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ग्वालियर में रेमडेसिविर की कालाबाजारी में नागपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल की नर्स को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया

ग्वालियर. कोरोना महामारी में जीवन रक्षक दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी कांड में एसटीएफ को एक और सफलता मिली है। एसटीएफ की टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक प्राइवेट हॉस्पिटल से महिला नर्स संगीता को गिरफ्तार किया है। यह नर्स हॉस्पिटल की आड़ में रेमडेसिविर इंजेक्शन का रैकेट चला रही थी। इसका नाम एसटीएफ को 24 दिन पहले रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने सिवनी से ग्वालियर आए कमलेश्वर प्रसाद से मिला था। उसे यही इंजेक्शन उपलब्ध कराती थी। अब यह नर्स कहां से इंजेक्शन अरेंज करती थी यह एसटीएफ पता कर रही है।
नागपुर, बालाघाट व मंडला के कुछ अस्पताल कर्मचारियों के संपर्क में था
एसटीएफ ग्वालियर की टीम ने 24 दिन पहले 8 मई को ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रेमडेसिविर इंजेक्शन को ब्लैक में बेचने आए सिवनी के रघुनाथ कॉलोनी निवासी 43 वर्षीय कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 5 इंजेक्शन मिले थे। एसटीएफ की टीम ने ही सोशल मीडिया पर कस्टमर बनकर इसे फंसाया था। जब इससे पूछताछ की तो पता लगा कि वह इंजेक्शन की कालाबाजारी के रैकेट का एक मोहरा मात्र है। वह नागपुर, बालाघाट व मंडला के कुछ अस्पताल कर्मचारियों के संपर्क में था। वहीं उसको इंजेक्शन उपलब्ध कराते थे। कमलेश्वर प्रसाद के बारे में पता लगा था कि वह वर्ष 2018 में सिवनी से सपाक्स पार्टी से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका था उसने बालाघाट निवासी संगीता कुमारी का नाम एसटीएफ को बताया था साथ ही यह भी बताया था कि संगीता अभी महाराष्ट्र के नागपुर में एक मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बतौर नर्स पदस्थ है। वहीं पूरे रैकेट को चला रही है और उससे मिली टिप के बाद एसटीएफ की टीम ने नागपुर में दबिश देकर आरोपी नर्स को गिरफ्तार किया है। बुधवार को उसे ग्वालियर में लाकर कोर्ट में पेश किया और दो दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया है।

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