर ऑफिसर उमंग प्रधान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। नगर निगम भी हादसे की जांच अपने स्तर पर कर रहा है।
जानकारी के अनुसार जब झंडा की रस्सी बदलने का कॉल आया तो प्रभारी फायर ऑफिसर उमंग प्रधान ने टैंकर ट्रैक्टर चालक धर्मेन्द्र वर्मा को क्रेन लेकर जाने के लिए कह दिया। धर्मेन्द्र को क्रेन चलाने का न तो अनुभव था और न ही वह इतनी बड़ी क्रेन को चलाने के लिए योग्य था और यही हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी। वहां जाकर उसने गलत जगह क्रेन को पार्क किया। हाइड्रोलिक जैक भी जमीन पर पूरे फोर्स के साथ नहीं गाढ़ पाए। जब क्रेन की ट्रॉली पर लोड बढ़ा और वह लड़खड़ाने लगी तो चालक कंट्रोल नहीं कर पाया, जिससे हाइड्रोलिक जैक टूटकर उखड़ गए और यह हादसा हो गया। कोतवाली थाना पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में प्रभारी फायर ऑफिसर उमंग प्रधान, ट्रैक्टर चालक धर्मेन्द्र वर्मा पर लापरवाही की धारा लगाई गई है।
