मप्र कर्मचारियों को जुलाई वार्षिक इंक्रीमेंट देने की तैयारी, महंगाई भत्ता केन्द्र के रूख का इंतजार, एरियर का फैसला सीएम करेंगे
भोपाल. मप्र में कोरोना काबू में आने के बाद एक बार फिर निकाय चुनाव की आहट दस्तक देने लगी है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की इच्छा जुलाई में करीब 7 लाख कर्मचारियों को वार्षिक वेतनवृद्धि देने की हे। इसके संकेत वित्त विभाग में कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर फाइलों के मूवमेंट से मिल रहे है। पिछले वर्ष कोरोनासंकट की वजह से सरकार ने वेतनवृद्धि रोक ली थी लेकिन सीएम ने स्थिति सामान्य होते ही इसका फायदा देने की बात कही थी।
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री सचिवालय के मौखिक निर्देश के बाद वित्त विभाग ने कर्मचारियों को वर्ष 2020 की वेतनवृद्धि का एरियर देने की तैयारी भी कर ली है। लेकिन एरियर की राशि कैसे दी जायेगी। यह सीएम शिवराज सिंह चौहान तय करेंगे। इसी तरह महंगाई भत्ते को लेकर केन्द्र सरकार का रूख देकर निर्णय लिये जाने के संकेत मिले हैं।
वेतनवृद्धि की काल्पनिक गणना से लाभ दिया था
मप्र में नगरीय निकाय चुनाव व पंचायत के चुनाव कराये जा सकते है। इसे ध्यान में रख कर राज्य सरकार विकास पर फोकस करने के साथ ही कर्मचारियों को खुश करना चाहती है। पिछले वर्ष कोरोना की पहली लहर से सरकार की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से कर्मचारियों वार्षिक वेतनवृद्धि के भुगतान पर रोक लगा दी गयी थी। हालांकि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की वेतनवृद्धि की काल्पनिक गणना करते हुए लाभ दिया गया था।
कमलनाथ सरकार ने बढ़ाया था 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता, लेकिन मिला नहीं
मप्र के कर्मचारियों का अभी 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है इसमें 5 प्रतिशत वृद्धि कमलनाथ सरकार ने की थी लेकिन कोरोना संकट के कारण से इसके क्रियान्वयन पर रोक लगा दी गयी थी। मप्र के कर्मचारियों को 2019 से महंगाई भत्ते की देय किस्त नहीं मिली है। जबकि केन्द्रीय कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता का लाभा मिल रहा है।

